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Chandigarh News: कपूरथला सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बंद, पंजाब सरकार से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कपूरथला सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट बंद होने के मामले पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार से जवाब तलब किया है। सुनैना ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए अस्पताल में प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की कमी के कारण प्लांट की कोर्ट को जानकारी दी थी। सुनैना ने खुद अदालत में पेश होकर दलील दी कि ऑक्सीजन प्लांट का बंद होना गंभीर मरीजों की जान के लिए खतरा है और यह राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की असफलता को दर्शाता है।
सीनियर मेडिकल ऑफिसर और अस्पताल प्रशासन की ओर से बार-बार स्वास्थ्य विभाग को लिखित शिकायत और अनुरोध करने के बावजूद प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई। मजबूरी में अस्पताल को ऑक्सीजन सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो आपात स्थिति में न तो स्थायी है और न ही भरोसेमंद।
कोर्ट को बताया गया कि हाल ही में जालंधर सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की कथित विफलता के कारण तीन मरीजों की मौत हो गई थी। यह घटना बताती है कि राज्य में लापरवाही और जवाबदेही की कमी है। याचिका में हाईकोर्ट से मांग की गई कि कपूरथला ऑक्सीजन प्लांट को तुरंत चालू कर प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की तैनाती की जाए। पंजाब भर में सभी ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का व्यापक ऑडिट किया जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रणालीगत सुधार किए जाएं।
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चंडीगढ़। कपूरथला सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट बंद होने के मामले पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार से जवाब तलब किया है। सुनैना ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए अस्पताल में प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की कमी के कारण प्लांट की कोर्ट को जानकारी दी थी। सुनैना ने खुद अदालत में पेश होकर दलील दी कि ऑक्सीजन प्लांट का बंद होना गंभीर मरीजों की जान के लिए खतरा है और यह राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की असफलता को दर्शाता है।
सीनियर मेडिकल ऑफिसर और अस्पताल प्रशासन की ओर से बार-बार स्वास्थ्य विभाग को लिखित शिकायत और अनुरोध करने के बावजूद प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई। मजबूरी में अस्पताल को ऑक्सीजन सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो आपात स्थिति में न तो स्थायी है और न ही भरोसेमंद।
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कोर्ट को बताया गया कि हाल ही में जालंधर सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की कथित विफलता के कारण तीन मरीजों की मौत हो गई थी। यह घटना बताती है कि राज्य में लापरवाही और जवाबदेही की कमी है। याचिका में हाईकोर्ट से मांग की गई कि कपूरथला ऑक्सीजन प्लांट को तुरंत चालू कर प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की तैनाती की जाए। पंजाब भर में सभी ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का व्यापक ऑडिट किया जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रणालीगत सुधार किए जाएं।
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