पाकिस्तान की नई हरकत, पीएसजीपीसी से छीना श्री करतारपुर साहिब का प्रबंधन, अब ये संस्था देखेगी काम
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पाकिस्तान ने एतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब का प्रबंधन पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) से छीनकर एवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) को सौंप दिया है। पाकिस्तान सरकार द्वारा गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब को प्रोजेक्ट बिजनेस प्लान घोषित कर प्रबंधन के लिए नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में पीएसजीपीसी का कोई सदस्य शामिल नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की इमरान सरकार ने तीन नवंबर को एक अधिसूचना जारी की थी। इसके अनुसार पाकिस्तान सरकार की आर्थिक मामलों की कमेटी ने एक मसौदा तैयार किया था, जिसके अंतर्गत गठित की गई कमेटी को गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब पर प्रशासनिक नियंत्रण के साथ-साथ रखरखाव का अधिकार होगा। इस कमेटी को पीएमयू (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) श्री करतारपुर साहिब का नाम दिया गया है। यह एक स्व-वित्तपोषण निकाय होगा।
विभाजन के बाद किया गया था ईटीपीबी का गठन
ईटीपीबी पाकिस्तान सरकार की सांविधानिक संस्था है। इसका गठन विभाजन के बाद किया गया था। यह संस्था हिंदू और सिखों के उन धार्मिक ट्रस्टों का संचालन करती है, जो पाकिस्तान में हैं। इसके अलावा ईटीपीबी धार्मिक, शिक्षण संस्थाएं भी चलाती है। 1996 में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा साहिबान के रखरखाव के लिए पीएसजीपी का गठन किया था। उस समय भी एसजीपीसी ने पाकिस्तान सरकार का कड़ा विरोध किया था। पीएसजीपीसी के गठन के बाद एसजीपीसी का पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा साहिब में दखल पूरी तरह बंद हो गया था।
वहीं पीएसजीपीसी के गठन के बाद भी ईटीपीबी का गुरुद्वारा साहिब के संचालन में पूरा दखल रहा। ईटीपीबी पीएसजीपीसी के अध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्यों को मोहरा बना कर गुरुद्वारा साहिबान का अप्रत्यक्ष रूप से संचालन करती रही है। गुरु साहिबान के प्रकाश पर्वों को लेकर पीएसजीपीसी की जितनी भी बैठकें होती हैं, उनमें ईटीपीबी के अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद होते थे। पीएसजीपीसी के अध्यक्षों और कार्यकारिणी सदस्यों की नियुक्ति भी ईटीपीबी द्वारा की जाती है।