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Chandigarh News: अब मरीजों को मेडिकल रिकॉर्ड के लिए आरटीआई की जरूरत नहीं
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चंडीगढ़। पीजीआई में सामान्य इलाज से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड लेने के लिए अब मरीजों या उनके अधिकृत आवेदकों को आरटीआई के तहत आवेदन नहीं करना होगा। संस्थान ने मरीजों के अनुरोध और मेडिकल रिकॉर्ड कमेटी की सिफारिश पर सामान्य उपचार की फाइल सीधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
मरीज को वैध पहचान पत्र के साथ खुद आवेदन करना होगा। नाबालिग के मामले में अभिभावक या कानूनी वारिस आवेदन कर सकेगा। रिकॉर्ड तैयार करने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय रखा गया है। मेडिकल रिकॉर्ड विभाग से मिलने वाली हार्ड कॉपी सत्यापित होगी। इसकी फोटोकॉपी के लिए दो रुपये प्रति पेज शुल्क देना होगा।
हालांकि, मेडिको-लीगल और मृत्यु से जुड़े मामलों की मेडिकल फाइल पहले की तरह आरटीआई अधिनियम के तहत तय प्रक्रिया से ही उपलब्ध होगी। पीजीआई के इस फैसले से सामान्य उपचार से जुड़े रिकॉर्ड हासिल करने की प्रक्रिया मरीजों के लिए सरल होगी।
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मरीज को वैध पहचान पत्र के साथ खुद आवेदन करना होगा। नाबालिग के मामले में अभिभावक या कानूनी वारिस आवेदन कर सकेगा। रिकॉर्ड तैयार करने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय रखा गया है। मेडिकल रिकॉर्ड विभाग से मिलने वाली हार्ड कॉपी सत्यापित होगी। इसकी फोटोकॉपी के लिए दो रुपये प्रति पेज शुल्क देना होगा।
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हालांकि, मेडिको-लीगल और मृत्यु से जुड़े मामलों की मेडिकल फाइल पहले की तरह आरटीआई अधिनियम के तहत तय प्रक्रिया से ही उपलब्ध होगी। पीजीआई के इस फैसले से सामान्य उपचार से जुड़े रिकॉर्ड हासिल करने की प्रक्रिया मरीजों के लिए सरल होगी।
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