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एक ऐसी संस्था जो न पैसे लेती है, न सामान... बस मकसद है एक-दूसरे को मिलाना
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चंडीगढ़। सेक्टर-26 स्थित बापूधाम में कोरोना के केस आने के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके को कंटेनमेंट जोन बना दिया। इसकी वजह से कई लोगों की नौकरियां चली गईं। कई परिवार अभी भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में इन परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए बापूधाम के युवाओं की युवा स्तंभ एनजीओ इन दिनों जरूरतमंद बच्चों तक किताबें, बैग व स्टेशनरी का सामान पहुंचा रहे हैं।
इस एनजीओ की खास बात यह भी है कि वह लोगों से पैसे व सामान लेने की बजाय डोनर को ही जरूरतमंद बच्चे को सामान देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। एनजीओ के प्रेसिडेंट उपेंद्र मौर्य ने बताया कि बापूधाम के किसी बच्चे की आर्थिक कारणों से पढ़ाई न छूटे, इसलिए उन्होंने 'पंख प्रोजेक्ट' की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के तहत वह बापूधाम के ऐसे बच्चों की पहचान करते हैं, जिनका परिवार लॉकडाउन की वजह से प्रभावित हुआ है। इसके बाद वह खुद जाकर वास्तविक स्थिति को देखते हैं।
उपेंद्र ने बताया कि डोनर के व्हॉट्सएप पर कई ग्रुप बनाए गए हैं, जहां पर बच्चे की पूरी जानकारी डाली जाती है और बच्चे जो जिस भी सामान की जरूरत होती है, उसे मुहैया कराने के लिए आग्रह किया जाता है। इसके अलावा सोशल मीडिया, फेसबुक व अन्य माध्यमों से विभिन्न लोगों तक बच्चे की जानकारी पहुंचाई जाती है। जो भी बच्चे को सामान पहुंचाने के लिए तैयार होता है, उसे आमंत्रित किया जाता है। बताया कि, अब तक सिर्फ बापूधाम में इस प्रोजेक्ट के तहत एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की मदद की जा चुकी है।
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मदद करने के बाद महीने के आखिर में बच्चे से करते हैं संपर्क: उपेंद्र
उपेंद्र मौर्य ने बताया कि वह किसी बच्चे की एक बार मदद करने के बाद भी उसके संपर्क में रहते हैं। महीने के आखिर में फोन कर बच्चे से पूछा जाता है। इस पूरे प्रोजेक्ट की को-ऑर्डिनेटर आरती गुप्ता हैं, जो सभी बच्चों की जानकारी एकत्रित करती हैं। अगर कोई बच्चा ज्यादा जरूरतमंद होता है तो उसके साल भर का खर्चा भी उठाया जाता है। उपेंद्र ने बताया कि कई बार डोनर चंडीगढ़ से बाहर होने की वजह से या अन्य कारणों से नहीं आ पाते हैं तो वह उनसे जरूरत का सामान लेकर बच्चों तक पहुंचाते हैं, लेकिन उनकी कोशिश होती है कि डोनर ही बच्चे कर सामान पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चे की जानकारी देने या फिर किताबें, बैग व स्टेशनरी आदि दान करने के लिए मोबाइल नंबर 9878612656 और 9878342464 पर संपर्क किया जा सकता है।
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इस एनजीओ की खास बात यह भी है कि वह लोगों से पैसे व सामान लेने की बजाय डोनर को ही जरूरतमंद बच्चे को सामान देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। एनजीओ के प्रेसिडेंट उपेंद्र मौर्य ने बताया कि बापूधाम के किसी बच्चे की आर्थिक कारणों से पढ़ाई न छूटे, इसलिए उन्होंने 'पंख प्रोजेक्ट' की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के तहत वह बापूधाम के ऐसे बच्चों की पहचान करते हैं, जिनका परिवार लॉकडाउन की वजह से प्रभावित हुआ है। इसके बाद वह खुद जाकर वास्तविक स्थिति को देखते हैं।
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उपेंद्र ने बताया कि डोनर के व्हॉट्सएप पर कई ग्रुप बनाए गए हैं, जहां पर बच्चे की पूरी जानकारी डाली जाती है और बच्चे जो जिस भी सामान की जरूरत होती है, उसे मुहैया कराने के लिए आग्रह किया जाता है। इसके अलावा सोशल मीडिया, फेसबुक व अन्य माध्यमों से विभिन्न लोगों तक बच्चे की जानकारी पहुंचाई जाती है। जो भी बच्चे को सामान पहुंचाने के लिए तैयार होता है, उसे आमंत्रित किया जाता है। बताया कि, अब तक सिर्फ बापूधाम में इस प्रोजेक्ट के तहत एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की मदद की जा चुकी है।
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मदद करने के बाद महीने के आखिर में बच्चे से करते हैं संपर्क: उपेंद्र
उपेंद्र मौर्य ने बताया कि वह किसी बच्चे की एक बार मदद करने के बाद भी उसके संपर्क में रहते हैं। महीने के आखिर में फोन कर बच्चे से पूछा जाता है। इस पूरे प्रोजेक्ट की को-ऑर्डिनेटर आरती गुप्ता हैं, जो सभी बच्चों की जानकारी एकत्रित करती हैं। अगर कोई बच्चा ज्यादा जरूरतमंद होता है तो उसके साल भर का खर्चा भी उठाया जाता है। उपेंद्र ने बताया कि कई बार डोनर चंडीगढ़ से बाहर होने की वजह से या अन्य कारणों से नहीं आ पाते हैं तो वह उनसे जरूरत का सामान लेकर बच्चों तक पहुंचाते हैं, लेकिन उनकी कोशिश होती है कि डोनर ही बच्चे कर सामान पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चे की जानकारी देने या फिर किताबें, बैग व स्टेशनरी आदि दान करने के लिए मोबाइल नंबर 9878612656 और 9878342464 पर संपर्क किया जा सकता है।