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ओलंपियन योगेश्वर दत्त के गुरु मास्टर सतबीर नहीं रहे, शोक की लहर
ब्यूरो/अमर उजाला, गोहाना(हरियाणा)
Updated Wed, 20 Jul 2016 09:23 AM IST
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ओलंपियन योगेश्वर दत्त के पहले कोच मास्टर सतबीर नहीं रहे
- फोटो : अमर उजाला
पहलवान योगेश्वर दत्त के पहले गुरु और हरियाणवी संस्कृति के स्तम्भ और रागनी गायकों के सम्राट मास्टर सतबीर हमारे बीच नही रहे। गोहाना के गांव भैंसवाल में लम्बी बीमारी के बाद सोमवार सुबह 66 साल की आयु में उनका निधन हो गया।
वे तीन महीने से डायलिसिस पर थे, सुबह सवा छह बजे अंतिम सांस ली। वे पीटीआई अध्यापक के तौर पर सेवानिवृत हो चुके थे। सूर्यकवि लख्मीचंद के किस्सों को आमजन तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही।
इन की एक खासियत यह भी थी कि इन्होंने कभी महिला कलाकारों के साथ नही गाया। हरियाणवी रागिनी के साथ-साथ ये ये गांव भैंसवाल में अपना अखाड़ा भी चलाते थे। पहलवान योगेश्वर दत्त भी इन्हीं के अखाड़े से निकले हुए हैं। मास्टर सतबीर के निधन की खबर सुन उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ गई।
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वे तीन महीने से डायलिसिस पर थे, सुबह सवा छह बजे अंतिम सांस ली। वे पीटीआई अध्यापक के तौर पर सेवानिवृत हो चुके थे। सूर्यकवि लख्मीचंद के किस्सों को आमजन तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही।
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इन की एक खासियत यह भी थी कि इन्होंने कभी महिला कलाकारों के साथ नही गाया। हरियाणवी रागिनी के साथ-साथ ये ये गांव भैंसवाल में अपना अखाड़ा भी चलाते थे। पहलवान योगेश्वर दत्त भी इन्हीं के अखाड़े से निकले हुए हैं। मास्टर सतबीर के निधन की खबर सुन उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ गई।
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