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सरकारी स्कूलों में अब प्राइवेट सोसायटी करेगी बच्चों व शिक्षकों की जांच

Tue, 04 Feb 2020 02:00 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2020 02:00 AM IST
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Now private society will investigate children and teachers in government schools
चंडीगढ़। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में स्कूल विजिट के लिए प्राइवेट सोसायटियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसको लेकर शिक्षकों ने विरोध जाहिर किया है। उनका कहना है प्राइवेट सोसायटियों को ये जिम्मेदारी सौंपना गलत है। शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल विजिट करें और जांच करें, इससे कोई एतराज नहीं हैं। लेकिन सरकारी स्कूलों में प्राइवेट सेक्टर के लोगों को शिक्षकों और विद्यार्थियों की जांच के लिए भेजना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल और हेडमास्टर्स को पत्र लिखकर स्कूल विजिट के बारे में जानकारी दी है। दो प्राइवेट सेंटर सैक्वर फाउंडेशन और श्री ऑरबिंदो सोसायटी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीएसएफ और एसएएस टीम के सदस्य सरकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों और शिक्षकों की कक्षाओं में जाकर क्रिटिकल और क्रिएटिव थिंकिंग (सीसीटी) की जांच करेेंगे। इसके लिए सीएसएफ के सदस्यों अकांक्षा घई, सुरभि, राम्यकृष्ण और नमन शामिल हैं। वहीं श्री ऑरबिंदों सोसायटी की टीम में मनास रंजन त्रिपाठी और प्रशांत राणा रहेंगे। इसको लेकर यूटी कैडर एजुकेशन इंप्लॉइज यूनियन के अध्यक्ष सवर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि शिक्षा विभाग को अपने अधिकारियों को स्कूलों में जांच के लिए भेजना चाहिए। सरकारी स्कूलों की मॉनिटरिंग प्राइवेट हाथों में देना गलत है, हम इसकी निंदा करते हैं।
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