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करतारपुर कॉरिडोरः पाकिस्तान ने शुरू की वीजा जारी करने की प्रक्रिया, 28 अक्टूबर से नगर कीर्तन
Mon, 16 Sep 2019 12:39 PM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 16 Sep 2019 12:39 PM IST
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करतारपुर साहिब
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पाकिस्तान दूतावास ने उन भारतीय सिखों को वीजा जारी करना शुरू कर दिया है, जो 28 अक्टूबर से करतारपुर साहिब तक जाने वाले नगर कीर्तन में शामिल होना चाहते हैं। दिल्ली से शुरू होकर नगर कीर्तन 31 अक्तूबर को गुरुद्वारा ननकाना साहिब भी पहुंचेगा।
पाकिस्तान में वाघा सीमा पर पहुंचने पर नगर कीर्तन का स्वागत पाकिस्तान पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार, पंजाब के राज्यपाल चौधरी मोहम्मद सरवर, धार्मिक मामलों के संघीय मंत्री पीर नूरुल हक कादरी और अन्य संघीय व प्रांतीय मंत्रियों का समूह करेगा। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने इसकी पुष्टि की।
इसके साथ ही पाकिस्तान ने नगर कीर्तन के लिए वीजा जारी करना शुरू कर दिया है। इस नगर कीर्तन के लिए कुछ 1500 वीजा जारी किए जाएंगे। अधिकतर वीजा के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सरना के अनुसार, पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उन्हें वर्ष 2018 में नगर कीर्तन की अनुमति दे दी थी।
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नगर कीर्तन से पहले उनके दो प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान का दौरा करेंगे। पहला प्रतिनिधिमंडल 20 सितंबर को और दूसरा 2 अक्टूबर को पाकिस्तान जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडलों को एक सप्ताह का वीजा दिया जाएगा। यात्रियों को 31 अक्तूबर से 14 नवंबर तक का वीजा दिया जाएगा।
सरना ने बताया कि कुछ हफ्ते पहले वह पाकिस्तान की यात्रा पर गए थे। उन्होंने वहां पंजाब के राज्यपाल, पंजाब के मुख्यमंत्री, धार्मिक मामलों के संघीय मंत्री, सेन मियां मीर फाउंडेशन के अन्य मंत्रियों और समितियों, हजरत दाता अली हजवेरी और हजरत बाबा फरीद को नगर कीर्तन का स्वागत करने के लिए न्योता दिया था।
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पाकिस्तान में वाघा सीमा पर पहुंचने पर नगर कीर्तन का स्वागत पाकिस्तान पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार, पंजाब के राज्यपाल चौधरी मोहम्मद सरवर, धार्मिक मामलों के संघीय मंत्री पीर नूरुल हक कादरी और अन्य संघीय व प्रांतीय मंत्रियों का समूह करेगा। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने इसकी पुष्टि की।
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इसके साथ ही पाकिस्तान ने नगर कीर्तन के लिए वीजा जारी करना शुरू कर दिया है। इस नगर कीर्तन के लिए कुछ 1500 वीजा जारी किए जाएंगे। अधिकतर वीजा के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सरना के अनुसार, पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उन्हें वर्ष 2018 में नगर कीर्तन की अनुमति दे दी थी।
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नगर कीर्तन से पहले उनके दो प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान का दौरा करेंगे। पहला प्रतिनिधिमंडल 20 सितंबर को और दूसरा 2 अक्टूबर को पाकिस्तान जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडलों को एक सप्ताह का वीजा दिया जाएगा। यात्रियों को 31 अक्तूबर से 14 नवंबर तक का वीजा दिया जाएगा।
सरना ने बताया कि कुछ हफ्ते पहले वह पाकिस्तान की यात्रा पर गए थे। उन्होंने वहां पंजाब के राज्यपाल, पंजाब के मुख्यमंत्री, धार्मिक मामलों के संघीय मंत्री, सेन मियां मीर फाउंडेशन के अन्य मंत्रियों और समितियों, हजरत दाता अली हजवेरी और हजरत बाबा फरीद को नगर कीर्तन का स्वागत करने के लिए न्योता दिया था।
करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को जारी होगा कॉरिडोर यात्रा कार्ड
पाकिस्तान अकाफ बोर्ड की एक बैठक चेयरमैन डॉ. आमिर एहमद के नेतृत्व में हुई। इसमें उन्होंने बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर के संचालन और अन्य मुद्दों पर हुई तीन बैठकों में कई बातों पर सहमति बन गई है।
13 सितंबर को देर शाम तक चली इस बैठक में अकाफ बोर्ड के अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच के उन मुद्दों पर चर्चा की, जिन पर सहमति बन गई है। इस बैठक में श्रद्धालुओं के लिए श्री ननकाना साहिब में बनाए जाने वाले टेंट विलेज के आकार पर भी चर्चा की गई।
बैठक में अकाफ बोर्ड के अधिकारियों को बताया गया कि भारत-पाकिस्तान के बीच इस बात की सहमति बन गई है कि करतारपुर कॉरिडोर से पांच हजार श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब पहुंचेंगे। पाकिस्तान सरकार इन श्रद्धालुओं को मुफ्त सेहत सुविधाएं और लंगर उपलब्ध करवाएगी।
पाकिस्तान सरकार करतारपुर साहिब आने वाले सभी श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले एक कॉरिडोर यात्रा कार्ड जारी करेगी। करतारपुर कॉरिडोर में पाकिस्तान की चेक पोस्ट में श्रद्धालु को अपना पासपोर्ट जमा करवाना होगा।
जब श्रद्धालु दर्शन करने के बाद लौटेगा तो चेक पोस्ट में ही उसका पासपोर्ट मिल जाएगा। पाकिस्तान सरकार यात्रियों को गुरुद्वारा श्री करतापुर साहिब तक ले जाने के लिए पिक-ड्राप की सुविधा भी देगी। डॉ. आमिर एहमद ने बताया कि भारत सहित दूसरे देशों से आने वाले पांच हजार श्रद्धालुओं के लंगर के लिए पाकिस्तान सरकार प्रति दिन 200 रुपये प्रति श्रद्धालु की हिसाब से खर्च करेगी। हर रोज लंगर के लिए दस लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। करेगी।
याद रहे कि भारत-पाकिस्तान की बीच तीसरे दौर की बैठक अटारी सड़क सीमा पर हुई थी। इस बैठक में पाकिस्तान सरकार ने प्रति श्रद्धालु 20 अमेरिकन डॉलर (1400 रुपये) वसूलने की मांग रखी थी। भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार की इस मांग का विरोध किया था।
इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार ने भारत सरकार की उस मांग का भी विरोध किया हुआ है, जिसमें कहा गया था कि श्रद्धालुओं के साथ एक प्रोटोकॉल अधिकारी को भेजने की भी अनुमति दी जाए। उम्मीद है कि इन दोनों मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों देशों की बीच निकट भविष्य में एक बैठक का आयोजन हो सकता है।
13 सितंबर को देर शाम तक चली इस बैठक में अकाफ बोर्ड के अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच के उन मुद्दों पर चर्चा की, जिन पर सहमति बन गई है। इस बैठक में श्रद्धालुओं के लिए श्री ननकाना साहिब में बनाए जाने वाले टेंट विलेज के आकार पर भी चर्चा की गई।
बैठक में अकाफ बोर्ड के अधिकारियों को बताया गया कि भारत-पाकिस्तान के बीच इस बात की सहमति बन गई है कि करतारपुर कॉरिडोर से पांच हजार श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब पहुंचेंगे। पाकिस्तान सरकार इन श्रद्धालुओं को मुफ्त सेहत सुविधाएं और लंगर उपलब्ध करवाएगी।
पाकिस्तान सरकार करतारपुर साहिब आने वाले सभी श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले एक कॉरिडोर यात्रा कार्ड जारी करेगी। करतारपुर कॉरिडोर में पाकिस्तान की चेक पोस्ट में श्रद्धालु को अपना पासपोर्ट जमा करवाना होगा।
जब श्रद्धालु दर्शन करने के बाद लौटेगा तो चेक पोस्ट में ही उसका पासपोर्ट मिल जाएगा। पाकिस्तान सरकार यात्रियों को गुरुद्वारा श्री करतापुर साहिब तक ले जाने के लिए पिक-ड्राप की सुविधा भी देगी। डॉ. आमिर एहमद ने बताया कि भारत सहित दूसरे देशों से आने वाले पांच हजार श्रद्धालुओं के लंगर के लिए पाकिस्तान सरकार प्रति दिन 200 रुपये प्रति श्रद्धालु की हिसाब से खर्च करेगी। हर रोज लंगर के लिए दस लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। करेगी।
याद रहे कि भारत-पाकिस्तान की बीच तीसरे दौर की बैठक अटारी सड़क सीमा पर हुई थी। इस बैठक में पाकिस्तान सरकार ने प्रति श्रद्धालु 20 अमेरिकन डॉलर (1400 रुपये) वसूलने की मांग रखी थी। भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार की इस मांग का विरोध किया था।
इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार ने भारत सरकार की उस मांग का भी विरोध किया हुआ है, जिसमें कहा गया था कि श्रद्धालुओं के साथ एक प्रोटोकॉल अधिकारी को भेजने की भी अनुमति दी जाए। उम्मीद है कि इन दोनों मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों देशों की बीच निकट भविष्य में एक बैठक का आयोजन हो सकता है।