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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि चमकाने की जुगत में पंजाब यूनिवर्सिटी, पुराने छात्रों की लेगी मदद
Tue, 29 Dec 2020 01:28 PM IST
निवेदिता वर्मा
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 29 Dec 2020 01:28 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी अपनी छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने के लिए पांच हजार से अधिक एलुमनी की मदद लेगा। यह एलुमनी 50 से अधिक देशों में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। कई बड़े पदों पर नौकरी कर रहे हैं तो कुछ ने अपनी कंपनियां शुरू कर ली हैं। पीयू ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। नए साल में पीयू इस कार्य में पूरी ताकत के साथ जुटेगी। इसका असर विश्व रैंकिंग पर भी दिखेगा।
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पंजाब यूनिवर्सिटी एनआईआरएफ और अटल रैकिंग में तो बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन वर्ल्ड रैंकिंग में बाजी नहीं मार पा रहा। हर बार विश्व रैंकिंग 600 से 800 ब्रैकेट के बीच ही आती है। इसमें उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं हो रहा। इसका प्रमुख कारण पीयू ने माना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनिवर्सिटी अपनी छाप नहीं छोड़ पा रही। परसेप्शन बेहतर नहीं हो पा रहा।
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निजी शिक्षण संस्थान कई माध्यमों के जरिए प्रचार-प्रसार करने में कामयाब हो रहे हैं। अब इसी को ध्यान में रखकर पीयू ने योजना तैयार की है कि परसेप्शन को बेहतर करने के लिए एलुमनी मदद कर सकते हैं। पीयू उन एलुमनी का डाटा और जुटा रही है जिनकी विदेशों में गहरी छाप रही है।
पीयू से हर साल चार हजार से अधिक विद्यार्थी पास आउट होते हैं। पिछले 50 साल में लगभग दो लाख एलुमनी यहां से निकले हैं। सबसे पावरफुल एलुमनी पीयू के यूबीएस, यूआईपीएस, यूआईईटी, फिजिक्स आदि विभागों से निकले हैं। इनकी संख्या लगभग दस हजार के आसपास बताई जा रही है। 150 से अधिक ऐसे एलुमनी हैं जो विदेशों में अपनी कंपनियां चला रहे हैं और विदेशी युवाओं को रोजगार दे रहे हैं।
विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले एलुमनी शिक्षकों की संख्या भी 200 से अधिक है। इनके अलावा कुछ इंजीनियर हैं तो कुछ अन्य पेशे में। पीयू का मानना है कि विदेशी शिक्षण संस्थानों में पीयू को अधिक से अधिक प्रवेश करवाना है। यह शिक्षक एलुमनी के जरिए संभव होगा। साथ ही युवाओं को रोजगार देने वाले एलुमनी से पीयू की उपलब्धियों को प्रचार-प्रसार करवाया जाएगा। यही नहीं विदेशी समाचार पत्रों में भी प्रचार-प्रसार हो, इसकी योजना बन रही है।
पीयू की विश्व रैंकिंग में सुधार हो रहा है। रैंकिंग आगे और बेहतर हो, इसके लिए एलुमनी आदि की भी मदद लेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीयू के परसेप्शन में और निखार जल्द नजर आएगा। - डॉ. आशीष जैन, निदेशक, आईक्यूएसी