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सत्ता में एक साल पूरा: खट्टर सरकार ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड

Tue, 20 Oct 2015 09:30 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 20 Oct 2015 09:30 PM IST
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one year of khattar government: presented government report card

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए भविष्य का रोड मैप तैयार कर दिया है।

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साथ ही मोदी की तरह विपक्ष को यह संदेश भी दे दिया है कि उनके एक साल के कार्यकाल की तुलना करने से पहले अपने 48 वर्षों का ट्रैक रिकार्ड देख लें। मुख्यमंत्री ने यहां चंडीगढ़ में अपना एक साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के साथ ही उसके आकलन का फैसला प्रदेश की जनता पर छोड़ दिया है।
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उन्होंने अब तक किए कार्यों को गिनवाते हुए यह संदेश दिया कि सरकारी नौकरियों में भर्ती का सिस्टम बदलने के बाद जो परिणाम आएंगे उससे प्रदेश की जनता स्वयं ही संतुष्ट हो जाएगी और विपक्ष के दावे खोखले साबित होंगे।
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यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे अपने एक साल के काम काज की तुलना पूर्व की हुडडा सरकार से करने के बजाए पिछले 48 सालों में हरियाणा में रही सरकारों से करेंगे। क्योंकि पिछले एक वर्ष में वह सब काम हुए हैं जो आज पहले हरियाणा में कभी नहीं हुए।

52 सप्ताह में 52 योजनाएं लागू किए जाने का दावा

one year of khattar government: presented government report card

खट्टर ने 52 सप्ताह में 52 योजनाएं लागू किए जाने का दावा करते हुए कहा कि इस अवधि के दौरान प्रदेश में सभी वर्गों के लिए विकास योजनाएं लागू की गई हैं। भाजपा सरकार सत्ता में आई तो उन्हें विद्युत निगमों समेत तमाम क्षेत्रों में हजारों करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला था।

खट्टर ने सीएम विंडो, सीएम वैबपोर्टल, हर समय सिटीजन पोर्टल, गर्वित ग्रामीण, समेत कई योजनाओं को प्रदेश के विकास में मील का पत्थर करार देते हुए स्वीकार किया कि सरकार के पहले वर्ष में लागू की गई योजनाओं का भले ही धरातल पर कोई परिणाम सामने नहीं आया है लेकिन भविष्य की नींव मजबूती से रख दी गई है।

कांग्रेस के प्रश्न के पहले ही दिए जवाब: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रेस को प्रश्न पत्र तैयार करने से पहले ही हमारे जवाब सुन लेने चाहिए। मौजूदा सरकार की विकास नीतियों को प्रदेश के गोल्डन जुबली वर्ष के साथ जोड़ते हुए सीएम ने कहा कि अपने पहले वर्ष में सरकार ने सभी विभागों के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। जिसे एक नवंबर से सभी विभागों में लागू कर दिया जाएगा।

कमीशन मोड से मिशन मोड में लाए सरकार: मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक की सरकारें कमीशन मोड में काम कर रही थीं। हम अपनी सरकार को मिशन मोड में लेकर आए हैं। बड़े घोटालो में सैकड़ों केस दर्ज हो चुके हैं। 33 से ज्यादा आरोपियों को सजा हो चुकी है। कौशल्या बांध, पंचकूला का शामलात भूमि का मामला, औद्योगिक प्लाट, पिलर बाक्स घोटाला, एचसीएस भर्ती में अनियमितता, मनरेगा घोटाला, एनआईटी फरीदाबाद का जमीन घोटाला, मानेसर, नौरंगपुर और लखनौरा में हुआ जमीन घोटाला, रैक्सिल बीज घोटाले जैसे मामलो की जांच विजिलेंस और सीबीआई जैसी ऐजेंसियों को दी है।

एसवाईएल जैसे मुद्दे लंबित होने के लिए पूर्ववर्ती सरकार दोषी

one year of khattar government: presented government report card

सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियां गिनवा रहे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कुछ अधिक तो नहीं बोले, लेकिन पंजाब पर हरियाणा की दावेदारी जरूर जता दी है। उन्होंने पंजाब के साथ अपने हिस्से के पानी की मांग को फिर से दोहराया है। खट्टर ने एसवाईएल जैसे मुद्दे लंबित होने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को दोषी ठहराया है।

उन्होंने कहा कि एसवाईएल और हांसी बुटाना नहर के मामलों की सही ढंग से पैरवी नहीं की गई, जिसके चलते हरियाणा की जनता को आज तक अपने हिस्से का पानी नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में एसवाईएल के मुद्दे पर केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सारी स्थिति से अवगत कराया है।

इस मामले में केंद्र से मदद की गुहार लगाई है। यह मामला वर्ष 2004 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। राज्य सरकार पूरे मामले में कानूनी राय भी ले रही है।

दक्षिण हरियाणा में हाईकोर्ट का बेंच: सुप्रीम कोर्ट में जल्द नए सिरे से केस दायर कर पुराने मामले के निपटारे की गुहार लगाई जाएगी। हरियाणा के अलग हाईकोर्ट के मुद्दे पर बोलते हुए खट्टर ने कहा कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट या केंद्र सरकार के विधि विभाग की ओर से लिया जाएगा। इसके बावजूद हरियाणा सरकार ने अलग हाईकोर्ट की स्थापना से पहले दक्षिण हरियाणा में हाईकोर्ट का बेंच स्थापित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा का अलग हाईकोर्ट होना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने अपना पक्ष केंद्रीय कानून मंत्री के सामने रखा है। अभी तक किसी स्तर पर विरोध नहीं है, लेकिन निर्णय सुप्रीम कोर्ट और विधि मंत्रालय की ओर से लिया जाना है।

उन्होंने केंद्र सरकार से हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में 60 व 40 का अनुपात समाप्त किए जाने की मांग करते हुए कहा है कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की संख्या में 50:50 के अनुपात से होनी चाहिए।

खट्टर सरकार का रिपोर्ट कार्ड: छोटी पड़ गई सूची

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मंगलवार को जब अपनी सरकार द्वारा बीते एक साल के दौरान लागू की गई 52 विकास योजनाओं की जानकारी दे रहे थे, तभी मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी की योजना उपलब्धियों की सूची में शामिल होने से रह गई है।

हालांकि मुख्यमंत्री ने यह बात काफी हल्के-फुलके अंदाज में कहीं, लेकिन सरकार के वर्ष भर के कामकाज का ब्योरा सूचीबद्ध करने वाले अधिकारी इस बात से परेशान हो गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के तीन शहरों को स्मार्ट सिटी बना रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से तो हरियाणा के केवल दो शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की अनुमति मिली है, फिर भी राज्य सरकार केंद्र से कुछ मदद लेकर तीन शहरों को स्मार्ट सिटी का रूप देगी।

दरअसल, मुख्यमंत्री खट्टर को भी इस योजना का ख्याल उस समय आया जब वे 52 योजनाओं की सूची पर विस्तार से जानकारी दे रहे थे और चर्चा बदरपुर-मुजेसर मैट्रो रेल लाइन की हुई।

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