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प्राइवेट नौकरियों में हरियाणा के युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण, पढ़ें- कानून पर क्या बोले वकील

Sat, 07 Nov 2020 06:23 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 07 Nov 2020 06:23 PM IST
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Opinion of Lawyer on 75 Percent Reservation In Private Jobs To People of Haryana
वकीलों ने रखी अपनी राय। - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा सरकार ने कानून का रूप देकर युवाओं को निजी कपंनियों की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण देने का जो निर्णय लिया है, उससे राज्य के युवाओं में खुशी की लहर है लेकिन कानून विशेषज्ञों की राय कुछ अलग ही है। इस बारे में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकीलों से अमर उजाला ने बात की। उनका कहना है कि यह कानून संविधान के खिलाफ है। 

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कानून संविधान के अनुच्छेद- 19 का उल्लंघन 
राज्य तभी कंपनियों पर आरक्षण लागू करने का कानून बना सकता है जब वह उनको कोई सुविधा प्रदान कर रहा हो। यदि सुविधा प्रदान करता भी है तो भी उस स्थिति में कोई कानून उन पर इस तरह से थोपा नहीं जा सकता है। संविधान के अनुच्छेद- 19 के अनुसार सभी को मुक्त व्यापार का अधिकार है। हरियाणा सरकार द्वारा थोपा गया यह कानून संविधान के अनुच्छेद- 19 का पूरी तरह से उल्लंघन है। अमर विवेक, एडवोकेट 
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समानता के अधिकार के खिलाफ

हरियाणा सरकार द्वारा पास किया गया कानून संविधान में दिए गए समानता के अधिकार के खिलाफ है। केवल रिहाइश के आधार पर किसी को आरक्षण देना और वह भी 75 प्रतिशत अन्य लोगों के अधिकारों का हनन है। इस प्रकार का कानून संविधान की नजर में सही नहीं है और कानून की नजर में भी । -अरुण सिंगला, एडवोकेट 

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आरक्षण 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता

हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को निजी कंपनियों में 75 प्रतिशत आरक्षण देना सीधे तौर पर संविधान के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट भी यह स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी स्थिति में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता है। ऐसे में हरियाणा सरकार द्वारा दिया गया यह आरक्षण कानून की नजर में सही नहीं है। कपिल कक्कड़, एडवोकेट 

राज्य के विकास के लिए शर्तें लगा सकता है राज्य
हरियाणा सरकार द्वारा दिया गया आरक्षण कानूनी रूप से वैध है। सरकार को यह अधिकार है कि राज्य के विकास के लिए प्रदेश में मौजूद कंपनियों पर शर्तें लगा सके। कुछ राज्य सरकारों ने अपने प्रदेश के लिए निवासियों के लिए सब्सिडी का भी प्रावधान किया है। ऐसे में इसे कानून या संविधान के खिलाफ कहना सही नहीं है और यह पूरी तरह से वैध है। दीपक सोनक, एडवोकेट 

75 फीसदी आरक्षण कानूनी रूप से वैध
हरियाणा सरकार द्वारा निजी कंपनियों में प्रदेश के युवाओं को दिया गया 75 प्रतिशत आरक्षण कानूनी रूप से वैध है। आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती यह संविधान के प्रावधान और सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सही है लेकिन यह प्रावधान सरकारी नौकरी के लिए है। निजी कंपनियों पर प्रदेश सरकार शर्त लगा सकती है और इसका सरकार को पूर्ण अधिकार है। एमडी खान, एडवोकेट 

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