सरकारी एजेंसियों ने चलवाईं अकाल तख्त पर तलवारें!
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श्री अकाल तख्त साहिब पर तलवारें चलने के मामले पर जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सख्त नोटिस लिया है। इस घटना को उन्होंने सिख मर्यादा के खिलाफ बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस घटना को सरकार की एजेंसियों की ओर से अंजाम दिया गया है ताकि सिख कौम के अक्स को दुनिया भर में खराब किया जाए।
पत्रकारों के साथ बातचीत में ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि सारे घटनाक्रम की वह अपने स्तर पर भी जांच करवाएंगे। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मंगवाई जाएगी। सारे फुटेज देख कर पता लगाया जाएगा कि कौन लोग थे जिनकी ओर से इस घटना को अंजाम दिया गया। इसके बाद आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी और अकाली दल पंच प्रधानी के नेता बलदेव सिंह सिरसा ने कहा कि जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तलवारें निकाल कर दहशत वाला माहौल पैदा करने वाले पंजाब सरकार की एजेंसियों के थे या फिर केंद्र सरकार की एजेंसियों के।
लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की
एसजीपीसी सदस्यों रजिंदर सिंह मेहता, गुरबचन सिंह कर्मूवाल, भगवंत सिंह सियालका, अमरजीत सिंह चावला, हरजाप सिंह और भूपिंदर पाल सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब में हुई घटना की निंदा की है।
उन्होंने कहा कि सिमरनजीत सिंह मान और दमदमी टकसाल अजनाला के वर्करों ने गुरु मर्यादा के खिलाफ पंज प्यारों की भूमिका निभा रहे भाई सतनाम सिंह पर तलवारों से हमला कर दिया।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की है, हम उनकी सख्त शब्दों में निंदा करते हैं।
अमृतसर से नवनिर्वाचित सांसद ने जताई हैरानी
अमृतसर से सांसद पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को श्री दरबार साहिब में हुई घटनाओं पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को आसानी से रोका जा सकता था, यदि दोनों पक्षों को नियंत्रण में रखा जाता, तो यह खुलेआम एक-दूसरे पर हमला न करते।
दिल्ली से जारी बयान में कैप्टन ने कहा कि एक सच्चा सिख होने के नाते टीवी पर ऐसी तस्वीरों को देखकर उन्हें दर्द हुआ है। उन्होंने हैरानी जताई कि 1984 की दर्दनाक घटनाओं को श्रद्धांजलि देने के सांझे उद्देश्य से इकट्ठे हुए लोग आपस में क्यों उलझ पड़े।
कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि श्री दरबार साहिब में नंगी तलवारें लहराना और एक-दूसरे की दस्तारों को उछालना अपमान की श्रेणी में आता है, जिसके आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए।