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Chandigarh: दुनिया से जाते-जाते तीन को नई जिंदगी दे गया पंजाब का हरपिंदर, पत्नी के साहस को सलाम
Mon, 12 Jan 2026 06:39 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 12 Jan 2026 06:39 PM IST
सार
दुनिया से जाते-जाते पंजाब का हरपिंदर तीन मरीजों को नई जिंदगी दे गया। हरपिंदर के अंग तीन मरीजों को ट्रांसप्लांट किए गए हैं। ब्रेन डेड पति के अंगदान का फैसला उसकी पत्नी ने लिया।
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हरपिंदर सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब के रूपनगर जिले के आनंदपुर साहिब निवासी 40 वर्षीय हरपिंदर सिंह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। 6 जनवरी को उन्हें सिर में गंभीर चोट के साथ पीजीआई में भर्ती कराया गया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। तमाम प्रयासों के बावजूद 9 जनवरी को उन्हें ब्रेन स्टेम डेड घोषित किया गया।
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हरपिंदर की पत्नी नीतू कुमारी ने इस कठिन समय में साहसिक निर्णय लेते हुए अंगदान करने का फैसला लिया। इसके बाद उनके अंगों ने तीन गंभीर मरीजों को नई जिंदगी दी। पीजीआई में उनकी दोनों किडनियां दो मरीजों में प्रत्यारोपित की गईं, जबकि फेफड़ों को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से मुंबई स्थित सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल भेजा गया, जिससे एक अन्य मरीज का जीवन बचाया गया।
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पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि यह अंगदान करुणा और मानवता की सशक्त मिसाल है। रोटो नॉर्थ के नोडल अधिकारी प्रो. विपिन कौशल ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और संवेदनशील काउंसलिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
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यह पहला अंगदान केस 2026 में आशा की नई शुरुआत बनकर सामने आया है। पीजीआई ने लोगों से अपील की है कि मृत्यु के बाद अंगदान को जीवन देने वाले महान कार्य के रूप में अपनाएं। नीतू कुमारी के साहस और त्याग ने दुख को मानवता में बदलते हुए तीन परिवारों के लिए उम्मीद का नया सवेरा दिया।