विपक्ष के निशाने पर आई राहुल गांधी की मोगा रैली, सरकारी फंड के दुरुपयोग का लगाया आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मोगा रैली विपक्ष के निशाने पर आ गई है। शिरोमणि अकाली दल ने रैली में सरकारी फंड के दुरुपयोग की जांच करवाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि खर्च की गई रकम सरकारी खजाने में जमा कराई जाए। पंजाबी एकता पार्टी प्रधान सुखपाल खैरा भी इस पर सवाल उठा चुके हैं। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में पार्टी प्रवक्ता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा है कि सरकारी खजाने को इस तरह लूटने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
सरकार पर लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए इस मामले में फौरन कार्रवाई की जाए। पत्र की कॉपी केंद्रीय और पंजाब चुनाव आयोग को भी भेजी गई है। इसमें मांग की गई है कि कर्ज माफी समागम की आड़ में राहुल की रैली करवाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। डॉ. चीमा ने कहा कि रैली में मिशन-13 का ढिंढोरा पीटते बैनर और लोकसभा चुनाव में वोट मांगने वाले भाषणों से साफ है कि यह सरकारी समागम नहीं, कांग्रेस की चुनावी रैली थी।
युवा कांग्रेस ने पीएम के खिलाफ भद्दी शब्दावली वाले बैनर लगाए थे। एक सरकारी समागम में पीएम का निरादर नहीं हो सकता। मोगा प्रशासन को रैली की सौ एकड़ जगह पर गेहूं की कच्ची फसल कटवाने पर किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए गए। स्टेज, भोजन, ट्रांसपोर्ट, मनोरंजन आदि पर सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने मांग की कि यह रकम फौरन खजाने में जमा कराई जाए।
आम आदमी पार्टी ने सरकारी खजाने का अंधाधुंध दुरुपयोग कर मोगा में राहुल गांधी की रैली करने पर कांग्रेस की निंदा की है। नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की रखी रैली पर पंजाब के लोगों के खून-पसीने की कमाई खर्च कर धोखा किया है। कैप्टन सरकार लोगों का पैसा खर्च कर कांग्रेस की प्रशंसा करवाने की कोशिश कर रही है। स्कीमें लागू करने पर खजाना खाली होने की दलील देने वाली सरकार ने रैली पर करोड़ों खर्च कर लोगों का हक मारा है।