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Chandigarh News: डेयरियों में पशुओं को दे रहे हैं ऑक्सीटोसिन, हाईकोर्ट हैरान

Wed, 24 Apr 2024 05:15 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2024 05:15 AM IST
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Oxytocin is being given to animals in dairies, High Court surprised
चंडीगढ़। शहर की 227 डेयरियों में मौजूद 3887 पशुओं के सर्वे के आधार पर सौंपी गई रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि ज्यादातर पशुओं को अधिक दूध के लिए ऑक्सीटोसिन का टीका लगाया जा रहा है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस पर हैरानी जताते हुए मामले को बेहद गंभीर मानकर पशुओं पर क्रूरता रोकने संबंधी दाखिल जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन, एसएसपी और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता जयरूप और इश्विता ने एडवोकेट गैरववीर सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि शहर की डेयरियों में पशुओं पर क्रूरता हो रही है। उन्होंने शहर की 227 डेयरियों में 3887 पशुओं का सर्वे किया था। इस सर्वे में पाया गया कि अधिकतर स्थानों पर पशुओं को बेहद दयनीय स्थिति में रखा गया है। डेयरियों में सफाई व्यवस्था का अभाव है और पशुओं के पीने के लिए साफ पानी तक मौजूद नहीं है। कुछ मामलों में तो पशुओं को दो फीट की रस्सी से बांधा गया था और उनके पास खड़े होने तक के लिए उचित स्थान नहीं था।
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सर्वे में जो बात सबसे ज्यादा चिंताजनक थी वह यह कि पशुओं को अधिक दूध के लिए ऑक्सीटोसिन टीका लगाया जाना। इस टीके को अधिकतर डेयरी वाले खुद ही लगाते हैं और इसके लिए बार-बार एक ही सिरिंज का इस्तेमाल होता है। याची ने बताया कि यह टीका पशुओं के लिए तो हानिकारक है ही, इसको लगाने के बाद निकाला गया दूध सेवन करने वालों की सेहत बिगाड़ सकता है।
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याची ने बताया कि मलोया में उनके सामने ऐसा ही एक मामला आया तो उसने पुलिस को कॉल किया। पुलिस ने आकर केवल खानापूर्ति की और एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद याची ने आरटीआई दाखिल की लेकिन उसका भी कोई लाभ नहीं हुआ। विभिन्न स्तर पर प्रयास के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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याची ने कहा कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का पालन शहर में न होने के कारण इस प्रकार डेयरी मालिक और गोशालाओं के संचालक पशुओं पर अत्याचार कर रहे हैं। याची ने अपील की कि पशुओं को क्रूरता से बचाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही गोशाला व डेयरियों का निरीक्षण किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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