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पंजाब के वेटलैंड से रूठे साइबेरियन पक्षी, इस बार कम हुई आमद, अधिकारियों ने बताई ये वजह

Sat, 13 Feb 2021 11:04 AM IST
निवेदिता वर्मा अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 13 Feb 2021 11:04 AM IST
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Number of Siberian birds arriving in Wetland of Punjab decreased
हरिके वेटलैंड - फोटो : फाइल फोटो

पंजाब के वेटलैंड से इस बार साइबेरियन पक्षी रूठ गए। प्रमुख तीन वेटलैंड साइट रंजीत सागर, केशोपुर और हरिके पत्तन में इस बार 10 से 12 हजार विदेशी मेहमान कम पहुंचे। अच्छी बात यह रही कि इस साल कुछ ऐसे मेहमान भी नजर आए, जिन्होंने पहली बार भारत की ओर रुख किया। वन विभाग के अधिकारी पक्षियों के कम आने का कारण इस साल बारिश कम होना बता रहे हैं।

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रूस के साइबेरिया में तापमान माइनस 50 डिग्री तक चले जाने के बाद खाने के संकट से उबरने के लिए हर वर्ष साइबेरियन पक्षी भारत के कई स्थानों की ओर रुख करते हैं। पंजाब में भी अधिकतर वेटलैंड में भोजन की तलाश में ये विदेशी मेहमान आते हैं। रंजीत सागर, केशोपुर और उत्तर भारत के प्रमुख वेटलैंडों में शुमार हरिके पत्तन में अधिक संख्या में विदेशी मेहमानों की हर साल आमद होती थी, लेकिन इस बार इन स्थानों में एक से 12 हजार पक्षियों की संख्या में कमी आई। 
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रंजीत सागर में अमूमन 4000 साइबेरियन पक्षी आते थे, इस बार 1000 पक्षी कम पहुंचे। केशोपुर में भी 20000 की संख्या में ये पक्षी पहुंचते थे, लेकिन इस बार 1300 पक्षी कम आए। यही हाल हरिके पत्तन वेटलैंड का रहा। यहां हर साल करीब एक लाख 23 हजार विदेशी मेहमान आते थे, लेकिन यहां भी 12 हजार पक्षी इस बार कम पहुंचे। इस बार खास बात यह रही कि कुछ स्थानों पर पहली बार हरनेड ग्रेब, इस्ब्रीन शिर्क, वाटर पीपीट, प्रेग्राइन फाल्कन प्रजाति के पक्षियों को देखा गया। इन पक्षियों के आने से यह सिद्ध हो रहा है कि इन्हें यहां का वातावरण पसंद आया है।
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कुछ स्थानों पर पक्षियों के कम आने की प्राथमिक सूचना मिली है। हालांकि अभी पक्षियों की गिनती जारी है। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। इस बार बारिश अन्य साल के मुकाबले कम हुई है, जिसके कारण भी पक्षियों की संख्या कम हो सकती है। - आरके मिश्रा, मुख्य वनपाल (वन्य जीव), पंजाब।

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