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हरियाणा में भी प्याज के दामों में तेजी, सरकार को जमाखोरी की आशंका, खंगाले जाएंगे गोदाम

Thu, 29 Oct 2020 12:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 29 Oct 2020 12:26 AM IST
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Onion prices rise in Haryana too, government fears hoarding
बेशकीमती प्याज

त्योहारी सीजन शुरू होते ही प्याज के दामों ने तेजी पकड़ ली है। इस बार उत्तरी कर्नाटक और प्याज उत्पादक महाराष्ट्र के हिस्सों में अलविदा मानसून की अत्यधिक बारिश की वजह से प्याज की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। लिहाजा उतर भारत में प्याज की आवक अपेक्षाकृत कम है और प्याज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हरियाणा में प्याज का फुटकार दाम इस वक्त 65 से 80 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।

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हालांकि ये दाम अभी दिल्ली और चंडीगढ़ से कम हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों में प्याज के दाम और बढ़ने के आसार हैं। इसी के मद्देनजर हरियाणा सरकार पहले से ही चौकस हो गई है। सरकार को यह भी आशंका है कि सूबे में कारोबारी प्याज की जमाखोरी भी कर सकते हैं। लिहाजा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी जिलों के खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को अपने-अपने इलाकों में प्याज के फुटकर व थोक दामों के साथ-साथ उसकी जमाखोरी पर भी पैनी नजर और गोदाम खंगालने के निर्देश दिए हैं। 
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विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि सभी जिलों में खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक बाजार में प्याज की स्थिति पर नजर रखेंगे। अभी हरियाणा में प्याज के रेट दिल्ली एवं चंडीगढ़ की अपेक्षाकृत कम हैं। दोनों शहरों में प्याज के रेट 70 से 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। ऐसी स्थिति में कारोबारियों द्वारा प्याज की जमाखोरी की आशंका बनी रहती है। हरियाणा में प्याज की कोई कृत्रिम कमी पैदा न करे, इसलिए लिए खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को बाजार में प्याज के फुटकर व थोक दामों से अपडेट रहते हुए जमाखोरी जैसी आशंकाओं पर भी नजर रखने को कहा गया है।
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अभी राजस्थान से आ रहा प्याज, लोकल का इंतजार
हरियाणा में अभी प्याज की लोकल फसल बाजार में उपलब्ध नहीं है। अभी राजस्थान का प्याज हरियाणा में आ रहा है। दूसरा, उत्तरी कर्नाटक व महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक जिलों अहमदनगर, नासिक और पुणे में अत्यधिक बारिश की वजह से जहां प्याज की खेती खराब हुई है वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश, गुजरात में स्टोर किए गए प्याज भी विपरित असर पड़ा है। ये प्याज भंडारण के दौरान ही खराब होने लगा है। बागवानी विशेषज्ञ मानते हैं अत्यधिक यूरिया की वजह से इस बार प्याज की सेल्फ लाइफ पिछले साल के अपेक्षाकृत कम देखी जा रही है। जिस वजह से भंडारण में रखा प्याज भी सड़ा है। इसी के चलते हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को प्याज के दाम बढ़ने और उसकी जमाखोरी की आशंका सता रही है।


हरियाणावियों के स्वाद नहीं चढ़ता बाहरी प्याज
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि अभी फिलहाल बाहरी प्याज मंगवाने की जरूरत नहीं है। वैसे भी बाहरी देशों से मंगवाया गया प्याज हरियाणा के लोगों को स्वाद नहीं लगता। ऐसा पिछले साल देखा गया था, जब अफगानिस्तान का प्याज हरियाणा की मंडियों में बिका था। एक बार चखने के बाद हरियाणवियों ने सस्ता होने के बावजूद इसे नहीं खरीदा था।

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