पंजाब: हर जिले में 514 रुपये में मिलेगा ऑक्सीमीटर, गोलगप्पे बेचने वाले को पांच लाख का अनुदान
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अब पंजाब के हर जिले में 514 रुपये में ऑक्सीमीटर मिलेगा। यह एलान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फेसबुक लाइव कार्यक्रम के दौरान किया। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिले में विक्रेता तय किए जाएंगे। जल्द ही इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विभाग की तरफ से स्वास्थ्य कामगारों के लिए यह ऑक्सीमीटर 514 रुपये की कीमत पर खरीदा जा रहा है और इन ऑक्सीमीटरों को अब नो लॉस नो प्राफिट के आधार पर आम लोगों के लिए भी मुहैया करवा दिया जाएगा।
रायकोट के एक निवासी ने सुझाव दिया कि सरकार की तरफ से हर घर में सस्ती कीमत पर ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर दिए जाने चाहिए, जिसके जवाब में कैप्टन ने बताया कि उनकी सरकार की तरफ से 50,000 कोविड केयर किटें फ्री बांटी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन किटों में ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर के अलावा अन्य जरूरी वस्तुएं भी शामिल हैं।
गुरदासपुर के एक निवासी के डर को दूर करते हुए कैप्टन ने कहा कि यदि वह कोरोना पॉजिटिव आ जाते हैं तो उनको अस्पताल में नहीं रखा जाएगा लेकिन घरेलू एकांतवास में रहने और अपने स्वास्थ्य पर निरंतर नजर रखते हुए देखभाल करने को कहा जाएगा। एक अन्य सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि घरेलू एकांतवास के लिए जरूरत पड़ने पर दवाएं दीं जाती हैं।
घरेलू एकांतवास की निगरानी करने वाली टीमें पॉजिटिव मरीजों के घर 10 दिनों में तीन बार दौरा करके स्वास्थ्य के बारे जांच करती हैं और मरीज की देखभाल करने वाले को अपेक्षित सलाह भी देती हैं। इन टीमों से तरफ से सलाह के मुताबिक थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, विटामिन -सी और जिंक की गोलियों की उपलब्धता भी पूछी जाती है। टीम की तरफ से मरीज के देखभाल करने वाले को फोन करके भी पूछा जाता है।
माइक्रोफोन से बोलते समय समागमों और भीड़ में क्या मास्क हटाए जा सकते हैं? पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार के सामाजिक जलसा में बिल्कुल ही शामिल न होने की सलाह दी गई है लेकिन यदि बहुत ही जरूरी हो तो हर समय सभी प्रोटोकाल का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
प्लाज्मा के लिए पैसा, हमारे सभ्याचार का हिस्सा नहीं : कैप्टन
खडूर साहिब के एक निवासी की तरफ से दिए गए सुझाव कि पंजाब सरकार की तरफ से आंध्र प्रदेश की तर्ज पर प्लाज्मा दान करने वालों को वित्तीय लाभ देना चाहिए, के बारे मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पंजाबी बहुत ही खुले दिल वाले हैं और कोई पंजाबी प्लाज्मा और खूनदान करने के एवज में पैसे क्यों लेगा, यह हमारे सभ्याचार का हिस्सा ही नहीं है।
कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का सवाल
एनएचएम वर्कर, 10 सालों से नाममात्र वेतन पर गुजारा कर रहे हैं, बावजूद इसके वह कोविड की जंग में अग्रणी योद्धा हैं, की एक विनती पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पहले ही राज्य में ठेके पर काम कर रहे मुलाजिमों को रेगुलर करने के मसले पर विचार करने के लिए एक कैबिनेट सब कमेटी गठित की हुई है। फरीदकोट के एक निवासी को ऐसा ही यकीन दिलाते हुए कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार स्वास्थ्य वर्करों खासकर जो कोविड की ड्यूटी निभा रहे हैं, की देखभाल के लिए वचनबद्ध है।
गोलगप्पे बेचने वाले को पांच लाख का अनुदान
कैप्टन ने अमृतसर से एक नौजवान के लिए पांच लाख के अनुदान का एलान किया है, जिसकी रोजी-रोटी कमाने के लिए सड़क किनारे गोलगप्पे बेचते वायरल हुई वीडियो ने हजारों लोगों के दिल को छू लिया। यह नौजवान एक व्यक्ति से पैसे लेने की पेशकश को यह कहते हुए ठुकरा देता है कि वह सिर्फ हाथों से मेहनत करके ही पैसा कमाना चाहता है।
एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने भी इस वीडियो को देखा है जो ‘पंजाबियत’ के जज्बे को प्रकट करती है। उन्होंने व्यक्ति की तरफ से दिए सुझाव कि राज्य सरकार द्वारा इस लड़के की मदद की जानी चाहिए, पर सहमति प्रकट करते हुए तुरंत पांच लाख रुपये का एलान किया।
कैप्टन ने कहा कि वह अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर को यह रकम ‘फिक्सड डिपॉजिट (एफडी) में निवेश करने के लिए कहेंगे और इसके ब्याज को इस लड़के की शिक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मैं इस नौजवान लड़के की हिम्मत से बहुत प्रभावित हुआ हूं।’