नए साल पर धार्मिक संकट, हटा दिए जाएंगे पांचों जत्थेदार
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नए साल शुरू होते ही पंजाब में धार्मिक संकट खड़ा हो गया है। पंज प्यारों ने कल पांचों तख्तों के जत्थेदारों को हटाने की चेतावनी दे दी है।इससे जहां एसजीपीसी की नींद उड़ गई, वहां पंजाब में फिर धार्मिक संकट खड़ा हो गया।
अगर एसजीपीसी एक जनवरी को पांचों तख्तों के जत्थेदारों को नहीं हटाती तो पंज प्यारे गुरू मर्यादा पर चलते हुए 2 जनवरी को सिख कौम के नाम कोई नया आदेश जारी कर सकते हैं।
आदेश कहीं एसजीपीसी, अकाली दल और सिख कौम के लिए मुसीबत न बन जाए, इसके मद्देनजर एसजीपीसी ने एक जनवरी को यानी कल अंतरिम कमेटी की बैठक बुलाई है।
इसका खुलासा एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने किया। मालूम हो कि पंज प्यारों ने एसजीपीसी से 1 जनवरी तक सभी पांचों तख्तों के जत्थेदारों को उनके पद से हटाने को कहा है।
पंज प्यारे मर्यादा से बाहर जा रहे हैं: मक्कड़
वहीं, मक्कड़ ने फरमान की निंदा करते हुए कहा कि पंज प्यारे अपनी मर्यादा के बाहर जा रहे हैं। उनका काम सिर्फ अमृतपान करवाना है। वे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करके विवाद बढ़ा रहे हैं।
भविष्य में पंज प्यारे कोई बड़ा विवाद खड़ा न कर दें और इस समय जो धार्मिक हालात पंज प्यारों की चेतावनी के बाद बने हैं उसका हल निकालने के लिए ही एसजीपीसी की अंतरिम कमेटी यह बैठक बुलाई गई है।
मक्कड़ ने कहा कि इस मामले के हल के लिए एसजीपीसी की ओर से दमदमी टक्साल, सिख सभाओं, सिख संगठनों आदि की भी राय ली जा रही है। बदकिस्मती है कि पंज प्यारे अपनी जिम्मेवारी से दूर होकर विवाद बढ़ा रहे हैं।
एक अन्य सवाल के जवाब में मक्कड़ ने कहा कि सितंबर 2011 में हुए अमेरिकी हमले के बाद आज तक भी सिखों की पहचान को लेकर काफी विवाद है। इसके स्थायी हल के लिए एसजीपीसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राजदूत को हाल में पत्र भी भेजे हैं ताकि सिखों पर होते नस्लीय हमलों को रोका जाए।
एसजीपीसी पंज प्यारों पर क्या कोई सख्त एक्शन लेने के मूड में है या फिर पांच तख्तों के जत्थेदारों को हटाने पर विचार कर रही है, इसका जवाब देने से मक्कड़ टाल गए।