पंजाब सरकार सख्त: 15 दिनों में बकाया बिजली के बिलों की वसूली का आदेश, डिफाल्टरों की सूची तलब की, गलत रीडिंग पर होगी कार्रवाई
पत्र में कहा गया है कि बिजली मीटरों की नियमित तौर पर रीडिंग ली जाए और अगर कहीं भी बिजली मीटर की गलत रीडिंग का मामला सामने आया तो संबंधित मीटर रीडर जिम्मेदार होगा।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना लागू करने का जिम्मा अपने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (एसीएस) ए. वेणुप्रसाद को सौंप दी है। वेणुप्रसाद इस समय पावरकॉम के चेयरमैन-कम-प्रबंध निदेशक भी हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिन में बिजली बिल न भरने वालों की सूची भी तलब कर ली है। इसमें सरकारी और गैर-सरकारी सभी डिफाल्टरों की सूचना देने को कहा गया है। उन्होंने सभी डिफाल्टरों से 15 दिन में बकाया बिलों की उगाही का आदेश भी दिया है। इसके आधार पर ए. वेणुप्रसाद ने पावरकॉम को पत्र जारी कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के पत्र के आधार पर पावरकॉम के सीएमडी (इंजी) बलदेव सिंह सरां ने विभाग के अधिकारियों को पत्र जारी किया है। एसीएस ने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री ने पंजाब के सभी घरों के लिए एक जुलाई, 2022 से 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली देने का एलान किया है। इसके साथ ही दो किलोवाट तक लोड वाले सभी घरेलू उपभोक्ताओं के 31 दिसंबर, 2021 तक के बकाया बिल माफ करने को भी कहा गया है।
गलत रीडिंग पर नपेंगे मीटर रीडर
मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के मीटर रीडरों को भी चेतावनी दी है। पत्र में कहा गया है कि बिजली मीटरों की नियमित तौर पर रीडिंग ली जाए और अगर कहीं भी बिजली मीटर की गलत रीडिंग का मामला सामने आया तो संबंधित मीटर रीडर जिम्मेदार होगा और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने हिदायत दी कि गलत मीटर रीडिंग के कारण किसी भी उपभोक्ता को परेशान न करें।