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पाकिस्तान का नया कारनामा, टमाटर के बाद भारत की मिर्च पर लगाया बैन
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अटारी बार्डर (अमृतसर)
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:15 AM IST
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हरी मिर्च
- फोटो : File Photo
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पड़ोसी देश कितना ‘शरीफ’ है। इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। तीन महीने पहले पाकिस्तान ने भारतीय टमाटर पर इस लिए प्रतिबंध लगाया था क्योंकि उन्हें लगा कि भारत के लाल टमाटर खाने के योग्य नहीं है। लेकिन अब पाक को भारत के साथ व्यापार करने में इतनी मिर्च लगी कि हरी मिर्च पर प्रतिबंध लगा दिया। ऐसे में कानपुर के व्यापारियों को हरी मिर्च के कारोबार करने के लिए पाकिस्तान के साथ हुए एग्रीमेंट का भी ख्याल नहीं रखा और हरी मिर्च के लोड कई ट्रक वापस भेज दिए।
पाक हुकूमत ने कह दिया है कि भारतीय मिर्च खाने लायक नहीं। ऐसे में पाक ने उत्तर प्रदेश व राजस्थान के कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। इसके पहले 2017 में पड़ोसी देश ने भारतीय टमाटर व सोयाबीन के अलावा इंडियन मसालों व मूंगफली दाने को पाकिस्तान ने लेने से इंकार कर दिया था पाक का तर्क था कि भारत के तरफ से आ रही इन चीजों में बीमारी के कीटाणु हैं, यह खाने के लायक नहीं।
द फेडरेशन आफ करियाना एंड ड्राईफ्रूट कामर्शियल एसोसिएशन मजीठ मंडी के प्रधान अनिल मेहरा कहते हैं कि भारतीय खाद्य उत्पादों को अपने देश में प्रतिबंधित करना पाक की बुरी नीयत को दर्शाती है। मौजूदा में पाक की तरफ से एकतरफा कारोबार में सिर्फ पाक से सामान मंगवाया जा रहा है। अब मंथन का समय है और अगर पाक ही हमारे साथ कारोबार नहीं करना चाहता तो हमें भी इसका जवाब देना चाहिए। मेहरा ने बताया कि पाक सरकार ने अपने सेहत विभाग को पूरी तरह से डम्मी बना रखा और वाघा (पाक) रेलवे स्टेशन पर तैनाती इसी लिए की है कि भारतीय खाद्य उत्पादों पर न खाने लायक का ठप्पा लगा कर वापस भारत भेजा जाए।
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पाक हुकूमत ने कह दिया है कि भारतीय मिर्च खाने लायक नहीं। ऐसे में पाक ने उत्तर प्रदेश व राजस्थान के कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। इसके पहले 2017 में पड़ोसी देश ने भारतीय टमाटर व सोयाबीन के अलावा इंडियन मसालों व मूंगफली दाने को पाकिस्तान ने लेने से इंकार कर दिया था पाक का तर्क था कि भारत के तरफ से आ रही इन चीजों में बीमारी के कीटाणु हैं, यह खाने के लायक नहीं।
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द फेडरेशन आफ करियाना एंड ड्राईफ्रूट कामर्शियल एसोसिएशन मजीठ मंडी के प्रधान अनिल मेहरा कहते हैं कि भारतीय खाद्य उत्पादों को अपने देश में प्रतिबंधित करना पाक की बुरी नीयत को दर्शाती है। मौजूदा में पाक की तरफ से एकतरफा कारोबार में सिर्फ पाक से सामान मंगवाया जा रहा है। अब मंथन का समय है और अगर पाक ही हमारे साथ कारोबार नहीं करना चाहता तो हमें भी इसका जवाब देना चाहिए। मेहरा ने बताया कि पाक सरकार ने अपने सेहत विभाग को पूरी तरह से डम्मी बना रखा और वाघा (पाक) रेलवे स्टेशन पर तैनाती इसी लिए की है कि भारतीय खाद्य उत्पादों पर न खाने लायक का ठप्पा लगा कर वापस भारत भेजा जाए।
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पाक में टमाटर 350 रुपये किलो
हरी मिर्च
- फोटो : अमर उजाला
पाक में टमाटर 350 रुपये किलो
पाकिस्तान के साथ कई सालों से व्यापार करने वाले अमृतसर के व्यापारी मानव तनेजा कहते हैं कि पाकिस्तान के लोगों को भारतीय खाद्य पदार्थ सस्ते पड़ते हैं। मगर पड़ोसी देश की सरकार की गलत नीति का खामियाजा वहां के लोगों को भुगतना पड़ता है। पाक में भारतीय टमाटर 50 रुपये किलो पड़ता था, लेकिन चीन से मंगवा कर वहां 350 रुपये किलो तक बाजार में बेचा जा रहा है, इससे व्यापारियों का नुकसान हो रहा है।
पाक भारत से नहीं चीन से कर रहा है व्यापार
इंडो-पाक चेंबर ऑफ कामर्स के सचिव राजेश सेतिया कहते हैं कि पाक की कटूनीति है वो भारत से नहीं बल्कि चीन से व्यापार बढ़ा रहा है। भारत सरकार को पाक से रिश्ते तोड़ लेने चाहिए। जो व्यापारी देश भक्त है उसके लिए देश पहले और बिजनेस बाद में है।
पाकिस्तान के साथ कई सालों से व्यापार करने वाले अमृतसर के व्यापारी मानव तनेजा कहते हैं कि पाकिस्तान के लोगों को भारतीय खाद्य पदार्थ सस्ते पड़ते हैं। मगर पड़ोसी देश की सरकार की गलत नीति का खामियाजा वहां के लोगों को भुगतना पड़ता है। पाक में भारतीय टमाटर 50 रुपये किलो पड़ता था, लेकिन चीन से मंगवा कर वहां 350 रुपये किलो तक बाजार में बेचा जा रहा है, इससे व्यापारियों का नुकसान हो रहा है।
पाक भारत से नहीं चीन से कर रहा है व्यापार
इंडो-पाक चेंबर ऑफ कामर्स के सचिव राजेश सेतिया कहते हैं कि पाक की कटूनीति है वो भारत से नहीं बल्कि चीन से व्यापार बढ़ा रहा है। भारत सरकार को पाक से रिश्ते तोड़ लेने चाहिए। जो व्यापारी देश भक्त है उसके लिए देश पहले और बिजनेस बाद में है।