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Chandigarh News: घायलों को बचाने की आड़ लेकर भागा था परमवीर, कार सवार युवती भी निशानेबाज
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चंडीगढ़। धनास-सारंगपुर मार्ग पर तेज रफ्तार बीटल कार से सात लोगों को रौंदने का आरोपी परमवीर सिंह हादसे के बाद चीखते-चिल्लाते हुए खून से लथपथ घायलों को बचाने के लिए एंबुलेंस बुलाने का नाटक कर भागने में सफल हुआ था। वह बड़ी चालाकी से बचावकर्ता बन गया ताकि भीड़ के प्रकोप से बच सके। पुलिस के हाथ एक वीडियो क्लिप लगी है, जिसमें वह घायलों को बचाने की गुहार लगाता दिख रहा है। वहीं, पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि परमवीर के साथ कार में सवार युवती भी निशानेबाज है और कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है। उधर, पुलिस ने रविवार को परमवीर सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इस दौरान आरोपी के वकील ने दावा किया कि परमवीर ने सरेंडर किया है। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपी को सारंगपुर थाना पुलिस ने आईआरबी कांप्लेक्स सारंगपुर से शनिवार शाम को गिरफ्तार किया था।
हादसा बुधवार शाम को हुआ था। आरोप है कि परमवीर सिंह ने तेज रफ्तार बीटल कार से धनास-सारंगपुर मार्ग पर सात लोगों को रौंद डाला। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि तीन घायलों का इलाज चल रहा है और एक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। रविवार दोपहर आरोपी को पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर चार दिनों का रिमांड मांगा। पुलिस ने दलील दी कि आरोपी फरार होने के दौरान किन लोगों के संपर्क में था और कहां-कहां छिपा था, यह पता लगाना है। हादसे के समय क्या उसने कोई नशा कर रखा था, इसकी भी पड़ताल करनी है। वहीं पुलिस घटना के चश्मदीदों से आरोपी की शिनाख्त भी करवा सकती है।
वहीं, बचाव पक्ष के वकील नवजीत सिंह बाजवा और सुनील सिंह गिल ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी की कार पुलिस के कब्जे में है और कुछ भी बरामद नहीं किया जाना है। पुलिस की दलील और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने आरोपी का दो दिन का रिमांड मंजूर किया। बता दें कि आरोपी चंडीगढ़ सेक्टर-32 के एसडी कॉलेज में प्रथम वर्ष का का छात्र है। बचाव पक्ष ने कहा कि 26 मई को उसके सेमेस्टर की परीक्षा है जिसके लिए उसे परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। इस अर्जी पर पुलिस सोमवार को अपना जवाब पेश करेगी। आरोपी पंचकूला सेक्टर-21 का रहने वाला है।
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उधर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी परमवीर सिंह ने पुलिस रिमांड के दौरान बताया कि हादसे के दौरान उसके सामने एक आवारा कुत्ता और दूसरी तरफ से अचानक मोटरसाइकिल आगे आ गई थी। इसके चलते उसकी गाड़ी मोटरसाइकिल से टकरा गई और गाड़ी के एयर बैग खुल गए। ऐसे में वह आगे देख नहीं पाया और गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे अन्य लोगों से टकराते हुए खड्डे में जा गिरी।
बैग में थी पिस्टल, जिसे लेने गई थी युवती
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी के साथ जो युवती थी वह भी एक शूटिंग खिलाड़ी (निशानेबाज) है। वह हादसे के तुरंत बाद बीटल कार से निकलकर भागी थी और कुछ देर बाद वापस लौटी और कार से अपना बैग लेकर गई। बैग में उसकी एयर पिस्टल थी। युवती 10 मीटर एयर पिस्टल श्रेणी में खेलती है। हादसे के बाद वह और आरोपी दोनों अलग हो गए थे। एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने बताया कि परमवीर ने जब बचावकर्ता का नाटक किया तो कुछ लोगों को छोड़कर बाकी किसी को यह पता ही नहीं चला कि कार परमवीर ही चला रहा था। जिन कुछ लोगों ने उसे कार से निकलते देखा वह घायलों को बचाने में जुट गए थे। ऐसे में परमवीर बड़ी चालाकी से सड़क की दूसरी तरफ से फरार हो गया था।
बीटल के पोलो कार के नाम पर पंजीकृत होने की भी जांच होगी
उधर, एसएसपी कंवरदीप कौर ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी मौके से कैसे फरार हुआ था। उसके साथ कौन लोग मौजूद थे और फरारी के दौरान वह कहां रहा। हादसे के वक्त कार में मौजूद युवती की भी तलाश की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी के रूट का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने आरोपी परमवीर सिंह को पनाह दी थी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के वक्त कार की गति जानने के लिए पुलिस इसकी तकनीकी जांच भी करवाएगी। इसके अलावा बीटल कार को पोलो के नाम से पंजीकृत करवाने की भी जांच की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया, तकनीकी सहयोग और लोगों की मदद से आरोपी की पहचान की। पुलिस की 15 टीमें दबिश दे रहीं थीं।
एक पीजीआई और दो घायल जीएमएसएच-16 में भर्ती
हादसे में घायल सात लोगों में से तीन की मौत हो चुकी है जबकि चार घायल हैं। घायलों में से एक पीजीआई और दो जीएमएसएच-16 में भर्ती हैं। मामले में थाना पुलिस ने बीटल कार नंबर पीबी23 जे 001 के चालक परमवीर सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 337 और 304 के तहत केस दर्ज किया है। मृतकों में राजमती देवी (52), बिमलेश (50) और मुस्तफा अली (23) शामिल हैं, तीनों ईडब्ल्यूएस कॉलोनी धनास के रहने वाले थे। वहीं, घायल धनास के दिलीप सोनी (22) व बॉबी (23) और तोगा गांव, मोहाली के कर्मजीत सिंह (55) का इलाज चल रहा है। बिमलेश की बहू नीलम (28) को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
हादसे की गंभीरता देखते घटनास्थल पर गया था चाचा
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी परमवीर ने लोगों को रौंदने के बाद एक स्कूटर सवार से लिफ्ट मांगी और सेक्टर-25 स्थित शूटिंग रेंज चला गया। इससे पहले उसने अपने पिता कमलजीत सिंह को हादसे के बारे में जानकारी दे दी थी। सूत्र बताते हैं कि उसके पिता ने उसे शूटिंग रेंज से पिक किया और सेक्टर-21 स्थित घर ले गए। आरोपी घबराया हुआ था। घर से चेकअप के लिए परिवार उसे सेक्टर-34 के हीलिंग हॉस्पिटल ले गया जहां उसके ताऊ और कुछ दोस्त भी पहुंचे थे। जब वह अस्पताल में था तो उसे दुर्घटना की गंभीरता का अंदाजा तक नहीं था। बाद में उसके ताऊ जसपाल सिंह ने हादसे वाली जगह जाकर मामले का पता किया। वहां पता चला कि सात लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं। इसके बाद परमवीर को जीरकपुर में भूमिगत करवा दिया गया। सूत्र बताते हैं कि आरोपी पुलिस के एक बड़े अफसर के बेटे व अपने मित्र के संपर्क में रहा था। गिरफ्तारी का दबाव पड़ने पर एक बड़े अफसर के सहयोग से आरोपी ने सरेंडर करने का मन बनाया।
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हादसा बुधवार शाम को हुआ था। आरोप है कि परमवीर सिंह ने तेज रफ्तार बीटल कार से धनास-सारंगपुर मार्ग पर सात लोगों को रौंद डाला। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि तीन घायलों का इलाज चल रहा है और एक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। रविवार दोपहर आरोपी को पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर चार दिनों का रिमांड मांगा। पुलिस ने दलील दी कि आरोपी फरार होने के दौरान किन लोगों के संपर्क में था और कहां-कहां छिपा था, यह पता लगाना है। हादसे के समय क्या उसने कोई नशा कर रखा था, इसकी भी पड़ताल करनी है। वहीं पुलिस घटना के चश्मदीदों से आरोपी की शिनाख्त भी करवा सकती है।
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वहीं, बचाव पक्ष के वकील नवजीत सिंह बाजवा और सुनील सिंह गिल ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी की कार पुलिस के कब्जे में है और कुछ भी बरामद नहीं किया जाना है। पुलिस की दलील और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने आरोपी का दो दिन का रिमांड मंजूर किया। बता दें कि आरोपी चंडीगढ़ सेक्टर-32 के एसडी कॉलेज में प्रथम वर्ष का का छात्र है। बचाव पक्ष ने कहा कि 26 मई को उसके सेमेस्टर की परीक्षा है जिसके लिए उसे परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। इस अर्जी पर पुलिस सोमवार को अपना जवाब पेश करेगी। आरोपी पंचकूला सेक्टर-21 का रहने वाला है।
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उधर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी परमवीर सिंह ने पुलिस रिमांड के दौरान बताया कि हादसे के दौरान उसके सामने एक आवारा कुत्ता और दूसरी तरफ से अचानक मोटरसाइकिल आगे आ गई थी। इसके चलते उसकी गाड़ी मोटरसाइकिल से टकरा गई और गाड़ी के एयर बैग खुल गए। ऐसे में वह आगे देख नहीं पाया और गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे अन्य लोगों से टकराते हुए खड्डे में जा गिरी।
बैग में थी पिस्टल, जिसे लेने गई थी युवती
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी के साथ जो युवती थी वह भी एक शूटिंग खिलाड़ी (निशानेबाज) है। वह हादसे के तुरंत बाद बीटल कार से निकलकर भागी थी और कुछ देर बाद वापस लौटी और कार से अपना बैग लेकर गई। बैग में उसकी एयर पिस्टल थी। युवती 10 मीटर एयर पिस्टल श्रेणी में खेलती है। हादसे के बाद वह और आरोपी दोनों अलग हो गए थे। एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने बताया कि परमवीर ने जब बचावकर्ता का नाटक किया तो कुछ लोगों को छोड़कर बाकी किसी को यह पता ही नहीं चला कि कार परमवीर ही चला रहा था। जिन कुछ लोगों ने उसे कार से निकलते देखा वह घायलों को बचाने में जुट गए थे। ऐसे में परमवीर बड़ी चालाकी से सड़क की दूसरी तरफ से फरार हो गया था।
बीटल के पोलो कार के नाम पर पंजीकृत होने की भी जांच होगी
उधर, एसएसपी कंवरदीप कौर ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी मौके से कैसे फरार हुआ था। उसके साथ कौन लोग मौजूद थे और फरारी के दौरान वह कहां रहा। हादसे के वक्त कार में मौजूद युवती की भी तलाश की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी के रूट का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने आरोपी परमवीर सिंह को पनाह दी थी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के वक्त कार की गति जानने के लिए पुलिस इसकी तकनीकी जांच भी करवाएगी। इसके अलावा बीटल कार को पोलो के नाम से पंजीकृत करवाने की भी जांच की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया, तकनीकी सहयोग और लोगों की मदद से आरोपी की पहचान की। पुलिस की 15 टीमें दबिश दे रहीं थीं।
एक पीजीआई और दो घायल जीएमएसएच-16 में भर्ती
हादसे में घायल सात लोगों में से तीन की मौत हो चुकी है जबकि चार घायल हैं। घायलों में से एक पीजीआई और दो जीएमएसएच-16 में भर्ती हैं। मामले में थाना पुलिस ने बीटल कार नंबर पीबी23 जे 001 के चालक परमवीर सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 337 और 304 के तहत केस दर्ज किया है। मृतकों में राजमती देवी (52), बिमलेश (50) और मुस्तफा अली (23) शामिल हैं, तीनों ईडब्ल्यूएस कॉलोनी धनास के रहने वाले थे। वहीं, घायल धनास के दिलीप सोनी (22) व बॉबी (23) और तोगा गांव, मोहाली के कर्मजीत सिंह (55) का इलाज चल रहा है। बिमलेश की बहू नीलम (28) को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
हादसे की गंभीरता देखते घटनास्थल पर गया था चाचा
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी परमवीर ने लोगों को रौंदने के बाद एक स्कूटर सवार से लिफ्ट मांगी और सेक्टर-25 स्थित शूटिंग रेंज चला गया। इससे पहले उसने अपने पिता कमलजीत सिंह को हादसे के बारे में जानकारी दे दी थी। सूत्र बताते हैं कि उसके पिता ने उसे शूटिंग रेंज से पिक किया और सेक्टर-21 स्थित घर ले गए। आरोपी घबराया हुआ था। घर से चेकअप के लिए परिवार उसे सेक्टर-34 के हीलिंग हॉस्पिटल ले गया जहां उसके ताऊ और कुछ दोस्त भी पहुंचे थे। जब वह अस्पताल में था तो उसे दुर्घटना की गंभीरता का अंदाजा तक नहीं था। बाद में उसके ताऊ जसपाल सिंह ने हादसे वाली जगह जाकर मामले का पता किया। वहां पता चला कि सात लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं। इसके बाद परमवीर को जीरकपुर में भूमिगत करवा दिया गया। सूत्र बताते हैं कि आरोपी पुलिस के एक बड़े अफसर के बेटे व अपने मित्र के संपर्क में रहा था। गिरफ्तारी का दबाव पड़ने पर एक बड़े अफसर के सहयोग से आरोपी ने सरेंडर करने का मन बनाया।