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चंडीगढ़ में 24 घंटे पानी सप्लाई के लिए फ्रांस सरकार दे रही 550 करोड़, नगर निगम चुकाएगा ये कर्ज
Wed, 27 Nov 2019 10:58 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2019 10:58 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
चंडीगढ़ में 24 घंटे पानी सप्लाई के लिए फ्रांस सरकार से लिया जाने वाला कर्ज नगर निगम ही चुकाएगा। साल 2027 में शहर को सुविधा मिलने के बाद ही पानी के रेट बढ़ाए जाएंगे। नगर निगम सदन की बैठक में मंगलवार को यह निर्णय लिया गया। 2027 तक निगम को बिना किसी ब्याज के रुपये चुकाना है, इसके बाद 2 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ कर्ज लौटना होगा। निगम ने इस प्रोजेक्ट को स्मार्ट सिटी को देने की बजाय खुद ही चलाने का निर्णय किया है।
प्रशासन ने शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू करने के लिए फ्रांस सरकार को रिपोर्ट सौंपकर 550 करोड़ रुपये मांगें हैं, लेकिन यह तय करना बाकी था कि इस लोन को कौन चुकाएगा। निगम की बैठक में यह तय करने के लिए एजेंडा लाया गया। कमिश्नर केके यादव ने कहा कि उनके पास दो विकल्प हैं। एक स्मार्ट सिटी फ्रांस सरकार से लोन ले और उसके चुकाने की जिम्मेदारी भी ले, लेकिन इस स्थिति में जनस्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से स्मार्ट सिटी के कंट्रोल में आ जाएगा। तब पानी के रेट और अन्य कार्यों में पार्षद व सदन का दखल नहीं रहेगा।
दूसरा, इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी नगर निगम लेता है, लोन भी नगर निगम चुकाता है तो रेट तय करने से लेकर अन्य कार्यों का फैसला सदन ही लेगा। पार्षदों ने कहा कि निगम इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लेने के लिए सक्षम है। उसके बाद तय किया गया कि 2027 तक बिना ब्याज के लोन चुकाना है, इसलिए 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू करने के बाद ही पानी के दाम बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा।
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.. बढ़ गया 30 करोड़ खर्च
शहर को कजौली वाटर वर्क्स के पांचवें और छठे फेज से 29 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिला है। इससे हर साल 30 करोड़ का खर्च और बढ़ जाएगा। एक रिपोर्ट केअनुसार नगर निगम को पानी की सप्लाई से हर साल पहले से ही 80 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। ऐसे में पानी के रेट बढ़ाए बिना घाटा पूरा करना संभव नहीं है। पार्षद हर बार सदन की बैठक में पानी के रेट बढ़ाने का विरोध करते रहे हैं।
शहर की वाटर लाइन को बदला जाएगा
24 घंटे पानी सप्लाई केलिए प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार हो चुका है। प्रोजेक्ट के लिए शहर की पूरी वाटर पाइप लाइन को बदला जाएगा और ओवरहेड टैंकों का शहर में निर्माण किया जाएगा। प्रोजेक्ट को लेकर फ्रांस सरकार का एक डेलीगेशन चंडीगढ़ भी आ चुका है। डेलीगेशन की सहमति के बाद प्रोजेक्ट सरकार को सौंपा गया था। उसके बाद तय करना था कि लोन कौन चुकाएगा।
दिल्ली-हरियाणा से भी कम हैं रेट
चंडीगढ़ में फिलहाल प्रति व्यक्ति औसतन 235 लीटर पानी मिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार 2011 के बाद से पानी केरेट नहीं बढ़ाए गए हैं। वर्तमान रेट दिल्ली-हरियाणा से भी कम है। रेट को बढ़ाए बिना घाटा पूरा करना निगम के लिए संभव नहीं है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू होने से लोग स्टोरेज नहीं करेंगे। इससे पानी की बचत होगी।
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प्रशासन ने शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू करने के लिए फ्रांस सरकार को रिपोर्ट सौंपकर 550 करोड़ रुपये मांगें हैं, लेकिन यह तय करना बाकी था कि इस लोन को कौन चुकाएगा। निगम की बैठक में यह तय करने के लिए एजेंडा लाया गया। कमिश्नर केके यादव ने कहा कि उनके पास दो विकल्प हैं। एक स्मार्ट सिटी फ्रांस सरकार से लोन ले और उसके चुकाने की जिम्मेदारी भी ले, लेकिन इस स्थिति में जनस्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से स्मार्ट सिटी के कंट्रोल में आ जाएगा। तब पानी के रेट और अन्य कार्यों में पार्षद व सदन का दखल नहीं रहेगा।
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दूसरा, इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी नगर निगम लेता है, लोन भी नगर निगम चुकाता है तो रेट तय करने से लेकर अन्य कार्यों का फैसला सदन ही लेगा। पार्षदों ने कहा कि निगम इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लेने के लिए सक्षम है। उसके बाद तय किया गया कि 2027 तक बिना ब्याज के लोन चुकाना है, इसलिए 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू करने के बाद ही पानी के दाम बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा।
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.. बढ़ गया 30 करोड़ खर्च
शहर को कजौली वाटर वर्क्स के पांचवें और छठे फेज से 29 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिला है। इससे हर साल 30 करोड़ का खर्च और बढ़ जाएगा। एक रिपोर्ट केअनुसार नगर निगम को पानी की सप्लाई से हर साल पहले से ही 80 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। ऐसे में पानी के रेट बढ़ाए बिना घाटा पूरा करना संभव नहीं है। पार्षद हर बार सदन की बैठक में पानी के रेट बढ़ाने का विरोध करते रहे हैं।
शहर की वाटर लाइन को बदला जाएगा
24 घंटे पानी सप्लाई केलिए प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार हो चुका है। प्रोजेक्ट के लिए शहर की पूरी वाटर पाइप लाइन को बदला जाएगा और ओवरहेड टैंकों का शहर में निर्माण किया जाएगा। प्रोजेक्ट को लेकर फ्रांस सरकार का एक डेलीगेशन चंडीगढ़ भी आ चुका है। डेलीगेशन की सहमति के बाद प्रोजेक्ट सरकार को सौंपा गया था। उसके बाद तय करना था कि लोन कौन चुकाएगा।
दिल्ली-हरियाणा से भी कम हैं रेट
चंडीगढ़ में फिलहाल प्रति व्यक्ति औसतन 235 लीटर पानी मिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार 2011 के बाद से पानी केरेट नहीं बढ़ाए गए हैं। वर्तमान रेट दिल्ली-हरियाणा से भी कम है। रेट को बढ़ाए बिना घाटा पूरा करना निगम के लिए संभव नहीं है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू होने से लोग स्टोरेज नहीं करेंगे। इससे पानी की बचत होगी।