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लोगों को काटने वाला कुत्ता मरा, अब रैबिज से बचें लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 09 May 2014 07:03 PM IST
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सेक्टर-20 में कई लोगों को अपना शिकार बनाने वाले कुत्तों में से एक कुतिया की मौत हो गई है। इस कुतिया को बुधवार को ही नगर निगम के डॉग कैचर दस्ते ने पकड़ा था। पकड़ने के बाद उसे सेक्टर-38 के सोसायटी फॉर प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनीमल(एसपीसीए) में भेज दिया गया था।
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वीरवार दोपहर करीब 3 बजे इस कुतिया ने दम तोड़ दिया। एसपीसीए प्रबंधन ने इस बात की पुष्टि कर दी है। कुत्ते की मौत की वजह अभी पता नहीं लग सकी है। कुत्ते का पोस्टमार्टम किया जा चुका है और अब शुक्रवार को उसका ब्रेन टेस्टिंग के लिए कसौली भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगा कि कुत्ते की मौत रेबिज से हुई है या फिर किसी और वजह से।
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इंजेक्शन न लगवाने वालों के लिए खतरा
स्थानीय पार्षद राजेश गुप्ता ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि जिस कुत्ते ने लोगों को काटा था वह मर गया है। डॉक्टरों के अनुसार काटने के बाद अगर कुत्ता मर जाए तो रेबिज की संभावनाएं बढ़ जाती है। अगर कुत्ते की मौत रेबिज से हुई होगी तो खतरा और बढ़ सकता है। जो लोग एंटी रेबिज इंजेक्शन और सिरम लगवा चुके हैं, उन्हें तो कोई खतरा नहीं होगा, लेकिन अगर किसी ने अभी तक इंजेक्शन नहीं लगवाया होगा उनके लिए खतरा हो सकता है।
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अगर काटने के हफ्ते या दस दिन के भीतर कुत्ते की मौत हो जाती है तो उसे रेबिज की संभावना होती है। ऐसी हालत में उस कुत्ते ने जिस-जिसको काटा है उसे एंटी रेबिज वैक्सीन जल्दी ही करवा लेनी चाहिए अन्यथा रेबिज का खतरा है।
-डॉ. अनिल गर्ग, लाइफ मैंबर, एसोसिएशन फार प्रीवेंशन ऑफ रेबिज इन इंडिया
नगर निगम ने पकड़े 4 कुत्ते
बुधवार को हुई घटनाओं के बाद नगर निगम ने कुत्ते पकड़ने का अभियान चलाया। निगम ने सेक्टर-20 में ही वीरवार को दोबारा कुत्ते पकड़ने के लिए अपना दल भेजा।
यहां से वीरवार को भी 4 कुत्तों को पकड़ा गया। इन्हें सटर्लाइजेशन और ऑपरेशन के लिए भिजवा दिया गया। सूत्रों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक सेक्टर-20 में ही कुत्ते पकड़ने का अभियान चलेगा।
सेक्टर-20 के पार्क में करेंगे प्रदर्शन
भाजपा पार्षद राजेश गुप्ता के नेतृत्व में शनिवार 10 मई को सेक्टर-20 के मठ मंदिर के पार्क में प्रदर्शन किया जाएगा। गुप्ता ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी कुत्तों की समस्या पर संवेदनहीन हो चुके हैं। कुत्तों के काटने के घटनाओं के बाद उन्होंने अफसरोें को कई बार फोन किए, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। वे इस संबंध में सुपरिटेंडेंट स्लॉटर हाउस डॉ.एमएस कंबोज के खिलाफ शिकायत करेंगे। गुप्ता ने कहा कि यह समस्या अब बेहद गंभीर हो चुकी है और अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रशासक और उनके सलाहकार के पास भी शिकायत करेंगे।
फ्री में नहीं होता इलाज
बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नगर निगम ने जवाब दिया था कि कुत्ते के काटने पर लोगों को फ्री इलाज की सुविधा दी जाती है। जबकि असलियत कुछ और ही है। सेक्टर-19 स्थित डिस्पेंसरी में कुत्ता काटने के मरीजों को 100 रुपये में वैक्सीनेशन दी जाती है। इसके अलावा मरीजों को बाहर से ही सिरम मंगवाकर लगवानी पड़ती है।
मरीजों को करीब 850 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस बारे में नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता का कहना है कि उन्होंने कोर्ट में कहा कि कुत्ते के काटने पर बिल्कुल फ्री में इलाज नहीं करते। मरीजों की सिर्फ कंसलटेशन फ्री की जाती है और एंटी रेबिज वैक्सीन उन्हें रियायती दर पर लगाई जाती है।
अभी हम ये नहीं कह सकते कि कुत्ते की मौत किसी वजह से हुई है। कुत्ता जब हमारे पास आया था तब उसेे चोट भी लगी थी। शायद लोगों ने उसे मारा होगा। कुत्ते का पोस्टमार्टम कर दिया गया है और उसका ब्रेन टेस्टिंग के लिए शुक्रवार को कसौली भिजवाएंगे।
-डॉ.जेसी कोचर,अध्यक्ष, एसपीसीए