पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल सेक्शन ठप: हिमाचल में एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन, ट्रैक बाधित, नहीं चलेंगी 14 ट्रेनें
ट्रेनों के बंद होने की जानकारी न होने के कारण सुबह छह बजे बैजनाथ जाने के लिए यात्री कांगड़ा घाटी रेल सेवा के प्लेटफार्म नंबर-चार पर पहुंच गए। प्लेटफार्म पर ट्रेन न होने के कारण यात्रियों को लगा कि शायद ट्रेन लेट होगी। इसके बाद रेलवे ने शुक्रवार को ट्रेन रद्द होने की घोषणा कर स्थिति साफ की।
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पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेल सेक्शन पर एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन के कारण फिरोजपुर रेल मंडल ने ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया है। रेल सेक्शन ठप होने के कारण जहां यात्रियों को बसों में अब तीन गुना अधिक किराया खर्च करना पड़ेगा। वहीं पठानकोट के कारोबार पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। बता दें कि जोगिंद्रनगर रेल सेक्शन पर चलने वाली 14 ट्रेनों में से रात्रिकालीन छह ट्रेनों को रेलवे बीती एक जुलाई को बंद कर दिया था।
चक्की पड़ाव में उफान
हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण पठानकोट को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाला ब्रिज नंबर-32 (चक्की पड़ाव) पूरी तरह से उफान पर है। इसके अलावा ज्वालामुखी-कोपरलाहड़, गुलेर, आनंदपुर, भटोली, नगरोटा सूरियां व बैजनाथ सहित कई स्थानों पर पहाड़ियों का मलबा ट्रक के पास आ गया है।
मलबे को साफ करने के बाद ही नैरोगेज सेक्शन पर ट्रेनों का आवागमन होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर इसी प्रकार बारिश रही तो इसे हटाने में काफी समय लगेगा क्योंकि कर्मचारी जितना मलबा हटाएंगे, उतना ही दोबारा ट्रैक के पास आ जाएगा।
जानकारी न होने से स्टेशन पर पहुंचे यात्री
ट्रेनों के बंद होने की जानकारी न होने के कारण सुबह छह बजे बैजनाथ जाने के लिए यात्री कांगड़ा घाटी रेल सेवा के प्लेटफार्म नंबर-चार पर पहुंच गए। प्लेटफार्म पर ट्रेन न होने के कारण यात्रियों को लगा कि शायद ट्रेन लेट होगी। इसके बाद रेलवे ने शुक्रवार को ट्रेन रद्द होने की घोषणा कर स्थिति साफ की। पठानकोट रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेल ट्रैक को सुचारु रूप से चलाने के लिए मलबा हटाया जाएगा। बारिश के चलते दिक्कतें पेश आ रही हैं, जिस कारण समय लग सकता है। ट्रैक क्लीयर होने के बाद जो भी आदेश फिरोजपुर डिवीजन से मिलेंगे उनका पालन किया जाएगा।
दूसरे दिन भी होती रही बारिश
गुरदासपुर में लगातार दूसरे दिन भी मौसम खराब रहा। दिन भर रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश से ठंड का अहसास हुआ। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश होने की भविष्यवाणी की है। गुरुवार से अचानक मौसम में परिवर्तन आया है। पूरे दिन और रात में रुक-रुककर बारिश होती रही। यही हाल शुक्रवार को भी रहा। आसमान पर बादल छाए रहे। बारिश व हवा की वजह से मौसम ठंडा हो गया है। मौसम में हुए बदलाव को लेकर किसान खुश हैं, क्योंकि धान की फसल को बारिश का पानी मिलने से किसानों की परेशानी को दूर कर दिया है, क्योंकि इससे पहले गर्मी और उमस के कारण फसल पीली पड़नी शुरू हो चुकी थी।
नहर टूटने से किसानों को भारी नुक्सान
अबोहर में सीतो रोड पर गांव काला टिब्बा के पास बीती रात मलूकपुरा माइनर में कटाव आ जाने से किसानों की फसलों में पानी भर गया। जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार गुरुवार को रात तेज बारिश के दौरान अचानक मूलकपुरा नहर में कटाव आ गया। यहां के किसान सुखमंदर सिंह, हरमेल सिंह और जगसीर सिंह ने बताया कि नहर का पानी उनके नरमा के खेतों में भर गया। इससे नरमा की फसल पूरी तरह से खराब होने की संभावना है।