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Chandigarh News: ग्रांट का 75 फीसदी से ज्यादा खर्च करने पर पंचायतों को मिलेगा अतिरिक्त पैसा
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- 743 पंचायतों को 25 फीसदी और ग्रांट दी जाएगी
- स्टेट कमीशन से 2600 करोड़ और केंद्रीय कमीशन से 2900 करोड़ रुपये पंचायतों को दिए थे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने उन 44 पंचायतों से जवाब मांग लिया है, जिन पंचायतों ने स्टेट कमीशन की 2022-23 की ग्रांट का एक भी पैसा खर्च नहीं किया था। वहीं, सरकार ने अब उन पंचायतों को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है, जिन पंचायतों ने अपनी ग्रांट का 75 फीसदी पैसा खर्च कर लिया था। इन्हें सरकार 25 फीसदी अतिरिक्त ग्रांट देगी। इसके लिए सरकार ने जिलानुसार पंचायतों की सूची तैयार की है। पूरे राज्य में करीब 743 ऐसी पंचायत हैं, जिन्होंने 2022-23, 2023-24 की मिली ग्रांट का 75 फीसदी से ज्यादा पैसा खर्च किया है। इनमें एक पंचायत समिति भी शामिल है।
सरकार का मानना है कि इन पंचायतों ने गांवों के विकास के लिए अपनी ग्रांट का उचित इस्तेमाल किया है। ऐसे में इन्हें अब और प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वह अपने गांवों का और विकास कर सकेंगे। सरकार को स्टेट फाइनेंस कमीशन की ओर से 22-23 और 23-24 के मिले 2600 करोड़ रुपये और केंद्रीय फाइनेंस कमीशन की ओर से 2900 करोड़ रुपये मिले थे। इस ग्रांट को गांवों के विकास के लिए पंचायतों को दिया था। इनमें से स्टेट फाइनेंस के 750 करोड़ रुपये और केंद्रीय फाइनेंस कमीशन का 650 करोड़ रुपये खर्च कर पाईं। पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने कहा कि जिन पंचायतों ने गांवों को आगे बढ़ाने का काम किया है, उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।
जानबूझकर गांव का विकास रोका, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी
पंचायत मंत्री ने बताया कि जिन पंचायतों ने ग्रांट खर्च नहीं की है। पहले उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। यदि जवाब संतोषजनक मिला तो उन्हें मौका दिया जाएगा। वहीं, जिन पंचायतों ने जानबूझकर गांवों का विकास रोका होगा तो उनके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है। गांवों का विकास करना उनकी जिम्मेदारी होगी।
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- स्टेट कमीशन से 2600 करोड़ और केंद्रीय कमीशन से 2900 करोड़ रुपये पंचायतों को दिए थे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने उन 44 पंचायतों से जवाब मांग लिया है, जिन पंचायतों ने स्टेट कमीशन की 2022-23 की ग्रांट का एक भी पैसा खर्च नहीं किया था। वहीं, सरकार ने अब उन पंचायतों को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है, जिन पंचायतों ने अपनी ग्रांट का 75 फीसदी पैसा खर्च कर लिया था। इन्हें सरकार 25 फीसदी अतिरिक्त ग्रांट देगी। इसके लिए सरकार ने जिलानुसार पंचायतों की सूची तैयार की है। पूरे राज्य में करीब 743 ऐसी पंचायत हैं, जिन्होंने 2022-23, 2023-24 की मिली ग्रांट का 75 फीसदी से ज्यादा पैसा खर्च किया है। इनमें एक पंचायत समिति भी शामिल है।
सरकार का मानना है कि इन पंचायतों ने गांवों के विकास के लिए अपनी ग्रांट का उचित इस्तेमाल किया है। ऐसे में इन्हें अब और प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वह अपने गांवों का और विकास कर सकेंगे। सरकार को स्टेट फाइनेंस कमीशन की ओर से 22-23 और 23-24 के मिले 2600 करोड़ रुपये और केंद्रीय फाइनेंस कमीशन की ओर से 2900 करोड़ रुपये मिले थे। इस ग्रांट को गांवों के विकास के लिए पंचायतों को दिया था। इनमें से स्टेट फाइनेंस के 750 करोड़ रुपये और केंद्रीय फाइनेंस कमीशन का 650 करोड़ रुपये खर्च कर पाईं। पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने कहा कि जिन पंचायतों ने गांवों को आगे बढ़ाने का काम किया है, उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।
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जानबूझकर गांव का विकास रोका, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी
पंचायत मंत्री ने बताया कि जिन पंचायतों ने ग्रांट खर्च नहीं की है। पहले उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। यदि जवाब संतोषजनक मिला तो उन्हें मौका दिया जाएगा। वहीं, जिन पंचायतों ने जानबूझकर गांवों का विकास रोका होगा तो उनके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है। गांवों का विकास करना उनकी जिम्मेदारी होगी।
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