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Chandigarh News: कनाडा से इलाज कराने आई एनआरआई महिला की मौत, अस्पताल पर लापरवाही के आरोप

Mon, 18 May 2026 01:41 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 01:41 AM IST
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NRI woman who came from Canada for treatment dies, hospital accused of negligence
खरड़। घड़ूंआं के अल्फा चंडीगढ़ अस्पताल में डेंटल इम्प्लांट कराने आई कनाडा निवासी एनआरआई महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए एसएसपी मोहाली को शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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मृतका की पहचान कैलगरी (कनाडा) निवासी अमृता बेदी के रूप में हुई है। शिकायत के अनुसार अमृता वीरवार को दांतों के इम्प्लांट के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थीं। उनकी मां अन्नपूर्णा साही ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही के कारण उनकी बेटी की जान चली गई।
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परिजनों के मुताबिक अस्पताल से फोन कर बताया गया था कि मरीज की तबीयत बिगड़ रही है। जब वे कमरे में पहुंचे तो अमृता बेहोशी की हालत में थीं और वहां कोई इमरजेंसी उपचार चलता दिखाई नहीं दिया। हालत गंभीर होने पर उन्हें पीजीआई रेफर किया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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परिवार ने आरोप लगाया कि अमृता को पीजीआई पहुंचाने में करीब 25 मिनट की देरी की गई। उन्होंने अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिकॉर्ड तुरंत सील करने की मांग की है ताकि सबूत सुरक्षित रह सकें। परिजनों का यह भी आरोप है कि पीजीआई पहुंचने के बाद निजी अस्पताल का स्टाफ वहां से चला गया और मरीज की स्थिति को लेकर कोई जानकारी नहीं दी।
शिकायत में एट्राक्यूरियम नामक दवा के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए गए हैं। परिवार का आरोप है कि यह पैरालिटिक दवा सामान्यतः एनेस्थेटिस्ट की निगरानी और वेंटिलेटर सुविधा के साथ दी जाती है जबकि अस्पताल में पर्याप्त लाइफ सपोर्ट सिस्टम मौजूद नहीं था। रेफरल स्लिप में मरीज का ब्लड प्रेशर 50/30 दर्ज होने का भी जिक्र किया गया है।

परिवार के अनुसार जनवरी में कनाडा से व्हाट्सएप के माध्यम से डॉक्टर से संपर्क किया गया था। दांतों की तस्वीरें और एक्स-रे भेजने के बाद पूरा इलाज तय हुआ और भारत आने पर 59 हजार रुपये एडवांस जमा करवाए गए थे। अमृता अपने पीछे पति और एक छोटी बेटी छोड़ गई हैं। वहीं अस्पताल के डॉक्टर सिद्धार्थ दुग्गल ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि अस्पताल की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। उन्होंने कहा कि मौत का कारण संभवतः दवा का रिएक्शन हो सकता है लेकिन वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।
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