1965 के शहीदों की विधवाओं के लिए सरकार का बड़ा ऐलान
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1965 के भारत-पाक युद्ध में शहीद सैनिकों की विधवाओं के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। उन्हें दो बड़ी सुविधाएं दी गई हैं। एक तो उनकी पेंशन बढ़ाई जाएगी, दूसरी वे अब बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी।
इसी प्रकार वीर नारियों को दिया जाने वाला यातायात भत्ता प्रति माह 150 से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया है। जंग की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर अमरकोट में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने यह घोषणा की।
इस मौके पर बादल ने कहा कि शिअद सरकार ने हाल ही में परमवीर चक्र विजेता को दी जाने वाली ग्रांट तीस लाख से बढ़ाकर दो करोड़, महावीर चक्र विजेता की ग्रांट बीस लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़, वीर चक्र से सम्मानित सैनिकों की ग्रांट 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का निर्णय किया है।
1965 के युद्ध में शहीद वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि
बादल ने कहा कि शहीद सैनिकों की एक्सग्रेशिया ग्रांट दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख और 75 प्रतिशत निशक्त हो जाने की सूरत में ग्रांट चार लाख कर दी गई है। शारीरिक रूप से पचास प्रतिशत निशक्तता की सूरत में यह भत्ता एक लाख से दो लाख रुपये किया गया है। समारोह में सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने जवानों की बहादुरी की प्रशंसा की।
पश्चिमी कमांड के ले. जनरल केजे सिंह ने कहा कि गांव आसल उताड़ की लड़ाई भारत की स्पष्ट जीत पाकिस्तानी सेना को करारा जवाब थी। यदि पाकिस्तानी सेना ने भविष्य में किसी प्रकार की चालाकी करने की कोशिश की तो भारतीय सेना द्वारा आसल उताड़ जैसा कड़ा जवाब दिया जाएगा।
समारोह में मुख्य संसदीय सचिव रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग प्रो. विरसा सिंह वलटोहा ने मांग की कि क्षेत्र के नवयुवकों को सेना में भर्ती के लिए कैंप खोले जाएं। उन्होंने बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र की सड़कों के रखरखाव और डिफेंस ड्रेन पर पुलों का निर्माण करने की मांग की।
समारोह के दौरान सीएम प्रकाश सिंह बादल, कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, जनमेजा सिंह सेखों, चुन्नी लाल भगत, विरसा सिंह वल्टोहा, पश्चिमी कमांड के ले. जनरल केजे सिंह ने गांव असाल ऊताड़ में जंग के हीरो अब्दुल हमीद और दूसरे शहीदों की समाधि पर फूल मालाएं अर्पित की।