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महादान: मनप्रीत ने चार लोगों की जिंदगी में बिखेरी खुशियां, ब्रेन डेड होने के बाद परिजनों ने किया अंगदान
Wed, 05 Jul 2023 02:24 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 05 Jul 2023 02:24 PM IST
सार
पीजीआई नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर एचएस कोहली ने बताया कि जिन दो मरीजों को मनप्रीत की किडनी प्रत्यारोपित की गई है, उनमें से एक 31 वर्षीय पुरुष है। वह पिछले 10 वर्षों से डायलिसिस पर था। वहीं दूसरा एक 20 साल का किशोर है।
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मनप्रीत
- फोटो : फाइल
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विस्तार
सड़क दुर्घटना में घायल मोहाली जिले के खरड़ के गांव अंधेरी के रहने वाले मनप्रीत सिंह (30) ने दुनिया से जाते-जाते चार लोगों की जिंदगी खुशियों से भर दी। बीते 28 जून को गंभीर रूप से घायल मनप्रीत सिंह को परिजनों ने जीएमएसएच-16 में भर्ती कराया।
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हालत गंभीर होने पर 29 जून को मनप्रीत को पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में इलाज के दौरान एक जुलाई को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। परिजनों की अनुमति के बाद मनप्रीत का अंगदान कराया गया। दान में मिले अग्नाशय, दोनों किडनी और दोनों कॉर्निया पीजीआई की प्रतीक्षा सूची में शामिल चार मरीजों को प्रत्यारोपित की गई है।
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अंगदाता परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी के लिए भी अपने प्रिय के अंगदान का निर्णय लेना आसान नहीं है लेकिन मनप्रीत सिंह के परिवार ने ऐसा निर्णय लेकर समाज के लिए आदर्श पेश किया है। ऐसे अंगदाता परिवार के कारण ही अंगदान कार्यक्रम आगे बढ़ रहा है और जिंदगी मौत से जूझ रहे मरीजों को जीवन का उपहार मिल रहा है।
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बेटे की भावना का किया सम्मान, कराया अंगदान
मनप्रीत के पिता कुलवंत सिंह का कहना है कि उनका बेटा दयालु और दूसरों की मदद करने वाला था। उसके चेहरे और आंखों में हमेशा दूसरों की मदद करने के भाव नजर आते थे इसलिए उसे खोकर भी उसकी उस भावना को जिंदा रखने का प्रयास उसका अंगदान कराने का निर्णय लेकर किया गया।
1750 मरीजों में से 45 को किया चिह्नित
पीजीआई नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर एचएस कोहली ने बताया कि जिन दो मरीजों को मनप्रीत की किडनी प्रत्यारोपित की गई है, उनमें से एक 31 वर्षीय पुरुष है। वह पिछले 10 वर्षों से डायलिसिस पर था। वहीं दूसरा एक 20 साल का किशोर है। उसकी किडनी शुगर के कारण खराब हो गई थी। वह पिछले तीन वर्षों से डायलिसिस पर था।
मधुमेह वाले मरीज को मनप्रीत की एक किडनी और अग्नाशय प्रत्यारोपित किया गया है जबकि दोनों कॉर्निया प्रतीक्षा सूची में शामिल दो नेत्रहीन व्यक्तियों को प्रत्यारोपित की गई हैं। डॉ. कोहली ने बताया कि किडनी की प्रतीक्षा कर रहे 1750 बी+ पंजीकृत मरीजों में से नेफ्रोलॉजी की टीम ने वरिष्ठता के अनुसार शीर्ष 45 मरीजों की प्रोफाइल की जांच की, उनमें से इन दो मरीजों को चुना गया।
अंगदान और अंग प्रत्यारोपण में मांग और आपूर्ति के बड़े अंतर को पूरा करने के लिए अंगदान के लिए लोगों को व्यापक स्तर पर जागरूक होना होगा। मानव अंगों का प्रत्यारोपण कर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है। मनप्रीत सिंह जैसे दाता परिवार के अनुकरणीय कार्य की तुलना में अंगदान के लिए प्रतिज्ञा लेना एक बेहतर शुरुआत होगी। -प्रोफेसर विपिन कौशल, पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक रोटो के नोडल अधिकारी