अब सरकारी प्राइमरी स्कूल के छात्रों को मिलेंगे रिपोर्ट कार्ड, हर तीन महीने में होगा मूल्याकंन
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सरकारी प्राइमरी स्कूल के विद्यार्थियों को भी अब रिपोर्ट कार्ड मिलेंगे। रिपोर्ट कार्ड में इन बच्चों की पूरे साल की मूल्यांकन रिपोर्ट होगी। स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह की अगुवाई में चलाए जा रहे पढ़ो पंजाब-पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट के तहत सभी प्राइमरी स्कूलों को रिपोर्ट कार्ड भेज दिए गए हैं।
रिपोर्ट कार्ड को प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के विकास मूल्यांकन के लिए तैयार कराया जा रहा है। पढ़ो पंजाब-पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट के तहत प्री-प्राइमरी-1 और 2 कक्षा के छात्रों के शारीरिक व क्रियात्मक, सामाजिक और भावनात्मक, बौद्धिक भाषा, गणित विकास को जानने और समझने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों का तिमाही मूल्यांकन किया जाएगा। विद्यार्थियों की प्राप्तियों को विभाग द्वारा सुंदर तरीके से रिपोर्ट कार्ड पर भरा जाएगा।
प्री-प्राइमरी के बच्चों की एक्टिविटी का होगा मूल्यांकन
डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि प्री प्राइमरी-1 और 2 में बच्चों की एक्टिविटी जैसे रस्सी कूदना, बाल्टी में गेंद डालना, चित्र में रंग भरना, कागज को फोल्ड करना, पेंसिल को पकड़ने के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सामाजिक समस्या में बच्चों को अपनी जान-पहचान, सभी बच्चों के साथ खेल और बातचीत में शामिल होना। अध्यापकों के साथ बिना डरे बात करना, साफ सुथरा रहना और क्लास में खुश रहने के आधार पर मूल्यांकन होगा।
साल में चार बार होगा मूल्यांकन
वहीं बौद्धिक विकास का मूल्यांकन करने के लिए बच्चों द्वारा आकार और रंग की पहचान करना, वस्तु का वर्गीकरण, पैट्रर्न को पूरा करना, तुलना करने और पजल को हल करने के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। भाषा व ध्वनि और शब्दों की जानकारी, गणित के अंकों के ज्ञान के तहत भाषा और गुणात्मक विकास का मूल्यांकन होगा।
इंद्रजीत सिंह ने बताया कि प्राइमरी क्लास के रिपोर्ट कार्ड के तहत पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के भाषा कौशल जैसे पढ़ने, लिखने, सवाल और पहाड़ों का मूल्यांकन साल में चार बार होगा।
रिपोर्ट कार्ड प्राइमरी वर्ग के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए फायदेमंद होगा। स्कूल के अध्यापकों की ओर से रिपोर्ट कार्ड की प्रशंसा की जा रही है। रिपोर्ट कार्ड अध्यापक को विद्यार्थी की कार्यशैली मापने के लिए ऐसा रिकॉर्ड साबित होंगे, जो साल के दौरान समय समय पर सिखने के स्तर में सुधार को अभिभावकों के सामने पेश कर सकेंगे। इन कार्डो की बनावट भी कलरफुल है, जो विद्यार्थियों को भी आकर्षित करेगी। - डॉ दविंदर बोहा, स्टेट प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर।