पहली बार बड़ा एक्शन: पंचकूला की विशेष एनआईए अदालत ने आतंकी रिंदा के चार सहयोगियों की सपंत्ति की जब्त
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हथियारों की ये खेफ भारत-पाक सीमा के पास पूर्व-निर्धारित स्थानों पर पहुंचाई गई। आगे की जांच से पता चला कि गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी करके बहुत पैसा कमाया था।
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आतंकवादी संगठनों के वित्त पर प्रहार करने की एक नई रणनीति के तहत पंचकूला की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने पाकिस्तान स्थित सूचीबद्ध आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के चार सहयोगियों की संपत्ति जब्त कर ली है। एनआईए ने कहा कि यह पहली बार है जब एजेंसी ने सक्रिय रूप से आतंकवादियों की संपत्तियों को आतंकवाद की आय के रूप में संलग्न करने के बाद गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 26 के तहत राज्य को जब्त करने की मांग की थी।
देश में आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने के लिए एनआईए की रणनीति में संपत्तियों को जब्त करना एक प्रमुख नया उपकरण है। यही वजह है कि एनआईए ने आतंकवादियों और उनके सहयोगियों के वित्तीय संसाधनों पर प्रहार करने की रणनीति अपनाई है। एनआईए पहले ही आतंकवादियों से जुड़ी कई संपत्तियों को जब्त कर चुकी है और विभिन्न अदालतों में उनकी जब्ती की प्रक्रिया चल रही है।
मौजूदा मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने एजेंसी के आवेदन को मंजूरी दे दी है। आवेदन में संपत्ति को जब्त करने की मांग की गई है। इसमें 7,80,000 रुपये नकद और एक टोयोटा इनोवा कार शामिल है। इसका इस्तेमाल आरोपियों ने हथियारों को ले जाने में किया था। पूरे भारत में गोला-बारूद, विस्फोटक और नशीले पदार्थ को इसी वाहन से पहुंचाया जाना था। मगर पांच मई 2022 को हरियाणा पुलिस ने तीन इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक (आईईडी), दो मैगजीन, एक पिस्तौल, 31 राउंड गोला बारूद समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में गुरप्रीत सिंह गोपी, अमनदीप सिंह उर्फ दीपा, परमिंदर सिंह उर्फ पिंदर और भूपिंदर सिंह शामिल है। इनके पास से 1.30 लाख रुपये की नकदी भी मिली थी।
आरोपी इनोवा कार से हथियारों की खेप को तेलंगाना के आदिलाबाद पहुंचाने जा रहे थे। कार में हथियार और नकदी छिपाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई कैविटी बनाई गई थी। 24 मई, 2022 को एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी।
मधुबन में थाने में दर्ज हुआ था केस
हरियाणा के मधुबन पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की विभिन्न धाराओं, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4 और 5 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ था कि चारों लोगों को हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की कई खेप मिली थी। इसे वांछित आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा ने ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से भारत भेजी थी।
गोपी ने हथियारों की तस्करी से खूब कमाई की
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हथियारों की ये खेफ भारत-पाक सीमा के पास पूर्व-निर्धारित स्थानों पर पहुंचाई गई। आगे की जांच से पता चला कि गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी करके बहुत पैसा कमाया था।
व्यापक जांच के बाद सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद 25 गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 के प्रावधानों के तहत इस साल 30 मार्च को एजेंसी ने इनोवा कार और 7,80,000 रुपये की नकद जब्त की थी। अब पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने उक्त संपत्ति को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 26 के तहत संपत्ति को इस आधार पर जब्त कर लिया है कि यह आतंकवाद की आय है।