कॉरिडोर पर पाक में तैयारियां जारी, भारत में हो रही राजनीति
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करतारपुर कॉरिडोर खोलने को लेकर पाकिस्तान ने जहां युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं वहीं भारत में इस मुद्दे को लेकर फिलहाल राजनीति ही हो रही है। पाकिस्तान में भारत-पाक सीमा से श्री गुरुद्वारा साहिब तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है जबकि भारतीय पंजाब में डेरा बाबा नानक इलाके में आधारभूत ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से जमीन का अधिग्रहण भी नहीं हो सका है। हाल ही में, पाकिस्तान पंजाब की सरकार ने पंजाब गवर्नर हाउस में एक सिख पवन सिंह अरोड़ा को जनसंपर्क अधिकारी नियुक्त करके यह संकेत दिया है कि पाकिस्तान उक्त कॉरिडोर को लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।
भारतीय पंजाब सरकार और सिख समुदाय की ओर से लंबे अरसे से करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग की जा रही थी। बीते साल यह मांग पूरी होने के बाद सिख समुदाय जहां उत्साह और खुशी से भर गया, वहीं कुछ ही माह में यह सारा मामला राजनीति का शिकार होकर रह गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बार-बार ये दावा कर रहे हैं कि कॉरिडोर के निर्माण का काम समय पर पूरा कर लिया जाएगा, वहीं केंद्र में मोदी सरकार पर कॉरिडोर के लिए फंड जारी नहीं करने का आरोप भी लगा रहे हैं।
कैप्टन सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि डेरा बाबा नानक में जमीन अधिग्रहण के लिए केंद्र सरकार की अनुमति और फंड की जरूरत है और इसके लिए वे दो बार केंद्र सरकार को रिमाइंडर भी भेज चुके हैं। यानी, जब तक केंद्र से फंड नहीं आएगा, पंजाब सरकार कॉरिडोर निर्माण का काम शुरू नहीं कर सकती। खास बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हाल में गुरदासपुर दौरे के दौरान डेरा बाबा नानक को स्मार्ट सिटी बनाने का एलान कर चुके हैं लेकिन यह सब कुछ महज घोषणा के रूप में ही चल रहा है। पंजाब सरकार द्वारा गठित डेरा बाबा नानक विकास प्राधिकरण के सदस्यों की नियुक्ति और प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र पर भी अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका है।
दूसरी ओर पाकिस्तान में कॉरिडोर की तैयारियों में जो तेजी दिखाई दे रही है, उससे यही प्रतीत हो रहा है कि कॉरिडोर खुलने की भारत को नहीं बल्कि पाकिस्तान को ज्यादा जल्दी है। पाक सरकार ने सड़क का निर्माण शुरू करने के साथ ही कॉरिडोर के रास्ते पाक पहुंचने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था संबंधी रूपरेखा भी तैयार कर ली है। पाक सरकार की फेडरल इंवेस्टीगेशन एजेंसी ने 14 प्वाइंट की एक रूपरेखा तैयार कर सरकार को सौंपी है, जिसे पाक सरकार द्वारा भारत को भेज दिया गया है। आश्चर्यजनक बात है कि भारत सरकार ने अभी पाक द्वारा भेजी गई रूपरेखा का कोई जवाब नहीं दिया है। अब पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर मोहम्मद सरवर के पीआरओ के रूप में ननकाना साहिब में जिला सूचना अधिकारी रहे पवन सिंह अरोड़ा को तैनात किया है, ताकि पाक पहुंचने वाले सिख श्रद्धालुओं को उनकी जरूरत के हिसाब से जानकारी मुहैया कराई जा सके।
भारत में मची है कॉरिडोर का श्रेय लेने की होड़
कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाक दौरे के बाद पाकिस्तान सरकार द्वारा करतारपुर कॉरिडोर खोलने की सहमति दिए जाने के बाद से भारत में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरदिंर सिंह इसका श्रेय अपने पूर्वजों के प्रयासों को दे रहे हैं तो अकाली दल अपने नेताओं द्वारा बार-बार यह मामला उठाए जाने को लेकर पीठ थपथपा रहा है। उधर, भाजपा कॉरिडोर खुलने का सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देने में ताकत झोंक रही है। स्वयं नरेंद्र मोदी भी खुद को सिखों का हितैषी बताते हुए कॉरिडोर खोलने का श्रेय ले रहे हैं।