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ऑरेंज अलर्टः पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में आज-कल भारी बारिश के आसार, उफान पर हैं नदियां
Sat, 17 Aug 2019 09:31 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 17 Aug 2019 09:31 AM IST
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भारी बारिश
- फोटो : अमर उजाला
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मानसून एक बार फिर हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर भारत के राज्यों में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेशों में आज और कल भारी बारिश हो सकती है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर शनिवार और रविवार को दोनों प्रदेशों के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 19 अगस्त को भी कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं। इसके बाद मानसून ब्रेक ले सकता है। शुक्रवार को रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, जींद, यमुनानगर, हिसार समेत कई जिलों में छिटपुट बारिश हुई। हालांकि किसानों को अच्छी बारिश का अब भी इंतजार है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून सीजन के ढाई माह बीतने के बाद भी हरियाणा में 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि दो दिनों की बारिश से कुछ हद तक कमी की भरपाई हो सकती है। बीते 24 घंटे में रोहतक में 47 एमएम बारिश हुई है, फिर भी सामान्य बारिश तभी मानी जाएगी जब जिले में 63 प्रतिशत और बारिश होगी। सावन बीतने के बाद भी प्रदेश के सिर्फ पांच जिलों में सामान्य बारिश हुई है। बाकी जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। धान समेत खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को अच्छी बारिश की दरकार है।
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मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून सीजन के ढाई माह बीतने के बाद भी हरियाणा में 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि दो दिनों की बारिश से कुछ हद तक कमी की भरपाई हो सकती है। बीते 24 घंटे में रोहतक में 47 एमएम बारिश हुई है, फिर भी सामान्य बारिश तभी मानी जाएगी जब जिले में 63 प्रतिशत और बारिश होगी। सावन बीतने के बाद भी प्रदेश के सिर्फ पांच जिलों में सामान्य बारिश हुई है। बाकी जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। धान समेत खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को अच्छी बारिश की दरकार है।
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शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। रेवाड़ी, गुरुग्राम, चरखी दादरी समेत कई इलाकों में रिमझिम फुहारों से मौसम खुशनुमा बना रहा। वहीं रोहतक समेत कई जिलों में देर रात तक रूक-रूककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। भादो के पहले दिन अंबाला समेत प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है। अंबाला में शाम आठ एमएम बारिश हुई। भिवानी में करीब 15 तक झमाझम मेघा बरसे। मौसम ठंडा होने चलते अधिकतम व न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई।
शुक्रवार को रोहतक मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 17 और 18 अगस्त को हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि 19 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलवाही के साथ-साथ खंड-खंड में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इससे पूर्व ऑरेंज अलर्ट जारी कर किसी भी हालात से निबटने के लिए तैयार रहने की चेतावनी जारी की है।
मारकंडा उफनाई, कई गांवों में धान-गन्ने की फसलें डूबीं
मारकंडा नदी में वीरवार शाम तक 18 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया, इसके चलते निकटवर्ती इलाके बाढ़ में डूब गए। पिछले 2 वर्षों में सबसे अधिक पानी आया है। पानी से कई गांवों में गन्ने के साथ-साथ धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गांव कठवा के सरकारी स्कूल और गांव तंगौर में सरकारी खेल नर्सरी में भी पानी भरा हुआ है। बार-बार पानी आने के कारण किसानों के सामने पशु चारे की भी समस्या पैदा हो गई है।
शुक्रवार को रोहतक मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 17 और 18 अगस्त को हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि 19 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलवाही के साथ-साथ खंड-खंड में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इससे पूर्व ऑरेंज अलर्ट जारी कर किसी भी हालात से निबटने के लिए तैयार रहने की चेतावनी जारी की है।
मारकंडा उफनाई, कई गांवों में धान-गन्ने की फसलें डूबीं
मारकंडा नदी में वीरवार शाम तक 18 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया, इसके चलते निकटवर्ती इलाके बाढ़ में डूब गए। पिछले 2 वर्षों में सबसे अधिक पानी आया है। पानी से कई गांवों में गन्ने के साथ-साथ धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गांव कठवा के सरकारी स्कूल और गांव तंगौर में सरकारी खेल नर्सरी में भी पानी भरा हुआ है। बार-बार पानी आने के कारण किसानों के सामने पशु चारे की भी समस्या पैदा हो गई है।
पंजाब में अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी, भाखड़ा डैम के फ्लड गेट खोले
भाखड़ा डैम में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शुक्रवार शाम को इसके फ्लड गेट खोल दिए गए। बीबीएमबी मैनेजमेंट ने 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया। वहीं मौसम विभाग ने भी अगले दो दिन पंजाब और हिमाचल में भारी बारिश की आशंका जताई है। बीबीएमबी के चीफ इंजीनियर अश्वनी कुमार अग्रवाल ने बताया कि 59158 क्यूसेक पानी की आमद के साथ ही भाखड़ा डैम का जलस्तर 1674 फुट तक पहुंच गया है।
डैम की क्षमता 1685 फुट तक है लेकिन मौसम विभाग द्वारा 18-19 को भारी बारिश की संभावना के कारण फ्लड गेट खोलने का निर्णय लेना पड़ा। कहीं पंजाब में भारी बारिश हो और ऊपर से भाखड़ा डैम से भी पानी छोड़ दिया जाए तो हालात खराब हो सकते हैं। अभी बिजली उत्पादन के लिए टरबाइनों के माध्यम से 36000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जिससे 331.61 लाख यूनिट बिजली उत्पादन किया गया।
अब बदलते हालात को देखते हुए 36 हजार टरबाइनों और 19,000 क्यूसेक पानी फ्लड गेटों के माध्यम से छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी मैनेजमेंट पूरे हालात पर पैनी निगाह बनाए हुए है। अगर पानी की आमद में वृद्धि होती है तो पानी छोड़ने की मात्रा को बढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को इस बारे में जानकारी दे दी गई है और लोगों से भी अपील है कि अगले कुछ दिन सतलुज दरिया क्षेत्र में जाने का प्रयास न करें।
जून और जुलाई महीने में कमजोर रहने के बाद अब मानसून पूरे उफान पर है। आगामी दो दिनों में पंजाब में भारी बारिश की संभावना है। धान की फसल के लिए तो बारिश ठीक है, पर फल व सब्जियों में ज्यादा पानी खड़ा रहने के कारण यह नुकसानदेह भी है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एवं मानसून के सक्रिय होने के कारण अगस्त में लगातार रिकार्ड तोड़ बारिश हो रही है। अगस्त में अब तक 170 एमएम तक बारिश हो चुकी है।
- डॉ. प्रभजोत कौर, मौसम विभाग, पीएयू, लुधियाना
डैम की क्षमता 1685 फुट तक है लेकिन मौसम विभाग द्वारा 18-19 को भारी बारिश की संभावना के कारण फ्लड गेट खोलने का निर्णय लेना पड़ा। कहीं पंजाब में भारी बारिश हो और ऊपर से भाखड़ा डैम से भी पानी छोड़ दिया जाए तो हालात खराब हो सकते हैं। अभी बिजली उत्पादन के लिए टरबाइनों के माध्यम से 36000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जिससे 331.61 लाख यूनिट बिजली उत्पादन किया गया।
अब बदलते हालात को देखते हुए 36 हजार टरबाइनों और 19,000 क्यूसेक पानी फ्लड गेटों के माध्यम से छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी मैनेजमेंट पूरे हालात पर पैनी निगाह बनाए हुए है। अगर पानी की आमद में वृद्धि होती है तो पानी छोड़ने की मात्रा को बढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को इस बारे में जानकारी दे दी गई है और लोगों से भी अपील है कि अगले कुछ दिन सतलुज दरिया क्षेत्र में जाने का प्रयास न करें।
जून और जुलाई महीने में कमजोर रहने के बाद अब मानसून पूरे उफान पर है। आगामी दो दिनों में पंजाब में भारी बारिश की संभावना है। धान की फसल के लिए तो बारिश ठीक है, पर फल व सब्जियों में ज्यादा पानी खड़ा रहने के कारण यह नुकसानदेह भी है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एवं मानसून के सक्रिय होने के कारण अगस्त में लगातार रिकार्ड तोड़ बारिश हो रही है। अगस्त में अब तक 170 एमएम तक बारिश हो चुकी है।
- डॉ. प्रभजोत कौर, मौसम विभाग, पीएयू, लुधियाना