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Chandigarh News: पीजीआई में 100 रुपये के भुगतान के लिए डेढ़ घंटे परेशान रहा मरीज
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चंडीगढ़। पीजीआई में सोमवार को एक महिला मरीज को 100 रुपये (जांच शुल्क) जमा करने के लिए डेढ़ घंटे तक जद्दोजहद करनी पड़ी। मरीज के पास नकद रुपये नहीं थे, वह अपने साथ डेबिट कार्ड लेकर आई थी लेकिन पीजीआई की न्यू ओपीडी के काउंटर नंबर एक पर डेबिट कार्ड से जांच शुल्क का भुगतान लेने से इन्कार कर दिया गया। काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने कहा कि कार्ड से पेमेंट बंद है। नकद रुपये देने पर ही पंजीकरण होगा और जांच रसीद कटेगी। मरीज ने काफी अनुरोध किया लेकिन कर्मचारी ने एक नहीं सुनी। इसके बाद दोनों के बीच बहस भी हुई और काउंटर पर लगे कार्ड पेमेंट से संबंधित बोर्ड को हटाने पर तू-तू-मैं-मैं होने लगी। बोर्ड पर लिखा था कि हम सभी क्रेडिट व डेबिट कार्ड और यूपीआई भुगतान स्वीकार करते हैं। इसके बाद मरीज को घर जाकर नकदी लानी पड़ी तब जाकर उसकी रसीद कटी।
डड्डूमाजरा निवासी रनबीर कौर अपने पति देविन्दर सिंह के साथ पहली बार पीजीआई में इलाज कराने पहुचीं थीं। गाइनी की ओपीडी में दिखाने पर डॉक्टर ने एक जांच कराने को कहा। जांच के लिए काउंटर पर 100 रुपये का शुल्क जमा कर रसीद लेनी थी लेकिन इसके लिए रनबीर कौर और उनके पति के पसीने छूट गए। रनबीर ने बताया कि डॉक्टर को दिखाने में 15 मिनट लगे लेकिन पैसे जमा करने के लिए डेढ़ घंटे तक परेशान होना पड़ा।
देविन्दर का कहना है कि जब ऑनलाइन भुगतान का सिस्टम ही खराब है तो बड़ा से बोर्ड क्यों लगा रखा है। यहां मरीजों और उनके परिजनों को परेशान किया जा रहा है। देविन्दर ने बताया कि ओपीडी के बाहर लगा एटीएम भी खराब था। देविंदर ने कहा कि दो दोस्तों को भी फोन किया कि अगर वह पास में हों तो पैसे दे दें लेकिन बात नहीं बनी। अंत में घर जाकर 100 रुपये लाने पड़े।
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न्यू ओपीडी में डेबिट/क्रेडिट कार्ड से पैसे जमा करने की सुविधा उपलब्ध है। हो सकता है उस समय सर्वर डाउन हो या आईटी से जुड़ी कोई समस्या हो गई हो। इस शिकायत को संज्ञान में लेकर इसका कारण पता लगाया जाएगा।
कुमार गौरव, डीडीए व पीजीआई प्रवक्ता
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डड्डूमाजरा निवासी रनबीर कौर अपने पति देविन्दर सिंह के साथ पहली बार पीजीआई में इलाज कराने पहुचीं थीं। गाइनी की ओपीडी में दिखाने पर डॉक्टर ने एक जांच कराने को कहा। जांच के लिए काउंटर पर 100 रुपये का शुल्क जमा कर रसीद लेनी थी लेकिन इसके लिए रनबीर कौर और उनके पति के पसीने छूट गए। रनबीर ने बताया कि डॉक्टर को दिखाने में 15 मिनट लगे लेकिन पैसे जमा करने के लिए डेढ़ घंटे तक परेशान होना पड़ा।
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देविन्दर का कहना है कि जब ऑनलाइन भुगतान का सिस्टम ही खराब है तो बड़ा से बोर्ड क्यों लगा रखा है। यहां मरीजों और उनके परिजनों को परेशान किया जा रहा है। देविन्दर ने बताया कि ओपीडी के बाहर लगा एटीएम भी खराब था। देविंदर ने कहा कि दो दोस्तों को भी फोन किया कि अगर वह पास में हों तो पैसे दे दें लेकिन बात नहीं बनी। अंत में घर जाकर 100 रुपये लाने पड़े।
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न्यू ओपीडी में डेबिट/क्रेडिट कार्ड से पैसे जमा करने की सुविधा उपलब्ध है। हो सकता है उस समय सर्वर डाउन हो या आईटी से जुड़ी कोई समस्या हो गई हो। इस शिकायत को संज्ञान में लेकर इसका कारण पता लगाया जाएगा।
कुमार गौरव, डीडीए व पीजीआई प्रवक्ता