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पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की मुश्किलें बढ़ीं, बुजुर्ग का बयान- गिरफ्तार करके मुझ पर किया अत्याचार
Sat, 26 Sep 2020 09:42 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, मोहाली
अमर उजाला, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 26 Sep 2020 09:42 AM IST
सार
- 75 साल के बुजुर्ग ने आरोप लगाते हुए दर्ज कराए बयान
- अपने ऊपर हुए बम धमाके का मास्टर माइंड तक बना दिया था
- लुधियाना सिंगार सिनेमा कांड में भी जोड़ दिया था नाम
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PIXABAY
विस्तार
29 साल पुराने आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी के अगवा व हत्या के केस में पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 75 साल के बुजुर्ग भगवान सिंह मोकल निवासी गिलको हाइट्स मोहाली ने एक प्राइवेट गवाह के रूप में अपने बयान दर्ज करवाए हैं। उन्होंने आईपीसी की धारा-164 के तहत बयान दर्ज करवाए हैं। उनके वकील एडवोकेट सिमरनजीत सिंह ने इस बात की पुष्टि की है।
जानकारी के मुताबिक, भगवान सिंह मोकल ने अदालत में दर्ज कराए अपने बयान में बताया है कि वह सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के पूर्व प्रधान रहे हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में 1978 से 1984 तक गुरु नानक सिंह स्टडीज विभाग में बतौर रिसर्चर सलाहकार कार्यरत थे। उसी दौरान पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी एमए पॉलिटिकल स्टडीज के छात्र थे। 1991 में सैनी जब चंडीगढ़ में एसएसपी थे, तब उन पर बम से हमला हुआ था।
भगवान सिंह ने बताया कि फेडरेेशन का प्रधान होने के नाते संदेह के आधार पर सैनी ने 29 जनवरी 1992 की रात को मुझे मोहाली से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने मुझ पर खूब अत्याचार किए। मुझे बम धमाके का मास्टर माइंड तक बताया गया। सैनी ने कहा था कि उसने आईएएस के बेटे बलवंत मुल्तानी को मार दिया है। मोकल के मुताबिक, सैनी ने लुधियाना के सिंगार सिनेमा बम कांड में भी उनका नाम शामिल कर दिया था।
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हालात यह थे कि वह कहीं शिकायत दर्ज कराने भी नहीं जा सकते थे। इसी बीच उसे मीडिया से पता चला कि पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी के खिलाफ मटौर थाने में दर्शन सिंह मुल्तानी के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी पर मटौर थाने में केस दर्ज हुआ। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट गवाह के रूप में अपने बयान दर्ज करवाए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, भगवान सिंह मोकल ने अदालत में दर्ज कराए अपने बयान में बताया है कि वह सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के पूर्व प्रधान रहे हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में 1978 से 1984 तक गुरु नानक सिंह स्टडीज विभाग में बतौर रिसर्चर सलाहकार कार्यरत थे। उसी दौरान पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी एमए पॉलिटिकल स्टडीज के छात्र थे। 1991 में सैनी जब चंडीगढ़ में एसएसपी थे, तब उन पर बम से हमला हुआ था।
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भगवान सिंह ने बताया कि फेडरेेशन का प्रधान होने के नाते संदेह के आधार पर सैनी ने 29 जनवरी 1992 की रात को मुझे मोहाली से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने मुझ पर खूब अत्याचार किए। मुझे बम धमाके का मास्टर माइंड तक बताया गया। सैनी ने कहा था कि उसने आईएएस के बेटे बलवंत मुल्तानी को मार दिया है। मोकल के मुताबिक, सैनी ने लुधियाना के सिंगार सिनेमा बम कांड में भी उनका नाम शामिल कर दिया था।
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हालात यह थे कि वह कहीं शिकायत दर्ज कराने भी नहीं जा सकते थे। इसी बीच उसे मीडिया से पता चला कि पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी के खिलाफ मटौर थाने में दर्शन सिंह मुल्तानी के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी पर मटौर थाने में केस दर्ज हुआ। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट गवाह के रूप में अपने बयान दर्ज करवाए हैं।