प्रियंका का नारा पंजाब में दरकिनार: कांग्रेस के 82 जिला और कार्यकारी प्रधानों की सूची में मात्र 3 महिलाएं शामिल
प्रियंका गांधी ने यूपी चुनाव में महिलाओं को अपने पक्ष में करने के लिए नारा दिया है कि लड़की हूं लड़ सकती हूं। इसके इतर पंजाब में चुनाव से पहले तैयार किए जा रहे पार्टी संगठन में महिलाओं को दरकिनार किया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की पार्टी संगठन की पहली सूची पर सवाल खड़े हो गए हैं। आलाकमान के द्वारा मंजूर की गई सिद्धू की सूची में महिलाओं की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। लिस्ट में मात्र 8.5 प्रतिशत महिलाओं को नेतृत्व दिया गया है। 82 जिला और कार्यकारी प्रधानों की सूची में सिर्फ 3 महिलाओं को शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेश की कमान संभाले प्रियंका गांधी महिलाओं के भरोसे ही चुनाव प्रचार कर रही हैं। वहां वह महिलाओं को लेकर लगातार योगी सरकार पर हमला कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को अपने पक्ष में करने के लिए नारा दिया है कि लड़की हूं लड़ सकती हूं। इसके इतर पंजाब में चुनाव से पहले तैयार किए जा रहे पार्टी संगठन में महिलाओं को दरकिनार किया जा रहा है।
चुनाव से पहले कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू इन दिनों सूबे में पार्टी संगठन को मजबूत करने की कवायद में जुटे हुए हैं। सिद्धू द्वारा जिला प्रधानों और उनके साथ दो कार्यकारी प्रधानों के फार्मूले के साथ लिस्ट आलाकमान को भेजी गई थी। हालांकि उनके इस फार्मूले को लेकर प्रदेश कांग्रेस में विवाद खड़ा हो गया था। जिसके बाद आलाकमान ने लिस्ट रोक दी थी और पहले सभी जिलों में चुनाव समन्वयकों की तैनाती कर दी थी।
सिद्धू को इस बात का मलाल था कि उनकी लिस्ट मंजूर नहीं की जा रही है। यह दर्द उन्होंने सार्वजनिक रूप से बयां भी किया था जिसके बाद उनकी लिस्ट को मंजूरी दे दी गई। अब लिस्ट में महिलाओं को नाम मात्र जगह दिए जाने पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। लिस्ट में लुधियाना शहर से निक्की रियात, बठिंडा ग्रामीण से किरणदीप कौर और यामिनी गोमर को शामिल किया गया है। हैरानी की बात तो यह है कि महिलाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण की वकालत करने वाली कांग्रेस ने इन्हें भी जिला प्रधानों के बजाय कार्यकारी प्रधान बनाया है।
पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण
तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया था। इसके बाद भी पार्टी संगठन में महिलाओं की अनदेखी से कई सवाल उठने लगे हैं।
18 जिलों में शामिल नए चेहरे
जिला और कार्यकारी प्रधानों की लिस्ट में एक बार फिर कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना दबदबा कायम रखा। 28 जिलों की लिस्ट में 18 में सिद्धू ने अपने खेमे की नए चेहरों को शामिल किया है। जबकि 10 जिलों में पुराने चेहरों को आलाकमान ने तरजीह दी है। जनवरी 2020 में सोनिया गांधी ने पंजाब में संगठन की सभी कमेटियों को भंग कर दिया था, जिसके बाद से इन पदों पर कोई नियुक्तियां नहीं हुई थीं।
पंजाब कांग्रेस में यह पहली बार होगा कि जिला प्रधान के साथ कार्यकारी प्रधानों की भी नियुक्तियां की जाएंगी। सिद्धू ने यह फार्मूला बनाकर मंजूरी के लिए आलाकमान को दिया था लेकिन विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विरोध के कारण इसकी मंजूरी में आलाकमान ने देरी की। हालांकि सिद्धू की जिद के आगे आलाकमान ने विरोध को नजरअंदाज कर लिस्ट को मंजूरी दे दी है।
लिस्ट में कांग्रेस प्रधान सिद्धू का प्रभाव पूरी तरह से दिखाई देता है। 28 जिलों की सूची में सिर्फ 10 जिलों में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की चल पाई। जिस कारण फतेहगढ़ साहिब, पटियाला देहात, अमृतसर देहात, पठानकोट, लुधियाना शहर और देहात, फाजिल्का और होशियारपुर में पुराने चेहरों को ही शामिल किया गया है। जबकि 18 अन्य जिलों में नए चेहरों को पार्टी की कमान सौंपी गई है। संगरूर जिले को लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है।