चंडीगढ़ में कोरोना : लंबा होगा इलाज का इंतजार, अब सरकारी अस्पतालों में आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य
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चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण की तेजी से बढ़ती रफ्तार से प्रशासन गंभीर है। अब प्रशासन ने सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में आरटीपीसीआर टेस्ट कराना अनिवार्य कर दिया है। इस रिपोर्ट को आने में समय लगता है। ऐसे में अब मरीजों को ओपीडी में इलाज कराने के लिए 24 से 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ेगा।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने गुरुवार को आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिस मरीज के पास आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट हो, उन्हें ही ओपीडी में देखा जाए। इसके बाद निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कंग ने रैपिड एंटीजन टेस्ट की जगह सभी के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया है।
डॉ. कंग ने बताया कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की भी जांच की जाएगी, लेकिन रिपोर्ट आने तक उनका इलाज नहीं रोका जाएगा। इसके अलावा जिन मरीजों के पास 72 घंटे पहले तक की रिपोर्ट होगी उसे मान्य किया जाएगा। इससे पुरानी रिपोर्ट होने पर उसे दोबारा जांच के लिए नमूना देना पड़ेगा, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही डॉक्टर उसे ओपीडी में देखेंगे।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार से पीजीआई को 600 और जीएमसीएच 32 को 200 जांच के नमूने भेजे जाएंगे। वहीं जांच की संख्या बढ़ाने के लिए मोहाली स्थित इमटेक के साथ भी बातचीत की जाएगी। अगर सबकुछ ठीक रहा तो शीघ्र वहां भी जांच शुरू हो जाएगी। इसके बाद ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों की आरटीपीसीआर जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने प्लांड सर्जरी की बंद
डॉ. कंग ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण फिलहाल अस्पतालों में प्लांड सर्जरी पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल हर्निया, पथरी और ऐसी अन्य बीमारियों वाले मरीजों की सर्जरी को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। इमरजेंसी में सर्जरी की सुविधा बहाल रहेगी। सामान्य सर्जरी पर इसलिए रोक लगाई गई है, क्योंकि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के देखते हुए आइसोलेशन वार्ड की संख्या बढ़ानी पड़ी है।
211 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
चंडीगढ़ में गुरुवार को 200 से ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आए। अलग अलग इलाकों से 211 पॉजिटिव मरीजों के मिलने से स्थिति और गंभीर हो गई है। गुरुवार को जांच की संख्या बुधवार की तुलना में कम रही। 1758 संदिग्ध मरीजों की कोरोना की जांच की गई, जिसमें से 211 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अभी 135 की रिपोर्ट आनी बाकी है।
दूसरी तरफ एकांतवास में रखे गए 75 मरीजों को 10 दिन की अवधि पूरी हो जाने के बाद शुक्रवार को डिस्चार्ज किया गया। 211 मरीजों में सबसे ज्यादा 16 मरीज सेक्टर 49 से, 13 मरीज मनीमाजरा, 12 मरीज सेक्टर 40 से, 11 मरीज सेक्टर 35 से, 10 मरीज सेक्टर 22 से और 6-6 मरीज सेक्टर 15 व 16 में मिले हैं। शहर में एक्टिव केस की संख्या 1466 पर पहुंच गई है। जबकि 359 मरीजों की मौत हो चुकी है।
पीजीआई में प्रतिदिन 500 से 600 आरटीपीसीआर टेस्ट की जा रही है। प्रशासन के निर्देशानुसार टेस्ट की संख्या बढ़ाने के लिए लैब में प्रशिक्षित कर्मचारियों की भी संख्या बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर विलंब की गुंजाइश न बचे। -डॉ जगतराम, पीजीआई निदेशक