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Chandigarh News: जीएमएसएच-16 में खुलेआम लूट, 125 रुपये लीटर बिक रहा दूध
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चंडीगढ़। शहर में दूध 125 रुपये लीटर बिक रहा है... क्यों चौंक गए न। लेकिन ऐसा हो रहा है जीएमएसएच-16 में। अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की कैंटीन में 125 रुपये लीटर की दर से दूध बेचा जा रहा है। प्रसूताओं के परिजन इससे नाराज हैं लेकिन वे कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके पास वहां कोई और विकल्प नहीं है। ऐसे में सामान्य तौर पर 45 से 50 रुपये बिकने वाले दूध को ढाई गुना कीमत पर खरीदने को मजबूर हैं। वहीं अस्पताल प्रशासन इस मामले पर मौन है क्योंकि ये रेट विभाग की ओर से निकाले गए टेंडर में तय किया गया है। बता दें कि अस्पताल परिसर में संचालित कैंटीन में मरीजों के लिए बाहर से कम दर पर सामग्री उपलब्ध कराने का मानक है। ऐसे में जिस विभाग में नवजात और प्रसूता के लिए दूध की जरूरत हो वहां दोगुने से ज्यादा कीमत पर बिक्री कैसे की जा सकती है। अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि कैंटीन वाला मनमानी कर रहा है। कोई कुछ कहे तो कहा जाता है कि अस्पताल प्रशासन ने इसकी अनुमति दी है।
दूध खरीदने की हिम्मत नहीं हो रही
मेरी बेटी की डिलीवरी हुई है। वार्ड के बाहर जो कैंटीन है वहां से दूध ला रहे हैं, लेकिन वहां इतना महंगा दूध बिक रहा है कि खरीदने की हिम्मत नहीं हो रही है। हम सरकारी सुविधा के लिए यहां आए हैं लेकिन महंगाई यहां निजी अस्पताल से भी ज्यादा है।
-सरोज सिंह, मलोया
मरीजों के हित की सोचते तो ऐसा नहीं होता
सरकारी अस्पताल में मरीजों के लिए कोई सोचने वाला नहीं है। सभी अपने फायदे की बात सोच रहे हैं। आखिर विभाग ने 125 रुपये लीटर की दर को टेंडर में अनुमति कैसे दे दी। मरीजों के हित की सोचते तो ऐसा नहीं होता।
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-दीपक शर्मा, हल्लोमाजरा
शाकाहारी थाली में मांस का टुकड़ा मिलने से हो चुका है विवाद
अस्पताल में कैंटीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। पिछले दिनों अस्पताल के पुराने प्रशासनिक भवन के नीचे स्थित कैंटीन में शाकाहारी थाली में मांस का टुकड़ा मिल चुका है। हालांकि उस दौरान मामला बढ़ने पर विभाग ने तत्काल जांच कमेटी गठित कर दी थी, लेकिन तीन महीने गुजरने के बाद भी कमेटी की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। चौंकाने वाली बात यह है कि उस कैंटीन में मांसाहार बेचने की अनुमति ही नहीं है।
अब कंफेक्शनरी की जगह बिकेगा फूल
अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सहूलियत के लिए दो कैंटीन और एक कंफेक्शनरी का संचालन किया जा रहा है। लेकिन अब कंफेक्शनरी की जगह गिफ्ट और फ्लावर शॉप खोलने की तैयारी है। इसके लिए विभाग ने विज्ञापन भी जारी कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो कैंटीन वाले और मनमानी करेंगे। क्योंकि मरीजों के पास कोई और विकल्प ही नहीं होगा।
गाइनी कैंटीन में बेची जा रही खाद्य सामग्री की दर
सामग्री कीमत
स्टफ्ड पराठा 25 रुपये
बटर 10 रुपये
दही 20 रुपये
मैगी 30 रुपये
रोटी 5 रुपये
ब्रेड आमलेट 30 रुपये
ग्रिल्ड सैंडविच 40 रुपये
हॉट कॉफी 25 रुपये
उबला दूध 200 एमएल 25 रुपये
चावल-राजमा फुल प्लेट 50 रुपये
कैंटीन में दर सूची लगाई गई है। प्रत्येक वस्तु को उसी दर पर बेचा जा रहा है। सभी पैक्ड आइटम प्रिंट रेट पर बेचे जा रहे हैं। वेरका, अमूल और वीटा के कुछ फ्लेवर्ड मिल्क की एमआरपी इतनी ज्यादा है।
- यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
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दूध खरीदने की हिम्मत नहीं हो रही
मेरी बेटी की डिलीवरी हुई है। वार्ड के बाहर जो कैंटीन है वहां से दूध ला रहे हैं, लेकिन वहां इतना महंगा दूध बिक रहा है कि खरीदने की हिम्मत नहीं हो रही है। हम सरकारी सुविधा के लिए यहां आए हैं लेकिन महंगाई यहां निजी अस्पताल से भी ज्यादा है।
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-सरोज सिंह, मलोया
मरीजों के हित की सोचते तो ऐसा नहीं होता
सरकारी अस्पताल में मरीजों के लिए कोई सोचने वाला नहीं है। सभी अपने फायदे की बात सोच रहे हैं। आखिर विभाग ने 125 रुपये लीटर की दर को टेंडर में अनुमति कैसे दे दी। मरीजों के हित की सोचते तो ऐसा नहीं होता।
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-दीपक शर्मा, हल्लोमाजरा
शाकाहारी थाली में मांस का टुकड़ा मिलने से हो चुका है विवाद
अस्पताल में कैंटीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। पिछले दिनों अस्पताल के पुराने प्रशासनिक भवन के नीचे स्थित कैंटीन में शाकाहारी थाली में मांस का टुकड़ा मिल चुका है। हालांकि उस दौरान मामला बढ़ने पर विभाग ने तत्काल जांच कमेटी गठित कर दी थी, लेकिन तीन महीने गुजरने के बाद भी कमेटी की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। चौंकाने वाली बात यह है कि उस कैंटीन में मांसाहार बेचने की अनुमति ही नहीं है।
अब कंफेक्शनरी की जगह बिकेगा फूल
अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सहूलियत के लिए दो कैंटीन और एक कंफेक्शनरी का संचालन किया जा रहा है। लेकिन अब कंफेक्शनरी की जगह गिफ्ट और फ्लावर शॉप खोलने की तैयारी है। इसके लिए विभाग ने विज्ञापन भी जारी कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो कैंटीन वाले और मनमानी करेंगे। क्योंकि मरीजों के पास कोई और विकल्प ही नहीं होगा।
गाइनी कैंटीन में बेची जा रही खाद्य सामग्री की दर
सामग्री कीमत
स्टफ्ड पराठा 25 रुपये
बटर 10 रुपये
दही 20 रुपये
मैगी 30 रुपये
रोटी 5 रुपये
ब्रेड आमलेट 30 रुपये
ग्रिल्ड सैंडविच 40 रुपये
हॉट कॉफी 25 रुपये
उबला दूध 200 एमएल 25 रुपये
चावल-राजमा फुल प्लेट 50 रुपये
कैंटीन में दर सूची लगाई गई है। प्रत्येक वस्तु को उसी दर पर बेचा जा रहा है। सभी पैक्ड आइटम प्रिंट रेट पर बेचे जा रहे हैं। वेरका, अमूल और वीटा के कुछ फ्लेवर्ड मिल्क की एमआरपी इतनी ज्यादा है।
- यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव