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रजिस्ट्रेशन-वेरिफिकेशन नहीं, फिर भी चंडीगढ़ के पेइंग गेस्ट खचाखच भरे

Sat, 23 Dec 2017 09:25 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 23 Dec 2017 09:25 AM IST
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Over 500 PG in Chandigarh are running without registration and police verification
- फोटो : File Photo
चंडीगढ़ में 500 से ज्यादा पेइंग गेस्ट (पीजी) बिना रजिस्ट्रेशन व पुलिस वेरिफिकेशन के चल रहे हैं। पुलिस-प्रशासन भी पीजी संचालकों पर कार्रवाई करने में कतरा रहा है। यूटी प्रशासन ने अगस्त 2006 में पेइंग गेस्ट के लिए पॉलिसी बनाई थी।
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समय के साथ इसमें कई संशोधन भी किए गए। पॉलिसी के मुताबिक शहर में साढ़े सात मरला या उससे ऊपर की कोठियों में ही पेइंग गेस्ट चलाया जा सकता है, जबकि शहर में कई लोग 5, 6 और 7 मरला के मकानों में पीजी चला रहे हैं। एस्टेट आफिस की ओर से भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पुलिस व प्रशासन की लापरवाही से शहर में अपराधियों को ठिकाना ढूंढने में भी मुश्किल नहीं होती।
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शहर के इन सेक्टरों में चल रहे पेइंग गेस्ट
शहर में इस समय 500 से अधिक पीजी हैं। केवल 20 पीजी ही एस्टेट ऑफिस में रजिस्टर्ड हैं। शहर के सेक्टर-15, 16, 7, 8, 10, 18, 19, 21, 35, 36, 37, 40, 42, 44 में सबसे ज्यादा पीजी हैं, जहां हजारों की तादाद में लोग रह रहे हैं। ज्यादातर पेइंग गेस्ट में अधिक मुनाफा कमाने के लिए एक ही रूम में चार से पांच बेड देकर स्टूडेंट्स से मोटी कमाई की जा रही है। पीजी संचालकों पर नियंत्रण चेक न होने से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
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अधिकांश पीजी में कॉलेज स्टूडेंट्स और कोचिंग सेंटरों में कोचिंग ले रहे स्टूडेंट्स रह रहे हैं। शहर की कॉलोनियों, हाउसिंग बोर्ड और चीप हाउस के मकानों तक में पीजी रखे जा रहे हैं। नियमों के अनुसार पीजी सुविधा शुरू करने से पहले इसका रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है, लेकिन प्रशासन के नियमों पर कोई अमल नहीं किया जा रहा है।

पीजी में पिछले दो साल में बढ़ी वारदातें

Over 500 PG in Chandigarh are running without registration and police verification
Chandigarh PG - फोटो : File Photo
शहर के पीजी में पिछले दो साल में बढ़ी वारदातें
6 नवंबर 2017
सेक्टर-16 के एक पेइंग गेस्ट (पीजी) में लड़कियों के बाथरूम में सीसीटीवी कैमरा पाया गया। शिकायतकर्ता लड़कियों ने पीजी संचालक के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। इस मामले में शिकायतकर्ता लड़कियों ने डीएसपी सेंट्रल राम गोपाल को शिकायत दी थी। इस मामले में इंक्वायरी मार्क की गई है, फुटेज की सीएफएसएल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसएसपी ने भी मामला संज्ञान में आने पर इसकी जांच डीएसपी सेंट्रल को सौंप दी थी।

3 दिसंबर 2017
चंडीगढ़ पुलिस के क्राइम ब्रांच ने सेक्टर-20 के एक पेइंग गेस्ट में रह रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया, जो 11 स्नैचिंग की वारदात में शामिल थे। पुलिस ने पीजी संचालक को बताया कि दोनों आरोपी युवक जालंधर पुलिस के क्राइम रिकॉर्ड में कई के सों में वांटेड हैं।

9 अगस्त 2015 को दो लोगों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने 9 अगस्त 2015 को सेक्टर-22 व 21 में दो लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन पीजी चलाने पर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सेक्टर-21 में एक कोठी में 44 छोटे कमरे बनाकर गैर कानूनी ढंग से चल रहे पीजी पर कार्रवाई की थी।

पीजी संचालकों पर चंडीगढ़ पुलिस का क्या कहना
चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक बिना रजिस्ट्रेशन शहर में चल रहे पीजी के मामले में दो साल के अंदर 24 मकान मालिकों के खिलाफ आईपीसी की धारा-188 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एस्टेट आफिस की ओर से बिना रजिस्ट्रेशन व पुलिस वेरिफिकेशन के चल रहे पेइंग गेस्ट को शोकाज नोटिस भेजकर कार्रवाई की जा रही है, जनवरी से सभी अवैध पीजी पर कार्रवाई की जाएगी। 
-मनोज खत्री, असिस्टेंट एस्टेट आफिसर

शहर में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे पीजी के खिलाफ पुलिस जल्द ही कार्रवाई करने जा रही है, सभी एसएचओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि अपने-अपने एरिया में चल रहे पीजी संचालकों की रिपोर्ट बनाकर दें, जो पीजी रजिस्टर्ड नहीं है या पेइंग गेस्ट का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 
-निलांबरी जगदाले विजय, एसएसपी, चंडीगढ़ पुलिस
 
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