{"_id":"5bc6d679bdec226988375ab5","slug":"oldest-flying-club-of-haryana-facing-ignorance-indian-airforce","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सबसे पुराना फ्लाइंग क्लब अनदेखी का शिकार, 26 माह बाद शुरू हुई ट्रेनिंग...6 महीने में ही ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सबसे पुराना फ्लाइंग क्लब अनदेखी का शिकार, 26 माह बाद शुरू हुई ट्रेनिंग...6 महीने में ही ठप
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 17 Oct 2018 12:02 PM IST
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फ्लाइंग क्लब हिसार
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एक और जहां हरियाणा सरकार हिसार में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और एविएशन हब स्थापित कर यहां से इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू करने की तैयारी कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर यहीं मौजूद प्रदेश का सबसे पुराना फ्लाइंग ट्रेनिंग क्लब अनदेखी का शिकार है। 26 महीने बाद मार्च 2018 में इस क्लब में फ्लाइंग ट्रेनिंग शुरू हुई थी, लेकिन अब सिर्फ छह महीने में ही ठप हो गई है।
इससे यहां फ्लाइंग प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को आनन-फानन में करनाल फ्लाइंग क्लब में शिफ्ट कर दिया गया है। हरियाणा सिविल एविएशन विभाग के अंतर्गत हिसार, करनाल और पिंजौर में हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन के नाम से तीन फ्लाइंग क्लब मौजूद हैं।
हिसार फ्लाइंग क्लब में चीफ एवं डिप्टी चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर न होने की वजह से यहां जनवरी 2016 में फ्लाइंग ट्रेनिंग बंद कर दी गई थी। करीब सवा दो साल बाद यहां डिप्टी चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति की गई थी। जिसके चलते मार्च 2018 में यहां फ्लाइंग ट्रेनिंग शुरू की गई, जिसे 15 सितंबर को अचानक बंद कर दिया गया।
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इससे यहां फ्लाइंग प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को आनन-फानन में करनाल फ्लाइंग क्लब में शिफ्ट कर दिया गया है। हरियाणा सिविल एविएशन विभाग के अंतर्गत हिसार, करनाल और पिंजौर में हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन के नाम से तीन फ्लाइंग क्लब मौजूद हैं।
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हिसार फ्लाइंग क्लब में चीफ एवं डिप्टी चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर न होने की वजह से यहां जनवरी 2016 में फ्लाइंग ट्रेनिंग बंद कर दी गई थी। करीब सवा दो साल बाद यहां डिप्टी चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति की गई थी। जिसके चलते मार्च 2018 में यहां फ्लाइंग ट्रेनिंग शुरू की गई, जिसे 15 सितंबर को अचानक बंद कर दिया गया।
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चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर अचानक काम छोड़कर चले गए
फ्लाइंग क्लब
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों करनाल फ्लाइंग क्लब में तैनात डिप्टी चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर अचानक काम छोड़कर चले गए, जिसके चलते सरकार ने तुरंत प्रभाव से हिसार फ्लाइंग क्लब के डिप्टी चीफ फ्लाइंग इस्ट्रक्टर का तबादला करनाल में कर दिया। जिसके बाद हिसार में फ्लाइंग ट्रेनिंग बंद हो गई।
भारत-चीन युद्ध के दौरान बना था एयरबेस
हिसार एयरबेस संयुक्त पंजाब के समय का है। सन 1962 में जब भारत-चीन का युद्ध हुआ था तो इस एयरबेस का निर्माण एयरफोर्स को बैकअप देने के लिए दिया गया था। आज भी करीब 190 एकड़ में बने इस रनवे का इस्तेमाल एयरफोर्स के बैकअप के रूप में होता है। लेकिन हरियाणा सिविल एविएशन विभाग यहां युवाओं को फ्लाइंग ट्रेनिंग देने के लिए एक फ्लाइंग क्लब भी चलाती है।
हिसार फ्लाइंग क्लब में फ्लाइंग ट्रेनिंग क्यों बंद की गई है। इस बारे में वह विभागीय अफसरों से रिपोर्ट लेंगे। यदि वहां चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर नहीं है तो उसकी भी तैनाती होगी। लेकिन वहां फ्लाइंग ट्रेनिंग ठप नहीं होने देंगे।
- राव नरबीर, नागरिक उड्डयन मंत्री, हरियाणा
भारत-चीन युद्ध के दौरान बना था एयरबेस
हिसार एयरबेस संयुक्त पंजाब के समय का है। सन 1962 में जब भारत-चीन का युद्ध हुआ था तो इस एयरबेस का निर्माण एयरफोर्स को बैकअप देने के लिए दिया गया था। आज भी करीब 190 एकड़ में बने इस रनवे का इस्तेमाल एयरफोर्स के बैकअप के रूप में होता है। लेकिन हरियाणा सिविल एविएशन विभाग यहां युवाओं को फ्लाइंग ट्रेनिंग देने के लिए एक फ्लाइंग क्लब भी चलाती है।
हिसार फ्लाइंग क्लब में फ्लाइंग ट्रेनिंग क्यों बंद की गई है। इस बारे में वह विभागीय अफसरों से रिपोर्ट लेंगे। यदि वहां चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर नहीं है तो उसकी भी तैनाती होगी। लेकिन वहां फ्लाइंग ट्रेनिंग ठप नहीं होने देंगे।
- राव नरबीर, नागरिक उड्डयन मंत्री, हरियाणा