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Chandigarh News: ग्रीन स्पेस में फ्लैट न देने पर पंचकूला के बिल्डर, निदेशकों को लगाया जुर्माना

Mon, 20 Oct 2025 12:29 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Oct 2025 12:29 AM IST
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Panchkula builder, directors fined for not providing flats in green space
शिमला। जिला उपभोक्ता आयोग ने पंचकूला के ग्रीन स्पेस परियोजना के बिल्डर और उनके निदेशकों को फ्लैट आवंटन में देरी के लिए ग्राहक को हर्जाना देने का आदेश दिया है। शिमला निवासी शिकायतकर्ता बलबीर सिंह जिष्टू ने ने फ्लैट के लिए 12,72,963 का भुगतान कर दिया था, लेकिन बिल्डर ने फ्लैट का कब्जा नहीं दिया। अब आयोग ने बिल्डर को फ्लैैट के कब्जे में देरी के लिए दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को मुआवजा सहित मानसिक पीड़ा और मुकदमेबाजी खर्च देने का भी आदेश दिया है।
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शिकायतकर्ता बलबीर सिंह जिष्टू ने आयोग में दावा किया कि उन्होंने पंचकूला में स्थित ग्रीन स्पेस परियोजना में फ्लैट के लिए 12,72,963 का भुगतान कर दिया, लेकिन बिल्डर ने फ्लैट का कब्जा समय पर नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने बार-बार संपर्क करने और कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद फ्लैट नहीं प्राप्त किया। विपरीत पक्ष ने दावा किया कि देरी कोविड-19 और सरकारी नीतियों के कारण हुई और शिकायतकर्ता ने भुगतान रोक दिया। हालांकि, आयोग ने बिल्डरों का बचाव खारिज कर दिया। आयोग ने निर्णय सुनाते हुए बिल्डरों को निर्देश दिया कि वे शिकायतकर्ता को 12,72,963 की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित मानसिक पीड़ा के लिए 30,000 और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 20,000 का भुगतान करें। आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है। डॉ. बलदेव सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बिल्डरों ने अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया और यह निर्णय उपभोक्ता हित में लिया गया है। संवाद
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यह है पूरा मामला
नई दिल्ली स्थित मेसर्स ग्रीन स्पेस इंफ्रा हाइट्स प्राइवेट लिमिटेड पंचकूला के सेक्टर-14 में वर्धमान ग्रीन स्पेस नामक एक आवासीय परियोजना विकसित कर रहे थे। इस परियोजना में इच्छुक व्यक्तियों को आवासीय फ्लैट खरीदने का अवसर दिया गया। शिकायतकर्ता ने 29 मई 2015 को फ्लैट के लिए आवेदन किया और 25 अगस्त को लकी ड्रॉ के माध्यम से फ्लैट नंबर 406 आवंटित हुआ। इसके बाद समझौता हुआ और 36 महीनों में भुगतान की शर्तें तय की गईं। शिकायतकर्ता ने कुल 12,72,963 का भुगतान कर दिया। हालांकि, बिल्डर ने फ्लैट समय पर नहीं सौंपा। शिकायतकर्ता ने कई बार संपर्क और 7 मई 2024 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन फ्लैट नहीं मिला। कोविड-19 महामारी के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच कोई समाधान नहीं निकला। आखिर में फ्लैट की डिलीवरी न होने के कारण यह शिकायत सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के तहत दर्ज करवाई।
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