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Chandigarh News: अब हर सप्ताह मारने होंगे दो छापे, परिणाम नहीं देने वाले अधिकारी हटेंगे

Thu, 16 Jan 2025 01:15 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2025 01:15 AM IST
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Now two raids will have to be conducted every week officers who do not give results will be removed
-गिरते लिंगानुपात को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया, सीएमओ को जारी किए दिशा-निर्देश
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-दो महीने बाद हर जिले की समीक्षा भी होगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साल 2024 में हरियाणा का लिंगानुपात आठ साल में सबसे कम दर्ज किया गया है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने 9 जनवरी के अंक में प्रमुखता से उठाया। इसके बाद घटते लिंगानुपात के मुद्दे को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी सिविल सर्जन को गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम 1994 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। हर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कहा गया है कि वह हर सप्ताह कम से कम दो जगह छापे डाले। परिणाम नहीं देने वाले पीएनडीटी सेल के नोडल अधिकारियों को बदलने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा अब दो महीने बाद हर जिले की समीक्षा भी की जाएगी।
साल 2024 में हजार लड़कों की तुलना में 910 लड़कियों ने जन्म लिया है। साल 2024 में 2023 के मुकाबले छह अंकों की गिरावट दर्ज की गई। 2023 में 916, 2022 में 917, 2021 में 914, 2020 में 922, 2019 में 923, 2018 में 914, 2017 में 914, 2016 में 900 लिंगानुपात दर्ज किया गया था। हालांकि राज्य सरकार के प्रयासों की वजह से 2014 के बाद जन्म के समय लिंगानुपात ने अभूतपूर्व वृद्धि की थी। 2012 में 832, 2013 में 868 और 2014 में 871 लिंगानुपात था। लिंगानुपात गिरने पर प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की समीक्षा की और पाया कि कुछ जिलों में पीसीपीएनडीटी एक्ट को सख्ती से लागू नहीं किया गया है। इसी का नतीजा है कि साल 2024 में 9 सालों में पीसी-पीएनडीटी और मेडिकल टर्मिनेशन के तहत सबसे कम 47 एफआईआर दर्ज की गई हैं। साल 2023 में इन एफआईआर की संख्या 85 थी।
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पिछले दिनों स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल ने सभी सीएमओ के साथ बैठक की और हर जिले में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हर जिले को अपना 100 फीसदी देना होगा। सभी को अपना कार्य पूरी ईमानदारी और मेहनत से करना होगा। उन्होंने हर जिले के सीएमओ को निर्देश देते हुए कहा है कि पीएनडीटी सेल के नोडल अधिकारी जो अपना काम कुशलतापूर्वक नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें हटा दिया जाए और हर सप्ताह कम से कम दो जगह छापे जरूर डाले जाएं।
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सभी सीएमओ को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि पीसीपीएनडीटी एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए। दो महीने बाद लिंगानुपात में वृद्धि होने की उम्मीद है।-डाॅ. मनीष बंसल, स्वास्थ्य महानिदेशक।
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