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कृषि मंत्री धनखड़ ने नई पंचायतों को बताया ‘कन्हैया’
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 07 Mar 2016 04:40 PM IST
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प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के पंचायती राज और कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने रोहतक में नव निर्वाचित पढ़ी-लिखी पंचायत को ‘कन्हैया’ नाम दिया। उन्होंने तर्क दिया कि कन्हैया का जन्म बड़ी मुश्किलों से हुआ है। कन्हैया को जन्म से पहले ही रोकने के लिए कोई हाईकोर्ट गया तो कोई सुप्रीम कोर्ट। लेकिन न्यायालय ने भी कन्हैया के जन्म का ही समर्थन किया। उन्होंने ग्राम सचिवों से कहा कि अब कन्हैया वृंदावन पहुंच चुका है।
कन्हैया का बेहतर तरीके से पालन करें, ताकि वृंदावन में कोई भ्रष्टाचार न हो। उन्होंने शिक्षित नेतृत्व की बात करते हुए कहा कि एक बेहतर नेतृत्व चाहे वह परिवार का हो या सरकार का, विकास का पहिया तेजी से चलाता है। वे रविवार को रोहतक के सेक्टर-3 स्थित सामुदायिक केंद्र में हुए ग्राम सचिव सम्मेलन में बोल रहे थे। इस दौरान धनखड़ ने ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन की वेबसाइट लांच की।
इस वेबसाइट के माध्यम से सभी सचिव संपर्क में रहेंगे और विभाग के कार्य से जुड़ी अहम जानकारी साझा करेंगे। इसके साथ ही वे यूनिवर्सिटी से पारदर्शिता का पाठ भी पढ़ेंगे, बाकायदा सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
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जैसा इंजन होगा वैसी ही होगी ट्रेन की स्पीड
धनखड़ ने मुहावरों के सहारे कड़वी सच्चाई भी बयां की। उन्होंने बिजली बिल न भरने और गांव में चल रही बसों में किराया न देने की शिकायतों पर कहा कि जैसा इंजन होगा वैसी ही ट्रेन की स्पीड होगी। बिजली बिल न भरने और बसों में किराया नहीं देने पर संबंधित विभाग घाटे में चले जाते हैं। प्रदेश में बिजली उत्पादन की समस्या नहीं है, बल्कि प्रयोग के बाद भुगतान की समस्या है।
विभाग में बढ़ेंगी महिलाएं
धनखड़ ने कहा कि विभाग में महिलाओं की संख्या बढ़ानी होगी। इसके अलावा उन्होंने अन्य ग्राम सचिवों की संख्या बढ़ाने की भी बात कही।
विश्वविद्यालयों में ग्राम सचिव पढ़ेंगे पारदर्शिता का पाठ
शिक्षित ग्राम पंचायत को और ज्यादा पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक नई पहल की है। प्रदेश के सभी ग्राम सचिवों को विश्वविद्यालयों में तीन महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे तकनीकी के माध्यम से कार्य कर ग्रामीण विकास में पूरा सहयोग दे सकें।
राहत कोष में ग्राम सचिवों ने दिए 18 लाख रुपये
रोहतक और झज्जर के नवनिर्वाचित सरपंचों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में करीब सवा दो करोड़ रुपये दिए हैं। इसके बाद ग्राम सचिवों ने भी एकजुट होकर सीएम राहत कोष में 18 लाख रुपये की भागीदारी की है।
वेतन बढ़ाया तो हो जाएंगे पंजाब जैसे हालात
ग्राम सचिवों का वेतनमान बढ़ाने की मांग पर धनखड़ ने कहा कि वेतनमान की एक सीमा होनी चाहिए, नहीं तो पंजाब जैसे बुरे हाल हो जाएंगे। वेतनमान बढ़ाने से विकास कार्यों के लिए फंड कम पड़ जाता है। हालांकि वित्तीय मांगों पर कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही इस मसले पर बैठक करेगी, इसमें ग्राम सचिव के एक प्रतिनिधिमंडल को भी शामिल किया जाएगा।
सचिव बोले, बायोमैट्रिक हाजिरी से होती है परेशनी
ग्राम सचिवों ने कृ षिमंत्री के सामने अपनी कई मांगें रखीं। सचिवों का कहना था कि उन्हें ऑफिस में जाकर बायोमैट्रिक हाजिरी लगानी पड़ती है, दिनभर में एक सचिव को चार गांवों का दौरा करना पड़ता है। ऐसे में उसे शाम को ऑफिस में हाजिरी लगाने के लिए वापस आना पड़ता है। इस पर कृषिमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से जल्द गांव में ग्राम सचिवालय बनाए जाएंगे, ताकि ग्राम सचिवों का अलग से ऑफिस हो।
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कन्हैया का बेहतर तरीके से पालन करें, ताकि वृंदावन में कोई भ्रष्टाचार न हो। उन्होंने शिक्षित नेतृत्व की बात करते हुए कहा कि एक बेहतर नेतृत्व चाहे वह परिवार का हो या सरकार का, विकास का पहिया तेजी से चलाता है। वे रविवार को रोहतक के सेक्टर-3 स्थित सामुदायिक केंद्र में हुए ग्राम सचिव सम्मेलन में बोल रहे थे। इस दौरान धनखड़ ने ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन की वेबसाइट लांच की।
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इस वेबसाइट के माध्यम से सभी सचिव संपर्क में रहेंगे और विभाग के कार्य से जुड़ी अहम जानकारी साझा करेंगे। इसके साथ ही वे यूनिवर्सिटी से पारदर्शिता का पाठ भी पढ़ेंगे, बाकायदा सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
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जैसा इंजन होगा वैसी ही होगी ट्रेन की स्पीड
धनखड़ ने मुहावरों के सहारे कड़वी सच्चाई भी बयां की। उन्होंने बिजली बिल न भरने और गांव में चल रही बसों में किराया न देने की शिकायतों पर कहा कि जैसा इंजन होगा वैसी ही ट्रेन की स्पीड होगी। बिजली बिल न भरने और बसों में किराया नहीं देने पर संबंधित विभाग घाटे में चले जाते हैं। प्रदेश में बिजली उत्पादन की समस्या नहीं है, बल्कि प्रयोग के बाद भुगतान की समस्या है।
विभाग में बढ़ेंगी महिलाएं
धनखड़ ने कहा कि विभाग में महिलाओं की संख्या बढ़ानी होगी। इसके अलावा उन्होंने अन्य ग्राम सचिवों की संख्या बढ़ाने की भी बात कही।
विश्वविद्यालयों में ग्राम सचिव पढ़ेंगे पारदर्शिता का पाठ
शिक्षित ग्राम पंचायत को और ज्यादा पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक नई पहल की है। प्रदेश के सभी ग्राम सचिवों को विश्वविद्यालयों में तीन महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे तकनीकी के माध्यम से कार्य कर ग्रामीण विकास में पूरा सहयोग दे सकें।
राहत कोष में ग्राम सचिवों ने दिए 18 लाख रुपये
रोहतक और झज्जर के नवनिर्वाचित सरपंचों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में करीब सवा दो करोड़ रुपये दिए हैं। इसके बाद ग्राम सचिवों ने भी एकजुट होकर सीएम राहत कोष में 18 लाख रुपये की भागीदारी की है।
वेतन बढ़ाया तो हो जाएंगे पंजाब जैसे हालात
ग्राम सचिवों का वेतनमान बढ़ाने की मांग पर धनखड़ ने कहा कि वेतनमान की एक सीमा होनी चाहिए, नहीं तो पंजाब जैसे बुरे हाल हो जाएंगे। वेतनमान बढ़ाने से विकास कार्यों के लिए फंड कम पड़ जाता है। हालांकि वित्तीय मांगों पर कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही इस मसले पर बैठक करेगी, इसमें ग्राम सचिव के एक प्रतिनिधिमंडल को भी शामिल किया जाएगा।
सचिव बोले, बायोमैट्रिक हाजिरी से होती है परेशनी
ग्राम सचिवों ने कृ षिमंत्री के सामने अपनी कई मांगें रखीं। सचिवों का कहना था कि उन्हें ऑफिस में जाकर बायोमैट्रिक हाजिरी लगानी पड़ती है, दिनभर में एक सचिव को चार गांवों का दौरा करना पड़ता है। ऐसे में उसे शाम को ऑफिस में हाजिरी लगाने के लिए वापस आना पड़ता है। इस पर कृषिमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से जल्द गांव में ग्राम सचिवालय बनाए जाएंगे, ताकि ग्राम सचिवों का अलग से ऑफिस हो।