फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula police told High Court that accused opened their Jan Suvidha Kendra to create fake certificates

धोखेबाजों के हौसले बुलंद: फर्जी दस्तावेजों के लिए खोल दिया अपना ही जन सुविधा केंद्र, हाईकोर्ट भी हैरान

Tue, 23 Apr 2024 10:46 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 23 Apr 2024 10:46 AM IST
सार

मामला पंचकूला के एक समलैंगिक जोड़े से जुड़ा है। लड़की ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसकी प्रेमिका को उसके अभिभावकों ने हिरासत में रखा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने नाबालिग बताई लड़की के दस्तावेज जांचने का आदेश दिया था। इसी के बाद फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के बारे में खुलासे हो रहे हैं। 

विज्ञापन
Panchkula police told High Court that accused opened their Jan Suvidha Kendra to create fake certificates
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समलैंगिक जोड़े में से नाबालिग के फर्जी दस्तावेजों की जांच में पंचकूला पुलिस नए नए खुलासे कर रही है। अब पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि आरोपियों ने फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के लिए अपना जन सुविधा केंद्र तक खोल दिया। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि कैसे आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हो गए। पंचकूला पुलिस को हाईकोर्ट ने अब दस दिन में इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


काजल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अपनी प्रेमिका को उसके अभिभावकों की अवैध हिरासत में बताते हुए छुड़ाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस पर काजल की साथी को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। आदेश पर लड़की को पेश किया गया और लड़की की आयु को लेकर संदेह होने पर हाईकोर्ट ने उसके दस्तावेजों की जांच का आदेश दिया था। दस्तावेजों की जांच में खुलासा हुआ कि फर्जीवाड़ाकर दस्तावेज तैयार किए गए हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस को इस पहलू की जांच का आदेश दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट को पंचकूला पुलिस ने बताया कि जब जांच आगे बढ़ाई गई और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तो पुलिस भी हैरान हो गई। आरोपियों के पास एक वेबसाइट का लिंक था जिसके माध्यम से वे जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इसके बाद दस्तावेजों पर ऐसा बार कोड लगाया जाता था जो एक फर्जी वेबसाइट पर लेकर जाता है। इसे देखकर बताना बड़ा मुश्किल है कि यह असली है या नकली। आगे बताया गया कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के काम को चलाने के लिए अपना जन सुविधा केंद्र भी खोल लिया था। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि इनके हौसले इतने बुलंद कैसे हैं। कोर्ट ने अब पंचकूला पुलिस को जांच आगे बढ़ाने का आदेश देते हुए 10 दिन के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed