फिल्मों में दिखा ऑपरेशन ब्लू स्टार का सच
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2003 में बनीं फिल्म हवाएं में पंजाब में काले दौर को बखूबी दर्शाया गया है। इसमें पंजाबी गायक बब्बू मान और सन्नी मान मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में संगीत प्रेमी छात्र के आतंक की दुनिया में जाने की कहानी कही गई है।
देस होया परदेस: पंजाब पुलिस की ज्यादतियां
ऑपरेशन ब्लू स्टार को भुनाने में फिल्मकार भी पीछे नहीं रहे। घटना से उपजे हालतों पर कई फिल्मों का निमार्ण किया गया। जिसमें भयावह हालात को दर्शाया गया।
2004 में मनोज पुंज ने पंजाबी फिल्म देस होया परदेस बनाई। इस फिल्म में गायक गुरदास मान बड़ी भूमिका में दिखे थे। हिरोईन थीं जुही चावला। इसमें पंजाब पुलिस की ज्यादतियों को दर्शाया गया था। फिल्म को नेशनल अवार्ड भी मिला था।
'अमू' के प्रदर्शन पर भारत में लगी थी रोक
बंगाली फिल्म निर्माता शोनाली घोष ने भी फिल्म अमू तैयार की थी, जिसके भारत में प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई थी।
इस फिल्म को बर्लिन फिल्म फेस्टिवल के दौरान ए वर्ग की फिल्म का अवार्ड प्राप्त हुआ था। फिल्म में सिख दंगों में मारे गए परिजनों को ढूंढती लड़की की कहानी है।
47टू84: आपबीती पर बनाई फिल्म
दिल्ली दंगों के पीड़ित शेमारू फिल्मस के बबली सिंह की फिल्म 47टू84 30 मई को रिलीज हुई। बबली सिंह बताते हैं कि दिल्ली में दंगों के दौरान उनकी वीडियो लाइब्रेरी और कपड़े की दुकान जला दी गई।
वह अपने जानकार हिंदू परिवार की मदद से कुछ दिन छिपे रहे और बाद में बचकर निकले। इसके बाद उन्होंने पंजाब के जो हालात देखे, उस पर फिल्म बनाने का मन बनाया। उनका कहना है कि 30 साल बीत जाने के बाद भी पीड़ितों से कोई इंसाफ नहीं हुआ।
इस फिल्म में एक ऐसी लड़की की कहानी प्रस्तुत की गई है, जो पहले भारत-पाकिस्तान बंटवारे के कारण अपना पूरा परिवार खो चुकी थी और चाचा के साथ दिल्ली आ बसी थी, लेकिन यहां भी सिख दंगों में उसका बेटा मारा गया। फिल्म में बताया गया है कि 1947 हो या 1984, पंजाब ने ही सबसे अधिक नुकसान झेला है।