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Punjab: नीति लागू होने के बाद भी ईवी वाहन लेने आगे नहीं आ रहे लोग, पिछले महीने बिके सिर्फ 3.80 प्रतिशत वाहन
Tue, 30 Jan 2024 02:47 PM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 30 Jan 2024 02:47 PM IST
सार
वाहनों से होने वाले प्रदूषण के मामले में प्रदेश के पांच शहर लुधियाना, जालंधर, पटियाला, अमृतसर और बठिंडा सबसे आगे हैं। देश भर में केंद्र सरकार की तरफ से पिछले कुछ समय से ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत ही पंजाब ने भी अपनी नीति तैयार की थी, जिसे फरवरी 2023 में जारी किया गया था।
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- फोटो : iStock
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विस्तार
पंजाब में सरकार की तरफ से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रदूषण को कम करने के साथ ही सभी शहरों में पेट्रोल व डीजल वाहनों के दबाव को कम किया जा सके। यहां तक कि परिवहन विभाग की तरफ से पिछले साल लोगों को ईवी के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब इलेक्ट्रिक वाहन नीति भी जारी की गई थी।
इसमें ई-वाहनों की खरीद पर इंसेंटिव के साथ ही कई तरह के प्रावधान किए गए हैं। इस सब के बावजूद लोग ई-वाहन लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। हालत यह है कि पिछले माह सिर्फ 3.80 प्रतिशत ई-वाहन ही बिके हैं। दिसंबर में सिर्फ 2472 लोगों ने ई-वाहनों को अपनाया और दिसंबर 2023 तक कुल 46 हजार 432 वाहनों की बिक्री हुई।
केंद्र सरकार के ईवी रेडी इंडिया डैशबोर्ड के मुताबिक दिसंबर 2023 तक बिके कुल वाहनों में 20 हजार 428 दोपहिया वाहन और 22 हजार 881 यात्री तीनपहिया वाहन शामिल हैं। इसी तरह अगर तीनपहिया (गुड्स) वाहनों की बात की जाए तो ये 2132 वाहन बिके हैं। इसके अलावा कार, एसयूवी की संख्या 887 है।
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बता दें कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण के मामले में प्रदेश के पांच शहर लुधियाना, जालंधर, पटियाला, अमृतसर और बठिंडा सबसे आगे हैं। देश भर में केंद्र सरकार की तरफ से पिछले कुछ समय से ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत ही पंजाब ने भी अपनी नीति तैयार की थी, जिसे फरवरी 2023 में जारी किया गया था। नीति का मुख्य मकसद ई-वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने व निर्माता इकाइयां को प्रदेश में आकर्षित करना था।
50 करोड़ रुपये कुल इंसेंटिव किया गया था शामिल
तीन साल के लिए यह पॉलिसी जारी की गई थी, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए इस पीरियड के दौरान 50 करोड़ रुपये अधिकतम इंसेंटिव जारी करने की योजना थी। इसके अलावा तीन पहिया और ई-साइकिल समेत अन्य वर्ग में ये इंसेंटिव अलग-अलग तय किया गया था। हर साल नीति की समीक्षा करने की भी योजना है, जिसके तहत अब अगले महीने परिवहन विभाग की तरफ से इसकी समीक्षा की जा सकती है।
चंडीगढ़ सबसे आगे रहा
दिसंबर में ई-वाहनों की बिक्री में चंडीगढ़ सबसे आगे है। दिसंबर में चंडीगढ़ में ई-वाहनों की बिक्री का प्रतिशत 20.48 प्रतिशत है। इसी तरह देश भर में दिसंबर तक 34.05 लाख ई-वाहनों की बिक्री हुई है।
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इसमें ई-वाहनों की खरीद पर इंसेंटिव के साथ ही कई तरह के प्रावधान किए गए हैं। इस सब के बावजूद लोग ई-वाहन लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। हालत यह है कि पिछले माह सिर्फ 3.80 प्रतिशत ई-वाहन ही बिके हैं। दिसंबर में सिर्फ 2472 लोगों ने ई-वाहनों को अपनाया और दिसंबर 2023 तक कुल 46 हजार 432 वाहनों की बिक्री हुई।
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केंद्र सरकार के ईवी रेडी इंडिया डैशबोर्ड के मुताबिक दिसंबर 2023 तक बिके कुल वाहनों में 20 हजार 428 दोपहिया वाहन और 22 हजार 881 यात्री तीनपहिया वाहन शामिल हैं। इसी तरह अगर तीनपहिया (गुड्स) वाहनों की बात की जाए तो ये 2132 वाहन बिके हैं। इसके अलावा कार, एसयूवी की संख्या 887 है।
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बता दें कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण के मामले में प्रदेश के पांच शहर लुधियाना, जालंधर, पटियाला, अमृतसर और बठिंडा सबसे आगे हैं। देश भर में केंद्र सरकार की तरफ से पिछले कुछ समय से ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत ही पंजाब ने भी अपनी नीति तैयार की थी, जिसे फरवरी 2023 में जारी किया गया था। नीति का मुख्य मकसद ई-वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने व निर्माता इकाइयां को प्रदेश में आकर्षित करना था।
50 करोड़ रुपये कुल इंसेंटिव किया गया था शामिल
तीन साल के लिए यह पॉलिसी जारी की गई थी, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए इस पीरियड के दौरान 50 करोड़ रुपये अधिकतम इंसेंटिव जारी करने की योजना थी। इसके अलावा तीन पहिया और ई-साइकिल समेत अन्य वर्ग में ये इंसेंटिव अलग-अलग तय किया गया था। हर साल नीति की समीक्षा करने की भी योजना है, जिसके तहत अब अगले महीने परिवहन विभाग की तरफ से इसकी समीक्षा की जा सकती है।
चंडीगढ़ सबसे आगे रहा
दिसंबर में ई-वाहनों की बिक्री में चंडीगढ़ सबसे आगे है। दिसंबर में चंडीगढ़ में ई-वाहनों की बिक्री का प्रतिशत 20.48 प्रतिशत है। इसी तरह देश भर में दिसंबर तक 34.05 लाख ई-वाहनों की बिक्री हुई है।