संत ढंढरियांवाले पर हमले के विरोध में भड़के समर्थक, लगाया जाम
बाबा रंजीत सिंह ढंढरिया वाले के काफिले पर हुए हमले और गोलीबारी में प्रचारक की मौत से भड़के समर्थक। दरअसल जिले के गांव इस्सोवाल में मंगलवार को आयोजित धार्मिक दीवान में हिस्सा लेने जाते समय बाबा रंजीत सिंह ढंढरिया वाले के काफिले पर हुए हमले और गोलीबारी में प्रचारक बाबा भूपिंदर सिंह की मौत से भड़के बाबा के समर्थकों ने बुधवार को समराला चौक पर जाम लगा दिया।
समर्थक शव को समराला चौक पर रखकर धरने पर बैठ गए। उधर, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बुधवार को बाबा रंजीत सिंह ढंढरियांवाले से मुलाकात कर उन्हें पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिया। उपमुख्यमंत्री ने हमले की घटना को गंभीरता से लेते हुए आईजी परमजीत सिंह उमरानंगल मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। विभिन्न दलों ने भी इस घटना की निंदा की है।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे रायकोट से कांग्रेसी विधायक गुरचरण सिंह बोपाराय के समर्थकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान कुछ शरारती तत्वों ने अलगाववादी नारे भी लगाए। इसे लेकर कुछ तनाव भी हुआ। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। जब एडीसीपी रैंक के अधिकारियों से प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए थे तो डीसीपी ध्रुमण निंबले को खुद मौके पर आना पड़ा।
उन्होंने पहले विधायक गुरचरण सिंह बोपाराय को अपनी कार में बैठाया और जाने लगे। वहां मौजूद लोगों ने उनकी कार भी रोक ली। डीसीपी ने वहीं पर कार रोकी और विधायक गुरचरण सिंह बोपाराय से बात की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को काबू कर रखा है। पुलिस जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लेगी। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
सुबह से ही अस्पताल में जुटने लगे समर्थक
डीएमसी अस्पताल से बुधवार की सुबह करीब पौने आठ बजे बाबा भूपिंदर सिंह का शव भारी सुरक्षा के बीच सिविल अस्पताल लाया गया। सुबह से ही सिविल अस्पताल में बाबा भूपिंदर सिंह के समर्थक जुटने लगे। रायकोट से कांग्रेसी विधायक गुरचरण सिंह बोपाराय भी अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ सिविल अस्पताल पहुंचे। कुछ देर बाद पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शव वारिसों के हवाले कर दिया।
हमला योजनाबद्ध : संत रणजीत
हमला पूरी तरह योजनाबद्ध था। हमलावरों ने उन्हें तो मार ही दिया था, लेकिन वे पिछली सीट पर बैठे होने के कारण बच गए। अगली सीट पर बैठे बाबा भूपिंदर सिंह की हत्या कर दी गई।
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बुधवार को बाबा रंजीत सिंह ढंढरियांवाले से मुलाकात की और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिया। धार्मिक प्रचारक पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है।
धर, उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने घटना की निंदा करते हुए आईजीपी परमजीत सिंह उमरानंगल को निर्देश दिए कि वह स्वयं मामले में हस्तक्षेप कर उचित जांच कराएं। उन्होंने कहा कि मामले के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि घटना में पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है और शेष को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।