{"_id":"571934934f1c1bd4518b4e19","slug":"pakistan-and-china-created-terror-corridor-in-balochistan","type":"story","status":"publish","title_hn":"'पाक और चीन ने बलूचिस्तान में बनाया है आतंक कॉरिडोर'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'पाक और चीन ने बलूचिस्तान में बनाया है आतंक कॉरिडोर'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 22 Apr 2016 01:44 AM IST
विज्ञापन
फ्रीडम फाइटर डॉ. नेइला बलोच
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत सरकार अगर बलूचिस्तान की मदद करे तो वहां पर लोकतंत्र स्थापित हो सकता है। बलूचिस्तान पाक का हिस्सा नहीं है। यह अलग देश है। बलूचिस्तान को पाक के नियंत्रण से आजाद कराने की लड़ाई लड़ रहीं फ्रीडम फाइटर डॉ. नेइला बलोच वीरवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू हो रहीं थीं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अंग्रेजों ने अपने हितों को साधने के लिए बलूचिस्तान को आतंक का अड्डा बना दिया है। अगर इस लड़ाई में भारत सरकार उनकी मदद करे तो वहां लोकतंत्र स्थापित किया जा सकता है। पाक ने बलूचिस्तान पर कब्जा किया हुआ है। वह आए दिन वहां के नागरिकों का कत्ल करते हैं। यहां की संस्कृति को नष्ट करने में पाक चीन की मदद ले रहा है। पाक ने चीन से मिलकर जो व्यापारिक कॉरिडोर बलूचिस्तान में बनाया है, वह आतंक का कॉरिडोर है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पाक में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। पाक में अगर कुछ है तो वह है आतंक का कैंसर, जो तेजी से फैल रहा है। इसे रोकने के लिए भारत, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के साथ अन्य देशों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। पाक में अलकायदा, आईएसआईएस जैसे आदमखोर पाले जा रहे हैं। पाक चीन के साथ मिलकर अन्य देशों में आतंक को फैला रहा है और चीन बलूचिस्तान से गोल्ड माइनिंग कर अपने देश ले जा रहा है।
विज्ञापन
अगर भारत सेंट्रल एशिया की मार्केट में अपने उत्पादों को पहुंचाना चाहता है तो बलूचिस्तान की मदद कर चीन के उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई जा सकती है। वह शहीद भगत सिंह की नीति पर काम करना चाहती हैं। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू ने मदद की की बात कही थी। लेकिन इसके बाद आए अन्य प्रधानमंत्रियों से इस बारे में कभी वार्ता नहीं हुई।