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Hindi News ›   Haryana ›   On issue of finish of classification of SCs Mahapanchayat of 42 castes in rohtak

42 जातियों ने आरक्षण के लिए खोला मोर्चा, महापंचायत का ऐलान

Tue, 26 Apr 2016 05:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 Apr 2016 05:58 PM IST
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On issue of finish of classification of SCs  Mahapanchayat of 42 castes in rohtak
पंचायत की मीटिंग - फोटो :

दस वर्षों से अनुसूचित जातियों में वर्गीकरण समाप्त किए जाने का 42 जातियां खामियाजा भुगत रही हैं। पिछली सरकार ने वर्गीकरण समाप्त कर दिया था, जिससे इन 42 जातियों को पिछले महीनों के दौरान काफी नुकसान हुआ है।

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भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किए जाने के बाद भी अब तक इस दिशा में पहल नहीं की गई। मौजूदा प्रदेश सरकार को याद दिलाने के लिए एक मई को रोहतक में महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है।
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शांतिपूर्ण तरीके से होने वाली महापंचायत में राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब सहित अन्य प्रदेशों के भी सदस्य शामिल होंगे। अनूसचित जाति वर्ग एक के प्रदेश अध्यक्ष स्वदेश कबीर और हरियाणा वाल्मीकि सभा के अध्यक्ष संजीव धारू ने संवाददाताओं से ये बातें कहीं।
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महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. स्वदेश कबीर ने कहा कि पूर्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में वर्गीकरण को समाप्प्त कर दिया गया था, जिससे 42 जातियों में रोष है। कई बार इसके विरेाध में अनुसूचित जातियों के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किए, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इससे नौकरियों में भी इन 42 जातियों की संख्या नगण्य हो गई। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग में केवल एक ही जाति को 90 फीसदी से अधिक का लाभ मिला, जबकि 42 जातियों से वर्गीकरण की सुविधा भी छीन ली गई।

भाजपा ने भी चुनावी घोषणा पत्र में हरियाणा में अनुसूचित जाति में वर्गीकरण को छह महीने के अंदर लागू करने का वादा किया था, लेकिन डेढ़ साल से अधिक वक्त बीतने के बाद भी इसपर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। उधर, प्रेस कांफ्रेस से पहले पदाधिकारियों के बीच किसी बात को लेकर आपसी कहासुनी हुई, लेकिन इस बारे में अध्यक्ष ने कहा कि यह अंदरूनी मामला था।
 
42 जातियों को नहीं मिल रही है सुविधाएं: 

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 42 जातियों में वाल्मीकि, धानक, खटीक, सांसी, बावरिया, बाजीगर, मिरासी, सिगलीगर सहित अन्य जातियां भी हैं, जिन्हें खट्टर सरकार से काफी उम्मीदें हैं।


वर्गीकरण के तहत एक और बी वर्ग में शामिल जातियों को 10-10 फीसदी आरक्षण का लाभ मिल रहा था, लेकिन 2006 में इसे समाप्त कर दिया गया। इससे एक ही जाति को 90 फीसदी तक का लाभ होने का प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी हकों को लेकर एक मई को महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।

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