तीसरे साल चंडीगढ़ के खाते से गायब पद्म अवार्ड

मयंक मिश्रा / अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 27 Jan 2014 09:39 AM IST
padam awards chandigarh
यह शहर प्रतिभावान लोगों का है। सिटी ब्यूटीफुल में हर क्षेत्र में ऐसी शख्सियतें हैं जिनकी पहचान सिर्फ देश में ही नहीं पूरी दुनिया में है।

लेकिन, पद्म अवार्ड के लिए चंडीगढ़ की झोली पिछले तीन सालों से खाली है। चंडीगढ़ प्रशासन हर साल पद्म अवार्ड के लिए नाम प्रस्तावित करता है और शहर से एक दर्जन लोग अपने स्तर पर इस अवार्ड के लिए प्रयास करते हैं।

लेकिन, पिछले तीन सालों से चंडीगढ़ के खाते में अवार्ड नहीं आ रहा है। चंडीगढ़ के खाते में वर्ष 2011 में पीयू के इंडियन थिएटर विभाग की प्रोफेसर और रंगकर्मी नीलम मान सिंह चौधरी पद्म श्री अवार्ड के लिए चुनी गई थीं। वर्ष 2012 में चंडीगढ़ से किसी को पद्म अवार्ड नहीं मिला।

इससे पहले वर्ष 2010 में भी किसी को पद्म अवार्ड नहीं मिला था। 2010 से पहले 2004 में भी चंडीगढ़ से किसी को पद्म अवार्ड नहीं मिला था। 2005 से लेकर 2009 तक चंडीगढ़ के खाते में हर साल पद्म अवार्ड आया था।

पिछले साल चंडीगढ़ निवासी स्वर्गीय जसपाल भट्टी को मरणोपरांत पद्म भूषण अवार्ड देने की घोषणा हुई। लेकिन, यह अवार्ड चंडीगढ़ के खाते की जगह पंजाब के खाते से दिया गया। हालांकि तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने भट्टी का नाम प्रस्तावित किया था।

इस बार पीजीआई के एडवांस आई केयर सेंटर के प्रोफेसर आमोद गुप्ता को पद्म श्री अवार्ड के लिए चुना गया। लेकिन, यह अवार्ड भी चंडीगढ़ के खाते में न आकर हरियाणा के खाते में आया। डॉ.गुप्ता पंचकूला निवासी है। शहर में पले बढ़े क्रिकेटर युवराज सिंह का अवार्ड भी हरियाणा के खाते में ही गया है।

एक ही नाम भेजा उसे भी नहीं मिला
चंडीगढ़ प्रशासन ने इस साल एक ही नाम केंद्र सरकार को पद्म अवार्ड के लिए प्रस्तावित किया था। हालांकि शहर के एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने अपने स्तर पर भी पद्म अवार्ड कमेटी के पास नामांकन भिजवाए थे।

चंडीगढ़ प्रशासन ने इस साल पद्म पुरस्कार के लिए पांच नाम शार्टलिस्ट किए थे लेकिन प्रशासक शिवराज पाटिल ने इनमें से सिर्फ पीयू के फिजिक्स विभाग के एमिरेट्स प्रोफेसर एचएस हंस का नाम भी मंजूर कर पद्म अवार्ड कमेटी को भेजा था। पिछले साल प्रशासन ने पद्म अवार्ड के लिए नाम भेजने में देरी कर दी थी। इस वजह से प्रशासन की ओर से भेजे गए दो नामों पर पद्म अवार्ड कमेटी ने विचार ही नहीं किया था।

इन्हें मिल चुका है पदम पुरस्कार
चंडीगढ़ से अभी तक जिन्हें पद्म अवार्ड मिल चुका है, उनमें डॉ. जेएस ग्रेवाल (पद्मश्री), डॉ. आरके साबू (पद्मश्री), केएल जाकिर (पद्मश्री), डॉ. केके तलवार (पद्म विभूषण), हीरा लाल सिब्बल (पद्म भूषण), डॉ. एचएस चावला (पद्म श्री), डॉ. बीएन गोस्वामी (पद्म भूषण), डॉ. जेएस चोपड़ा (पद्म भूषण), प्रो. आरसी सोबती (पद्मश्री) और डॉ. केएस चुग (पदमश्री) शामिल हैं।

Spotlight

Most Read

Jharkhand

चारा घोटाले में तीसरी बार लालू दोषी करार, चाईबासा कोषागार मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला

चारा घोटाला मामले में रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट थोड़ी में फैसला सुनाएगी। स्पेशल कोर्ट जज एस एस प्रसाद इस मामले में फैसला देंगे।

24 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: चंडीगढ़ का ये चेहरा देख चौंक उठेंगे आप!

‘द ग्रीन सिटी ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर चंडीगढ़ में आकर्षक और खूबसूरत जगहों की कोई कमी नहीं है। ये शहर आधुनिक भारत का पहला योजनाबद्ध शहर है। लेकिन इस शहर को खूबसूरत बनाये रखने वाले मजदूर कैसे रहते हैं यह देख आप हैरान हो जायेंगे।

22 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper