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गजब, एक ही नम्बर कर दिया दो को अलॉट
अमर उजाला मोहाली
Updated Sat, 21 Dec 2013 10:53 AM IST
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स्थायी लोक अदालत ने एक केस की सुनवाई करते हुए वोडाफोन एसार साउथ लिमिटेड को एक नंबर शिकायतकर्ता को अलॉट करने का आदेश दिया है।
अगर कंपनी उसे वह फोन नंबर नहीं दे सकती है तो कंपनी को शिकायतकर्ता को पचास हजार रुपये देने होंगे।
जस्टिस जगरूप सिंह माहल की अध्यक्षता वाली स्थायी लोक अदालत ने साहिब सिंह की अर्जी पर सुनवाई करते हुए 18 दिसंबर को अपना फैसला सुनाया।
साहिब सिंह ने अपनी अर्जी में कहा था कि 13 मार्च-13 को वोडाफोन के स्टोर वेव्स सिस्टम कॉरपोरेशन द्वारा उसे मोबाइल नंबर 98888-90990 अलॉट किया गया था।
उसने सिक्योरिटी के रूप में ढाई सौ रुपये भी जमा कराए थे। पर बाद में यह नंबर पठानकोट निवासी उदय प्रताप सिंह को अलॉट कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान वोडाफोन ने दलील दी कि यह नंबर पहले ही उदय प्रताप सिंह को अलॉट किया गया था।
पर कंपनी इस बारे में कोई सबूत पेश नहीं कर सकी। अदालत ने माना कि जब तक यह नंबर साहिब सिंह के नाम पर अलॉट है, इसे किसी और को अलॉट नहीं किया जा सकता।
अदालत ने वोडाफोन को आदेश दिया है कि नंबर साहिब सिंह को अलॉट किया जाए। पर कंपनी को यह भी विकल्प दिया गया है कि अगर वह यह नंबर उदय प्रताप सिंह से नहीं लेना चाहती है तो उसे साहिब सिंह को पचास हजार रुपये देने होंगे।
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अगर कंपनी उसे वह फोन नंबर नहीं दे सकती है तो कंपनी को शिकायतकर्ता को पचास हजार रुपये देने होंगे।
जस्टिस जगरूप सिंह माहल की अध्यक्षता वाली स्थायी लोक अदालत ने साहिब सिंह की अर्जी पर सुनवाई करते हुए 18 दिसंबर को अपना फैसला सुनाया।
साहिब सिंह ने अपनी अर्जी में कहा था कि 13 मार्च-13 को वोडाफोन के स्टोर वेव्स सिस्टम कॉरपोरेशन द्वारा उसे मोबाइल नंबर 98888-90990 अलॉट किया गया था।
उसने सिक्योरिटी के रूप में ढाई सौ रुपये भी जमा कराए थे। पर बाद में यह नंबर पठानकोट निवासी उदय प्रताप सिंह को अलॉट कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान वोडाफोन ने दलील दी कि यह नंबर पहले ही उदय प्रताप सिंह को अलॉट किया गया था।
पर कंपनी इस बारे में कोई सबूत पेश नहीं कर सकी। अदालत ने माना कि जब तक यह नंबर साहिब सिंह के नाम पर अलॉट है, इसे किसी और को अलॉट नहीं किया जा सकता।
अदालत ने वोडाफोन को आदेश दिया है कि नंबर साहिब सिंह को अलॉट किया जाए। पर कंपनी को यह भी विकल्प दिया गया है कि अगर वह यह नंबर उदय प्रताप सिंह से नहीं लेना चाहती है तो उसे साहिब सिंह को पचास हजार रुपये देने होंगे।